विस्फोटकों से लदे ऑटो रिक्शा के जरिए भीड़भाड़ वाले इलाके को बनाया निशाना, 9 लोगों की मौत और दर्जनों घायल

सुरक्षा अधिकारियों से प्राप्त प्रारंभिक सूचनाओं के अनुसार, यह एक सुनियोजित आत्मघाती हमला था जिसमें हमलावर ने बेहद घातक रणनीति अपनाई थी। हमलावर विस्फोटकों से लदे एक ऑटो रिक्शा को चलाकर बाजार के सबसे व्यस्त हिस्से, फाटक चौक तक ले गया। जैसे ही

May 13, 2026 - 08:51
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विस्फोटकों से लदे ऑटो रिक्शा के जरिए भीड़भाड़ वाले इलाके को बनाया निशाना, 9 लोगों की मौत और दर्जनों घायल
विस्फोटकों से लदे ऑटो रिक्शा के जरिए भीड़भाड़ वाले इलाके को बनाया निशाना, 9 लोगों की मौत और दर्जनों घायल
  • पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में भीषण आत्मघाती धमाका, लक्की मरवत के नौरंग बाजार में मची भारी तबाही
  • अशांत प्रांत में सुरक्षा बलों और आम नागरिकों पर आतंकी हमला, फाटक चौक पर मलबे और चीख-पुकार के बीच बचाव कार्य जारी

पाकिस्तान का उत्तर-पश्चिमी सीमावर्ती प्रांत खैबर पख्तूनख्वा एक बार फिर भीषण आतंकी हिंसा की चपेट में आ गया है। मंगलवार को लक्की मरवत जिले के नौरंग बाजार में हुए एक घातक आत्मघाती विस्फोट ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। यह धमाका उस समय हुआ जब बाजार अपने पूरे शबाब पर था और लोग खरीदारी में मशगूल थे। नौरंग बाजार इस क्षेत्र का एक प्रमुख व्यावसायिक केंद्र माना जाता है, जहां हर समय व्यापारियों और स्थानीय निवासियों की भारी आवाजाही बनी रहती है। अचानक हुए इस शक्तिशाली विस्फोट की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई, जिससे आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धमाका इतना जबरदस्त था कि पास की इमारतों की खिड़कियों के कांच टूट गए और कई दुकानों को भारी नुकसान पहुंचा है।

सुरक्षा अधिकारियों से प्राप्त प्रारंभिक सूचनाओं के अनुसार, यह एक सुनियोजित आत्मघाती हमला था जिसमें हमलावर ने बेहद घातक रणनीति अपनाई थी। हमलावर विस्फोटकों से लदे एक ऑटो रिक्शा को चलाकर बाजार के सबसे व्यस्त हिस्से, फाटक चौक तक ले गया। जैसे ही वह भीड़ के केंद्र में पहुँचा, उसने खुद को और वाहन को उड़ा लिया। ऑटो रिक्शा में बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री रखी गई थी ताकि अधिक से अधिक जनहानि सुनिश्चित की जा सके। धमाके के तुरंत बाद पूरे इलाके में धुएं का गुबार छा गया और हर तरफ मानव अंग और क्षतिग्रस्त वाहनों के अवशेष बिखर गए। इस हमले ने एक बार फिर खैबर पख्तूनख्वा में सक्रिय चरमपंथी समूहों की बढ़ती क्षमताओं और सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने की उनकी क्षमता को दर्शाया है। इस दुखद घटना में अब तक कम से कम 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें दो सुरक्षा अधिकारी भी शामिल हैं जो उस समय ड्यूटी पर तैनात थे। मृतकों के अलावा 35 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें स्थानीय लोगों और बचाव दलों की मदद से नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया है। घायलों में कई की स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है, जिसके कारण मरने वालों की संख्या में और वृद्धि होने की आशंका जताई जा रही है। जिला पुलिस के उच्चाधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया और बताया कि हमलावर का मुख्य लक्ष्य संभवतः वहां मौजूद सुरक्षा बल के जवान थे, लेकिन बाजार की भीड़ के कारण आम नागरिक सबसे अधिक इसकी चपेट में आए। अस्पतालों में आपातकाल घोषित कर दिया गया है और खून की कमी को पूरा करने के लिए स्थानीय युवाओं से रक्तदान की अपील की जा रही है।

आतंकवाद का केंद्र बनता खैबर पख्तूनख्वा

पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान के इस प्रांत में आतंकी घटनाओं में अप्रत्याशित तेजी देखी गई है। अफगानिस्तान की सीमा से सटे होने के कारण लक्की मरवत और आसपास के जिले लंबे समय से सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। यहां अक्सर सुरक्षा बलों के काफिलों और सार्वजनिक स्थानों को निशाना बनाया जाता रहा है, जिससे सामान्य जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।

धमाके के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों ने पूरे नौरंग बाजार इलाके को चारों तरफ से घेर लिया है और घेराबंदी कर दी है। बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं और कोई सक्रिय विस्फोटक तो नहीं छिपाया गया है। पुलिस ने घटनास्थल से आत्मघाती हमलावर के शरीर के अवशेषों और विस्फोट में प्रयुक्त ऑटो रिक्शा के टुकड़ों को फोरेंसिक जांच के लिए एकत्र कर लिया है। सुरक्षा एजेंसियों ने इस बात की तफ्तीश शुरू कर दी है कि हमलावर कहां से आया था और उसे इस हमले के लिए रसद और विस्फोटक कहां से उपलब्ध कराए गए थे। इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को भी खंगाला जा रहा है ताकि हमले से पहले की गतिविधियों का पता लगाया जा सके।

खैबर पख्तूनख्वा में बढ़ती हिंसा की घटनाओं ने पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा नीति पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। लक्की मरवत जिला विशेष रूप से उग्रवादियों के निशाने पर रहा है, क्योंकि यह क्षेत्र भौगोलिक रूप से बेहद जटिल है और यहां छिपे हुए समूहों को स्थानीय स्तर पर सक्रिय रहने में आसानी होती है। इस आत्मघाती हमले ने स्थानीय व्यापारियों में भी रोष पैदा कर दिया है, जो लंबे समय से सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। बाजार के व्यापारियों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से न केवल जान-माल का नुकसान होता है, बल्कि पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था भी चौपट हो जाती है। डर के कारण लोग अब सार्वजनिक स्थानों और बाजारों में जाने से कतराने लगे हैं, जिसका सीधा असर छोटे दुकानदारों की रोजी-रोटी पर पड़ रहा है। अस्पतालों में भर्ती घायलों की कहानियाँ अत्यंत मार्मिक हैं। कई परिवारों ने अपने इकलौते कमाऊ सदस्यों को खो दिया है, जबकि कई बच्चे इस धमाके की चपेट में आकर गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं। राहत और बचाव कार्य में जुटे कर्मियों का कहना है कि धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कुछ लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। प्रांतीय सरकार ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है और इसे कायरतापूर्ण कृत्य करार दिया है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि पीड़ितों को मुआवजा दिया जाएगा और अपराधियों को कानून के कटघरे में लाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे, हालांकि जमीनी स्तर पर सुरक्षा की स्थिति में सुधार के दावों पर स्थानीय जनता का विश्वास डगमगा रहा है।

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