कानपुर के व्यस्त चौराहे पर छेड़छाड़ कर रहे युवक की महिला ने चप्पल से सरेराह की जमकर धुनाई

घटनास्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार, युवक काफी समय से महिला को परेशान कर रहा था और बार-बार अश्लील टिप्पणियां कर रहा था। महिला ने जैसे ही उस पर प्रहार करना शुरू किया, आसपास की भीड़ भी वहां एकत्रित हो गई। महिला ने पूरी बहादुरी के साथ न केवल उसे पीटा बल्कि उसे फटकार

May 13, 2026 - 09:36
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कानपुर के व्यस्त चौराहे पर छेड़छाड़ कर रहे युवक की महिला ने चप्पल से सरेराह की जमकर धुनाई
कानपुर के व्यस्त चौराहे पर छेड़छाड़ कर रहे युवक की महिला ने चप्पल से सरेराह की जमकर धुनाई

  • सुरक्षा का जिम्मा खुद संभाला: कानपुर में मनचले की बदतमीजी पर भड़की महिला, बीच सड़क 'ऑन द स्पॉट' न्याय देख दंग रह गए राहगीर
  • अपराध के खिलाफ साहसी कदम: शोहदे की चप्पल से पिटाई का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन हुआ सक्रिय, महिला के हौसले की हर तरफ प्रशंसा

उत्तर प्रदेश के औद्योगिक केंद्र कानपुर में कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर चल रहे अभियानों के बीच एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने समाज को नारी के सशक्त और साहसी स्वरूप का परिचय कराया है। कानपुर के एक बेहद व्यस्त बाजार वाले इलाके में अपने काम से जा रही एक महिला के साथ एक युवक ने कथित तौर पर अश्लील फब्तियां कसीं और पीछा करते हुए उसे परेशान करने की कोशिश की। शुरुआत में महिला ने उसे नजरअंदाज किया, लेकिन जब युवक की बदतमीजी की सीमा पार हो गई और उसने शारीरिक रूप से करीब आने का दुस्साहस किया, तो महिला का धैर्य जवाब दे गया। महिला ने बिना किसी डर के तुरंत अपना पैर पीछे खींचते हुए अपनी चप्पल निकाली और बीच सड़क पर ही उस मनचले को सबक सिखाना शुरू कर दिया। यह घटना इतनी अचानक हुई कि आरोपी को संभलने तक का मौका नहीं मिला और वह भीड़ के सामने लाचार नजर आया।

घटनास्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार, युवक काफी समय से महिला को परेशान कर रहा था और बार-बार अश्लील टिप्पणियां कर रहा था। महिला ने जैसे ही उस पर प्रहार करना शुरू किया, आसपास की भीड़ भी वहां एकत्रित हो गई। महिला ने पूरी बहादुरी के साथ न केवल उसे पीटा बल्कि उसे फटकार लगाते हुए यह भी कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं का सम्मान करना कितना जरूरी है। वहां मौजूद कुछ लोगों ने इस पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया, जिसमें स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि महिला किस तरह आत्मरक्षा में उस युवक को सबक सिखा रही है। इस दौरान आरोपी युवक लगातार माफी मांगता रहा और वहां से भागने की फिराक में दिखा, लेकिन महिला ने उसे पुलिस के हवाले करने की बात कहते हुए पकड़ कर रखा। कानपुर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे 'मिशन शक्ति' अभियान के तहत महिलाओं को आत्मरक्षा के लिए प्रेरित किया जा रहा है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, शहर में पिछले कुछ महीनों में महिलाओं द्वारा मनचलों को सबक सिखाने की कई घटनाएं दर्ज की गई हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि अब महिलाएं सहायता का इंतजार करने के बजाय खुद मुकाबला करने को तैयार हैं।

समाज में महिलाओं के प्रति बढ़ती संवेदनशीलता और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता का यह एक जीवंत उदाहरण है। इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस को सूचित किया गया, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की हरकतें करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। महिला के इस साहसिक कदम ने उन तमाम लड़कियों और महिलाओं को एक कड़ा संदेश दिया है जो अक्सर इस तरह की छेड़छाड़ का शिकार होती हैं और लोकलाज या डर के कारण चुप रह जाती हैं। यह घटना यह भी दर्शाती है कि यदि समाज और राहगीर भी समय पर हस्तक्षेप करें, तो अपराधियों के हौसले पस्त किए जा सकते हैं। इस मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत पुलिस ने महिला की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी की है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शहर के कुछ खास इलाकों में शाम के समय मनचलों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे महिलाओं का निकलना मुश्किल हो जाता है। महिला ने जिस तरह से चप्पल का इस्तेमाल कर आरोपी को पीटा, उसने यह संदेश फैला दिया है कि अब महिलाएं अबला नहीं हैं। घटना के बाद सोशल मीडिया पर वीडियो फैलने से लोग महिला की हिम्मत की सराहना कर रहे हैं और कह रहे हैं कि ऐसे अपराधियों के साथ यही व्यवहार उचित है ताकि वे दोबारा किसी और महिला की तरफ गलत नजर डालने से पहले सौ बार सोचें।

सुरक्षा की दृष्टि से देखा जाए तो कानपुर जैसे बड़े शहर में भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की गश्त बढ़ाने की मांग भी उठी है। हालांकि, इस घटना ने यह सिद्ध कर दिया है कि पुलिस की उपस्थिति से भी ज्यादा जरूरी समाज की वह चेतना है जहां एक महिला खुद को सुरक्षित महसूस करे और गलत का विरोध करने की ताकत रखे। महिला ने पिटाई के दौरान आरोपी को जो नसीहतें दीं, वे केवल उस एक युवक के लिए नहीं बल्कि समाज की उस विकृत मानसिकता के लिए थीं जो महिलाओं को केवल उपभोग की वस्तु समझती है। इस प्रकरण ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि क्या अपराधियों को सजा देने का यह तात्कालिक तरीका भविष्य के अपराधों को रोकने में सहायक होगा। प्रशासनिक स्तर पर भी इस घटना का संज्ञान लिया गया है। महिला हेल्प डेस्क और एंटी रोमियो स्क्वाड को अधिक सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस का कहना है कि जो महिलाएं इस तरह की हिम्मत दिखाती हैं, उन्हें सम्मानित भी किया जाना चाहिए ताकि अन्य महिलाओं का मनोबल बढ़े। कानपुर के इस मामले ने अन्य जिलों की पुलिस के लिए भी एक उदाहरण पेश किया है कि किस प्रकार त्वरित कार्रवाई और जनभागीदारी से सड़क छाप मजनुओं पर लगाम लगाई जा सकती है। आरोपी युवक की पहचान होने के बाद उसके परिजनों को भी सूचित किया गया है और उसके पुराने रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि वह पहले भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल रहा है या नहीं।

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