लाडली बहना योजना की 36वीं किस्त का इंतजार खत्म- इस दिन महिलाओं के खाते में आएंगे 1500 रुपये

हालांकि, 36वीं किस्त के साथ ही एक चिंताजनक खबर भी सामने आई है कि प्रदेश की करीब एक लाख से अधिक महिलाओं के नाम लाभार्थी सूची से हटा दिए गए हैं। इसका मुख्य कारण अपात्रता और ई-केवाईसी प्रक्रिया का पूरा न होना बताया जा रहा है। जांच के दौरान पाया गया कि कई महिलाएं अब योजना की शर्तों को पूरा नहीं कर रही

May 11, 2026 - 11:33
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लाडली बहना योजना की 36वीं किस्त का इंतजार खत्म- इस दिन महिलाओं के खाते में आएंगे 1500 रुपये
लाडली बहना योजना की 36वीं किस्त का इंतजार खत्म- इस दिन महिलाओं के खाते में आएंगे 1500 रुपये

  • लाभार्थी सूची में हुए बड़े बदलाव: जानें किन महिलाओं को मिलेगा योजना का लाभ और किनके नाम कटे
  • बजट में बड़ी वृद्धि और भविष्य की योजनाएं: मुख्यमंत्री मोहन यादव सिंगल क्लिक से करोड़ों बहनों को देंगे सौगात

मध्य प्रदेश की सबसे लोकप्रिय और महत्वाकांक्षी कल्याणकारी योजनाओं में से एक, मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना के लाभार्थियों के लिए एक बेहद उत्साहजनक खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने योजना की 36वीं किस्त जारी करने की पूरी तैयारी कर ली है, जिससे करोड़ों महिलाओं के जीवन में एक बार फिर आर्थिक संबल मिलने जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, इस बार भी लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे 1500 रुपये की राशि हस्तांतरित की जाएगी। यह कदम महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिमाह एक निश्चित वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इस किस्त का वितरण राज्य के विभिन्न हिस्सों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री स्वयं शामिल होंगे।

मई 2026 की इस महत्वपूर्ण किस्त के हस्तांतरण की तिथि को लेकर जो ताजा अपडेट आए हैं, उनके अनुसार 13 मई 2026 वह ऐतिहासिक दिन होगा जब प्रदेश की सवा करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में पैसे भेजे जाएंगे। सामान्य तौर पर इस योजना की राशि महीने की 10 तारीख तक आती है, लेकिन इस बार कुछ प्रशासनिक कारणों और विशेष कार्यक्रमों के आयोजन के चलते तिथि में आंशिक परिवर्तन किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव अंतर्गत मुंगवानी गांव में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान सिंगल क्लिक के माध्यम से रिमोट का बटन दबाकर राशि का भुगतान करेंगे। इस आयोजन की तैयारियां जिला प्रशासन द्वारा युद्ध स्तर पर की जा रही हैं और लाभार्थियों के बीच इसे लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है। योजना के वित्तीय पहलुओं पर नजर डालें तो इस बार वितरित की जाने वाली राशि में पिछली घोषणाओं के अनुरूप वृद्धि को बरकरार रखा गया है। शुरुआत में 1000 रुपये से शुरू हुई यह यात्रा अब 1500 रुपये प्रतिमाह तक पहुंच चुकी है। सरकार का लक्ष्य इसे धीरे-धीरे बढ़ाकर 3000 रुपये तक ले जाना है। इस महीने की किस्त के लिए सरकार ने लगभग 1836 करोड़ रुपये से अधिक का बजट आवंटित किया है। यह भारी-भरकम राशि सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से उन महिलाओं के खातों में पहुंचेगी जिनका बैंक खाता आधार से लिंक है और सक्रिय स्थिति में है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अब तक इस योजना के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक उत्थान के लिए 54,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जा चुकी है।

पात्रता और ई-केवाईसी अनिवार्य

योजना का लाभ निरंतर प्राप्त करने के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया का पूर्ण होना अनिवार्य है। जिन महिलाओं ने अब तक अपनी समग्र आईडी और बैंक खाते का सत्यापन नहीं कराया है, उन्हें किस्त प्राप्त करने में कठिनाई हो सकती है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि केवल पात्र और सक्रिय लाभार्थियों को ही यह राशि प्रदान की जाएगी।

हालांकि, 36वीं किस्त के साथ ही एक चिंताजनक खबर भी सामने आई है कि प्रदेश की करीब एक लाख से अधिक महिलाओं के नाम लाभार्थी सूची से हटा दिए गए हैं। इसका मुख्य कारण अपात्रता और ई-केवाईसी प्रक्रिया का पूरा न होना बताया जा रहा है। जांच के दौरान पाया गया कि कई महिलाएं अब योजना की शर्तों को पूरा नहीं कर रही हैं या उनके दस्तावेजों में गड़बड़ियां हैं। ऐसी स्थिति में, महिलाओं को सलाह दी जाती है कि वे किस्त आने से पहले योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपना नाम 'अनंतिम सूची' या 'अंतिम सूची' में जरूर चेक कर लें। यदि किसी का नाम सूची में नहीं है, तो उन्हें तुरंत अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र या पंचायत कार्यालय में संपर्क कर सुधार कार्य करवाना चाहिए ताकि भविष्य की किस्तें बाधित न हों।

किस्त की स्थिति और भुगतान का विवरण चेक करने की प्रक्रिया को सरकार ने अब पहले से कहीं अधिक सरल और डिजिटल बना दिया है। लाभार्थी महिलाएं लाडली बहना योजना की आधिकारिक वेबसाइट (cmladlibahna.mp.gov.in) पर जाकर 'आवेदन एवं भुगतान की स्थिति' विकल्प का चयन कर सकती हैं। वहां अपनी समग्र आईडी या पंजीकरण संख्या दर्ज करने के बाद मोबाइल पर प्राप्त होने वाले ओटीपी के जरिए लॉग-इन किया जा सकता है। इसके बाद स्क्रीन पर अब तक प्राप्त हुई सभी किस्तों का विवरण और आने वाली 36वीं किस्त का स्टेटस दिखाई देगा। इसके अतिरिक्त, लाभार्थी अपने बैंक में जाकर पासबुक अपडेट करा सकते हैं या टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 181 पर कॉल करके भी अपनी सहायता राशि के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इस योजना ने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की गरीब और मध्यम वर्गीय महिलाओं की क्रय शक्ति में उल्लेखनीय सुधार किया है। महिलाएं इस राशि का उपयोग अपने बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों और छोटे-मोटे घरेलू खर्चों को पूरा करने के लिए कर रही हैं। सरकार का मानना है कि जब एक महिला आर्थिक रूप से सक्षम होती है, तो उसका पूरा परिवार और समाज विकास की राह पर अग्रसर होता है। मुख्यमंत्री ने अपने कई संबोधनों में इस बात पर जोर दिया है कि यह केवल एक योजना नहीं है, बल्कि प्रदेश की बहनों के प्रति भाई का प्रेम और जिम्मेदारी है। भविष्य में इस योजना का दायरा बढ़ाकर इसमें और भी नई श्रेणियों की महिलाओं को जोड़ने पर विचार किया जा रहा है ताकि कोई भी पात्र वंचित न रहे।

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