काठमांडू एयरपोर्ट पर टला बड़ा विमान हादसा- लैंडिंग के वक्त टर्किश एयरलाइंस के टायर में लगी आग, बाल-बाल बचे 289 लोग
एयरपोर्ट पर तैनात दमकल कर्मियों ने बिना समय गंवाए कुछ ही मिनटों के भीतर आग पर पूरी तरह काबू पा लिया, जिससे एक बड़ी त्रासदी रुक गई। आग बुझने के तुरंत बाद विमान के आपातकालीन द्वारों (इमरजेंसी एग्जिट) को खोल दिया गया और स्लाइडर्स के माध्यम से सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। राहत की बात यह र
- रनवे पर धधक उठा विमान का लैंडिंग गियर: दमकल कर्मियों की मुस्तैदी से बुझाई गई लपटें, यात्रियों को इमरजेंसी डोर से सुरक्षित निकाला
- त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मची अफरा-तफरी: इस्तांबुल से आ रहे विमान में सवार थे संयुक्त राष्ट्र के अधिकारी, घंटों बाधित रहा हवाई परिचालन
नेपाल की राजधानी काठमांडू स्थित त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सोमवार की सुबह एक भीषण विमान हादसा होते-होते टल गया। इस्तांबुल से आए टर्किश एयरलाइंस के विमान (फ्लाइट नंबर TK726) के टायर में लैंडिंग के ठीक बाद अचानक भीषण आग लग गई। जैसे ही विमान के पहियों ने रनवे को छुआ, घर्षण या तकनीकी खराबी के कारण दाहिने लैंडिंग गियर से लपटें और धुएं का काला गुबार निकलने लगा। विमान में उस समय 278 यात्री और 11 क्रू सदस्य सवार थे, जिनकी जान पर संकट मंडराने लगा था। पायलटों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए विमान को तुरंत रनवे पर ही रोक दिया और एयरपोर्ट कंट्रोल टॉवर को इसकी सूचना दी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एयरपोर्ट पर तुरंत रेड अलर्ट जारी कर दिया गया और दमकल की गाड़ियां रनवे की ओर दौड़ पड़ीं। एयरपोर्ट पर तैनात दमकल कर्मियों ने बिना समय गंवाए कुछ ही मिनटों के भीतर आग पर पूरी तरह काबू पा लिया, जिससे एक बड़ी त्रासदी रुक गई। आग बुझने के तुरंत बाद विमान के आपातकालीन द्वारों (इमरजेंसी एग्जिट) को खोल दिया गया और स्लाइडर्स के माध्यम से सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। राहत की बात यह रही कि इस पूरे घटनाक्रम में किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई। विमान में सवार यात्रियों में संयुक्त राष्ट्र (UN) के कुछ वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे, जो आधिकारिक कार्य से नेपाल आ रहे थे। बचाव दल ने सभी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया, जिसके बाद यात्रियों के चेहरों पर राहत के साथ-साथ एक बड़ा हादसा टल जाने का खौफ भी साफ देखा जा सकता था।
प्रारंभिक जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विमान के दाहिने हिस्से के टायर से चिंगारी निकलनी शुरू हुई थी जो देखते ही देखते लपटों में बदल गई। नेपाल नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, सुबह लगभग 6:45 बजे जब विमान टचडाउन कर रहा था, तभी यह तकनीकी खराबी आई। हवाई अड्डे के सुरक्षा अधीक्षक राज कुमार सिलवाल ने पुष्टि की है कि दमकल के इंजन ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और आग को इंजन या विंग्स तक फैलने से पहले ही नियंत्रित कर लिया गया। यदि आग फैलती, तो विमान में मौजूद ईंधन के कारण एक बड़ा विस्फोट हो सकता था। फिलहाल विमान को रनवे से हटाकर तकनीकी जांच के लिए भेज दिया गया है। हवाई अड्डे के फायर ब्रिगेड और सुरक्षा अधिकारियों की त्वरित प्रतिक्रिया ने साबित कर दिया कि आपातकालीन स्थितियों के लिए किए गए मॉक ड्रिल कितने महत्वपूर्ण होते हैं। मात्र 10 मिनट के भीतर पूरी बचाव प्रक्रिया संपन्न कर ली गई। इस घटना के कारण त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर करीब डेढ़ घंटे तक उड़ानों का परिचालन पूरी तरह से ठप रहा। रनवे पर विमान के फंसे होने के कारण काठमांडू आने वाली कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को बीच रास्ते से ही डायवर्ट करना पड़ा, जबकि कई विमानों ने आकाश में ही चक्कर लगाए। स्थिति सामान्य होने और रनवे की तकनीकी जांच पूरी होने के बाद सुबह 8:30 बजे से हवाई अड्डे को दोबारा खोला गया। एयर इंडिया और फ्लाई दुबई जैसे विमानों को सबसे पहले लैंडिंग की अनुमति दी गई। अधिकारियों ने बताया कि रनवे पर किसी प्रकार का मलबा न रहे, इसके लिए विशेष टीम ने पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया ताकि अन्य विमानों के टायरों को कोई नुकसान न हो।
टर्किश एयरलाइंस के लिए काठमांडू का यह रनवे पहले भी चुनौतीपूर्ण रहा है। गौरतलब है कि साल 2015 में भी इसी एयरलाइन का एक विमान कोहरे के कारण लैंडिंग के वक्त रनवे से फिसलकर घास के मैदान में जा धंसा था, जिसके कारण काठमांडू एयरपोर्ट चार दिनों तक बंद रहा था। वर्तमान घटना ने एक बार फिर नेपाल के इकलौते अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की भौगोलिक चुनौतियों और विमानों के रखरखाव पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नेपाल का पथरीला और पहाड़ी इलाका विमानन क्षेत्र के लिए हमेशा से संवेदनशील रहा है, जहाँ मौसम पल-पल बदलता रहता है। हालांकि, सोमवार की सुबह मौसम साफ था, इसलिए प्रथम दृष्टया इसे विमान के टायर में घर्षण या ब्रेक सिस्टम की खराबी माना जा रहा है। विमान में सवार यात्रियों ने सुरक्षित बाहर निकलने के बाद हवाई अड्डा प्रशासन और बचाव दल का आभार जताया। संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों की मौजूदगी के कारण यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत अब विमान के 'ब्लैक बॉक्स' की जांच की जाएगी ताकि यह पता चल सके कि लैंडिंग के दौरान पायलटों को किसी पूर्व चेतावनी का संकेत मिला था या नहीं। टर्किश एयरलाइंस ने अभी तक इस घटना पर कोई आधिकारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया है, लेकिन उन्होंने यात्रियों के सुरक्षित होने की पुष्टि की है। यात्रियों के सामान को भी सावधानीपूर्वक विमान से निकालकर उन्हें सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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