मथुरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सुरीर डकैती कांड के दो मुख्य आरोपी मुठभेड़ में ढेर, 17 टीमों का मिशन सफल।
उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने एक निर्णायक कार्रवाई करते हुए
- व्यापारी के घर धावा बोलने वाले बावरिया गैंग के बदमाशों का अंत, 50-50 हजार के इनामी अपराधियों को पुलिस ने घेरा।
- कानून का शिकंजा: टैंटीगांव अंडरपास के पास तड़के हुई ताबड़तोड़ फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में मारे गए दो कुख्यात डकैत।
उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने एक निर्णायक कार्रवाई करते हुए दो शातिर बदमाशों को मुठभेड़ में मार गिराया है। यह पूरी घटना गुरुवार तड़के की है, जब सुरीर थाना क्षेत्र के टैंटीगांव अंडरपास के पास पुलिस और अपराधियों के बीच आमना-सामना हुआ। मारे गए दोनों बदमाशों की पहचान धर्मवीर उर्फ लंबू और राजेंद्र उर्फ पप्पू के रूप में हुई है, जो मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले थे और अंतरराज्यीय बावरिया गिरोह के सक्रिय सदस्य थे। इन दोनों अपराधियों पर उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। इस सफल ऑपरेशन ने न केवल जिले में सक्रिय अपराधियों के हौसले पस्त किए हैं, बल्कि हाल ही में हुई एक सनसनीखेज डकैती के मामले का भी पूरी तरह पटाक्षेप कर दिया है। मथुरा के सुरीर थाना क्षेत्र में बीते 23 अप्रैल की रात एक व्यवसायी अजय अग्रवाल के घर पर भीषण डकैती हुई थी। अपराधियों ने घर में घुसकर परिजनों को बंधक बनाया और असलहे के बल पर करीब 12 लाख रुपये के जेवरात और 3 लाख रुपये से अधिक की नकदी लूट ली थी। बदमाश इतने शातिर थे कि उन्होंने सबूत मिटाने के लिए घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर (डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर) भी निकाल ली थी और फरार हो गए थे। इस घटना ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी थी और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए थे। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने अपराधियों की धरपकड़ के लिए एक या दो नहीं, बल्कि कुल 17 विशेष टीमें गठित की थीं, जो लगातार इन बदमाशों के ठिकानों पर दबिश दे रही थीं।
पुलिस की यह 17 टीमें पिछले कई दिनों से बदमाशों के संभावित ठिकानों और उनके भागने के रास्तों पर नजर रखे हुए थीं। सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगालने और मैनुअल इंटेलिजेंस के जरिए पुलिस को जानकारी मिली कि इस डकैती को अंजाम देने वाला गिरोह राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में छिपा हो सकता है। पुलिस ने मथुरा के अलावा अलीगढ़, नोएडा, हापुड़ और राजस्थान के कई इलाकों में छापेमारी की। गुरुवार सुबह करीब 5 बजे पुलिस को सूचना मिली कि अपाचे मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध व्यक्ति टैंटीगांव अंडरपास की तरफ आ रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस ने तत्काल नाकाबंदी की और जैसे ही संदिग्धों को रुकने का इशारा किया, उन्होंने पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। अपराधियों और पुलिस के बीच हुई इस मुठभेड़ में दोनों तरफ से कई राउंड गोलियां चलीं। बदमाशों की फायरिंग में एसओजी प्रभारी और एक कांस्टेबल भी घायल हुए हैं। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें दोनों डकैत गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौके से पुलिस ने चोरी की मोटरसाइकिल और अवैध हथियार बरामद किए हैं। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि ये दोनों अपराधी बेहद पेशेवर थे और इनका लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। धर्मवीर और राजेंद्र के खिलाफ विभिन्न राज्यों में लूट, डकैती और हत्या के प्रयास के दर्जनों मामले दर्ज थे। बावरिया गिरोह के सदस्य होने के नाते, वे अक्सर सुनसान इलाकों या कस्बों में समृद्ध व्यापारियों के घरों को निशाना बनाते थे। टैंटीगांव की घटना में भी उन्होंने पूरी रेकी के बाद ही घर पर हमला किया था। पुलिस का मानना है कि इन दोनों के खात्मे से इस गिरोह की कमर टूट गई है, जो लंबे समय से ब्रज क्षेत्र और आसपास के जिलों में आतंक का पर्याय बना हुआ था। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके मददगारों की तलाश में जुटी है।
मुठभेड़ के दौरान घायल हुए पुलिसकर्मियों की स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस टीम ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए अपराधियों का सामना किया। जिस समय मुठभेड़ हो रही थी, उस समय इलाका गोलियों की गूंज से थर्रा उठा था। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, सुबह सवेरे अचानक हुई फायरिंग से लोग सहम गए थे, लेकिन जब उन्हें पता चला कि डकैतों को ढेर कर दिया गया है, तो लोगों ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना की। डकैती की वारदात के बाद से ही टैंटीगांव और आसपास के व्यापारियों में भय का माहौल था, जिसे दूर करने के लिए पुलिस पर भारी दबाव था। इस सफल ऑपरेशन के बाद पुलिस ने लूटे गए माल की बरामदगी की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रगति की है। मुठभेड़ स्थल और बदमाशों के पास से डकैती में इस्तेमाल किए गए औजार, तमंचे और कुछ नकदी बरामद होने की सूचना है। पुलिस की 17 टीमों ने इस केस को सुलझाने के लिए दिन-रात एक कर दिया था और तकनीकी विश्लेषण का सहारा लेते हुए अपराधियों के सटीक लोकेशन तक पहुंचने में कामयाबी हासिल की। जिला प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिस टीम के इस कार्य की प्रशंसा की है और इनाम घोषित करने वाले अपराधियों के विरुद्ध अभियान को और तेज करने के निर्देश दिए हैं।
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