महाठग सुकेश का मुख्य हवाला ऑपरेटर दुबई से गिरफ्तार, 5 साल बाद चढ़ा पुलिस के हत्थे।

करोड़ों रुपये की ठगी और रंगदारी के मामले में जेल में बंद महाठग सुकेश चंद्रशेखर के खिलाफ कानून का शिकंजा और कस गया है।

May 6, 2026 - 12:49
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महाठग सुकेश का मुख्य हवाला ऑपरेटर दुबई से गिरफ्तार, 5 साल बाद चढ़ा पुलिस के हत्थे।
महाठग सुकेश का मुख्य हवाला ऑपरेटर दुबई से गिरफ्तार, 5 साल बाद चढ़ा पुलिस के हत्थे।
  • ईओडब्ल्यू की बड़ी कार्रवाई, सुकेश चंद्रशेखर का 'वित्तीय दिमाग' नवाज कक्काट इस्माइल भारत लाया गया
  • हवाला के जरिए करोड़ों की हेराफेरी करने वाला आरोपी गिरफ्तार, सुकेश के सिंडिकेट को लगा बड़ा झटका

करोड़ों रुपये की ठगी और रंगदारी के मामले में जेल में बंद महाठग सुकेश चंद्रशेखर के खिलाफ कानून का शिकंजा और कस गया है। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए सुकेश के सबसे करीबी सहयोगी और मुख्य हवाला ऑपरेटर को दुबई से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। आरोपी, जो पिछले लगभग पांच वर्षों से फरार था, सुकेश के वित्तीय साम्राज्य की रीढ़ माना जाता था और विदेशों में धन भेजने व उसे वैध बनाने के जटिल जाल को संभालने का काम करता था। इस गिरफ्तारी को जांच एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है, क्योंकि यह सुकेश के अवैध कारोबार के अंतरराष्ट्रीय संपर्कों का कच्चा चिट्ठा खोलने की क्षमता रखती है। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने मंगलवार, 5 मई 2026 को आधिकारिक तौर पर पुष्टि की कि उन्होंने सुकेश चंद्रशेखर के सिंडिकेट के एक महत्वपूर्ण सदस्य, नवाज कक्काट इस्माइल उर्फ नवाज केआई को गिरफ्तार कर लिया है। नवाज को दुबई (संयुक्त अरब अमीरात) में हिरासत में लिया गया था, जिसके बाद उसे प्रत्यर्पण प्रक्रिया के जरिए भारत लाया गया। 55 वर्षीय नवाज, जो मूल रूप से केरल के कोच्चि का रहने वाला है, साल 2021 से ही कानून की नजरों से बचकर भाग रहा था। उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था, जिसके आधार पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी तलाश की जा रही थी। उसे दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचते ही हिरासत में ले लिया गया और अब वह पुलिस रिमांड में है।

नवाज कक्काट इस्माइल की भूमिका सुकेश चंद्रशेखर के आपराधिक सिंडिकेट में बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण थी। जांच के अनुसार, वह सुकेश के लिए 'मनी लॉन्ड्रिंग' और 'हवाला' नेटवर्क का प्रमुख संचालक था। जब सुकेश रोहिणी जेल के अंदर बैठकर हाई-प्रोफाइल लोगों से करोड़ों रुपये की वसूली कर रहा था, तब नवाज उस रकम को विभिन्न परतों (layering) में छिपाने और उसे दुबई जैसे देशों में सुरक्षित रूप से स्थानांतरित करने का काम देख रहा था। पुलिस का मानना है कि नवाज ने ही 200 करोड़ रुपये से अधिक की रंगदारी की राशि को ठिकाने लगाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई थी। उसकी गिरफ्तारी से अब यह साफ हो सकेगा कि ठगी का पैसा किन-किन देशों में और किन संपत्तियों में निवेश किया गया है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि नवाज कक्काट इस्माइल का सुकेश के सिंडिकेट में प्रवेश सुकेश की पत्नी लीना मारिया पॉल के जरिए हुआ था। नवाज शुरुआत में कोच्चि में इंटीरियर प्रोडक्शन के व्यवसाय से जुड़ा हुआ था, लेकिन लीना के संपर्क में आने के बाद वह इस काले कारोबार का हिस्सा बन गया। धीरे-धीरे उसने सुकेश का विश्वास जीत लिया और उसके वित्तीय लेनदेन का मुख्य आधार बन गया। उसने न केवल भारत के भीतर बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हवाला के रास्ते तैयार किए थे, जिससे जांच एजेंसियों के लिए पैसों के स्रोत का पता लगाना लगभग नामुमकिन हो गया था। अब शुरुआती पूछताछ में उसने सिंडिकेट के साथ अपने संबंधों और धन के हस्तांतरण की बात स्वीकार कर ली है।

रेड कॉर्नर नोटिस और अंतरराष्ट्रीय समन्वय

इस मामले में आरोपी को पकड़ने के लिए इंटरपोल की मदद ली गई थी। दिल्ली पुलिस की ईओडब्ल्यू ने इंटरपोल के माध्यम से नवाज के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया था। इसके बाद अबू धाबी और दुबई के अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय स्थापित किया गया। जब नवाज की लोकेशन ट्रेस हुई, तो उसे वहां हिरासत में लिया गया और भारत सरकार के अनुरोध पर उसे डिपोर्ट कर दिया गया। यह ऑपरेशन अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बढ़ते तालमेल का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

नवाज की गिरफ्तारी उस मामले से जुड़ी है जिसमें सुकेश चंद्रशेखर पर फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह की पत्नी अदिति सिंह से 217 करोड़ रुपये की रंगदारी वसूलने का आरोप है। सुकेश ने खुद को सरकारी अधिकारी बताकर यह बड़ी ठगी की थी। इस मामले में अब तक सुकेश और उसकी पत्नी समेत कुल 22 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। नवाज उन आरोपियों में शामिल था जो लंबे समय से फरार चल रहे थे और जिनके बिना पैसों की कड़ियों को जोड़ना मुश्किल हो रहा था। दिल्ली की एक अदालत ने नवाज को 10 दिनों की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है, ताकि उससे विस्तृत पूछताछ की जा सके और उन खातों का पता लगाया जा सके जहां ठगी की राशि जमा की गई है। जांच अधिकारियों के अनुसार, नवाज से पूछताछ में कई नए खुलासे होने की उम्मीद है। वह जानता है कि सुकेश ने जेल से जो फिरौती वसूली थी, उसका कितना हिस्सा नकद में रहा और कितना डिजिटल या अन्य माध्यमों से विदेशों में भेजा गया। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या दुबई में नवाज ने सुकेश के लिए कोई बेनामी संपत्तियां खरीदी थीं। चूंकि सुकेश चंद्रशेखर के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) के तहत भी मामला दर्ज है, इसलिए नवाज की गवाही और उससे प्राप्त जानकारी इस संगठित गिरोह की कमर तोड़ने में सहायक साबित होगी। जांच एजेंसियां अब उन स्थानीय एजेंटों की भी तलाश कर रही हैं जो नवाज के इशारे पर काम कर रहे थे।

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