सऊदी अरब सीमा के पास मिला कच्चे तेल का खजाना, इराक की अर्थव्यवस्था और तेल उत्पादन क्षमता को मिलेगी नई ऊर्जा

इराक के तेल मंत्री हयान अब्देल गनी ने इस खोज के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह परियोजना देश के तेल प्रोजेक्ट्स के लक्ष्यों को समय पर हासिल करने में सहायक होगी। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि काम के चरणों में तेजी ला

May 9, 2026 - 09:22
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सऊदी अरब सीमा के पास मिला कच्चे तेल का खजाना, इराक की अर्थव्यवस्था और तेल उत्पादन क्षमता को मिलेगी नई ऊर्जा
सऊदी अरब सीमा के पास मिला कच्चे तेल का खजाना, इराक की अर्थव्यवस्था और तेल उत्पादन क्षमता को मिलेगी नई ऊर्जा
  • इराक के ऊर्जा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि, नजफ के 'कुरनैन ब्लॉक' में मिला 8.8 अरब बैरल तेल का महाभंडार
  • चीनी कंपनी झेनहुआ और इराक के बीच रणनीतिक साझेदारी का परिणाम, रेगिस्तानी इलाके में दिखी सुनहरी संभावना

मध्य पूर्व के प्रमुख तेल उत्पादक देश इराक ने अपने ऊर्जा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर पार किया है। दक्षिणी इराक के नजफ प्रांत में स्थित एक्सप्लोरेशन ब्लॉक 'कुरनैन' (Al-Qarnain) में कच्चे तेल के एक विशाल भंडार की खोज की गई है। इस खोज की आधिकारिक घोषणा इराकी तेल मंत्री हयान अब्देल गनी ने चीनी कंपनी झेनहुआ ऑयल (ZhenHua Oil) के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद की। प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार, इस नव-खोजे गए ब्लॉक में लगभग 8.8 अरब बैरल तेल का संभावित भंडार मौजूद है। यह खोज न केवल इराक के लिए बल्कि वैश्विक तेल बाजार के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि यह देश की पहले से ही विशाल तेल क्षमता में एक बड़ा इजाफा करती है।

कुरनैन ब्लॉक की भौगोलिक स्थिति इसे रणनीतिक रूप से और भी महत्वपूर्ण बनाती है। यह ब्लॉक सऊदी अरब की सीमा के पास स्थित एक दुर्गम रेगिस्तानी इलाके में फैला हुआ है, जिसका कुल क्षेत्रफल लगभग 8,773 वर्ग किलोमीटर है। इस क्षेत्र को लंबे समय से एक 'प्रॉमिसिंग' यानी आशाजनक अन्वेषण क्षेत्र माना जाता रहा है। तेल मंत्रालय के बयान के अनुसार, कुरनैन ब्लॉक में 'शम्स-11' (Shams-11) नामक खोजपूर्ण कुएं की खुदाई के दौरान यह सफलता मिली है। जमीन से करीब 1,916 से 1,965 मीटर की गहराई पर तेल के इस भंडार का पता चला है, जिससे वर्तमान में प्रतिदिन 3,248 बैरल हल्के कच्चे तेल (Light Crude Oil) का उत्पादन हो रहा है।

इस विशाल भंडार की खोज का श्रेय चीनी सरकारी कंपनी झेनहुआ ऑयल और उसकी सहायक कंपनी कुरनैन पेट्रोलियम लिमिटेड को जाता है। झेनहुआ ने साल 2024 में इराक के पांचवें और छठे लाइसेंसिंग राउंड के दौरान इस क्षेत्र में तेल और गैस की खोज तथा विकास के अधिकार हासिल किए थे। समझौते के तहत, कंपनी ने आधुनिक 2D भूकंपीय सर्वेक्षणों (Seismic Surveys) का सहारा लिया, जो मार्च 2026 में निर्धारित समय से पहले ही पूरे कर लिए गए थे। चीनी कंपनी ने अब एक 'फास्ट-ट्रैक' निवेश योजना का प्रस्ताव दिया है, जिसका उद्देश्य इस ब्लॉक को अन्वेषण चरण से निकालकर जल्द से जल्द पूर्ण वाणिज्यिक उत्पादन की स्थिति में लाना है। इराक वर्तमान में ओपेक (OPEC) देशों के समूह में दूसरा सबसे बड़ा तेल उत्पादक देश है। कुरनैन ब्लॉक में हुई यह नई खोज देश के प्रमाणित तेल भंडार को और मजबूती देगी, जो वर्तमान में लगभग 145 अरब बैरल आंका जाता है।

इराक के तेल मंत्री हयान अब्देल गनी ने इस खोज के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह परियोजना देश के तेल प्रोजेक्ट्स के लक्ष्यों को समय पर हासिल करने में सहायक होगी। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि काम के चरणों में तेजी लाकर न केवल कच्चे तेल का निरंतर उत्पादन सुनिश्चित किया जाएगा, बल्कि भंडार के साथ मिलने वाली प्राकृतिक गैस का भी अधिकतम उपयोग किया जाएगा। इराक सरकार की प्राथमिकता अब गैस फ्लेरिंग (गैस जलाना) को कम करना और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है। इस नई खोज से निकलने वाली गैस का उपयोग बिजली संयंत्रों और अन्य औद्योगिक उद्देश्यों के लिए करने की योजना है, जिससे देश की आयातित ऊर्जा पर निर्भरता कम हो सकेगी।

इस खोज का समय इराक के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश अपनी ऊर्जा निर्यात बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने और विस्तार करने में जुटा हुआ है। इराक वर्तमान में बसरा से हदीथा तक एक नई तेल पाइपलाइन परियोजना पर तेजी से काम कर रहा है, जिसकी क्षमता 2.5 मिलियन बैरल प्रतिदिन होगी। कुरनैन ब्लॉक से होने वाला उत्पादन इस भविष्य की पाइपलाइन प्रणाली का एक अभिन्न अंग बन सकता है। इसके अलावा, सऊदी अरब की सीमा के पास तेल की खोज से इस सीमावर्ती क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के नए अवसरों के सृजन की संभावना भी प्रबल हो गई है। नजफ प्रांत के अधिकारियों का मानना है कि यह खोज उनके क्षेत्र को इराक के एक नए 'ऑयल हब' के रूप में स्थापित करेगी। चीनी कंपनियों की इराक के तेल क्षेत्र में बढ़ती भागीदारी भी इस घटनाक्रम का एक बड़ा पहलू है। झेनहुआ ऑयल जैसी कंपनियों ने इराक के दक्षिण और मध्य क्षेत्रों के परिपक्व तेल क्षेत्रों के बाहर, इन नए और कम खोजे गए क्षेत्रों (Frontier Blocks) में निवेश करने में रुचि दिखाई है। यह साझेदारी इराक को न केवल तकनीकी विशेषज्ञता प्रदान कर रही है, बल्कि भारी पूंजी निवेश भी सुनिश्चित कर रही है। कुरनैन ब्लॉक में मिली यह सफलता अन्य अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को भी इराक के रेगिस्तानी और सीमावर्ती इलाकों में अन्वेषण के लिए प्रोत्साहित कर सकती है, जिन्हें सुरक्षा और लॉजिस्टिक कारणों से पहले चुनौतीपूर्ण माना जाता था।

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