रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात, चार दिन से लापता युवती का क्षत-विक्षत शव गन्ने के खेत में बरामद।
उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के छपिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ पिछले चार दिनों
- युवती की निर्मम हत्या से इलाके में भारी तनाव, हाथ बांधकर गला रेता गया, दुष्कर्म की आशंका के बीच पुलिस की पांच टीमें गठित
- परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, पुलिस प्रशासन की सुस्ती पर उठे सवाल, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड ने घटना स्थल से जुटाए साक्ष्य
उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के छपिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ पिछले चार दिनों से रहस्यमय तरीके से लापता एक 22 वर्षीय युवती का शव शुक्रवार सुबह गन्ने के खेत में पाया गया। शव की स्थिति इतनी भयावह थी कि उसे देखकर ग्रामीणों के रोंगटे खड़े हो गए। युवती के हाथ रस्सी से बंधे हुए थे और उसके गले पर धारदार हथियार से वार किए जाने के गहरे निशान मौजूद थे। जैसे ही यह खबर क्षेत्र में फैली, सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए और कानून-व्यवस्था को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट प्रतीत हो रहा है कि युवती की हत्या कहीं और की गई और साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को गन्ने के घने खेत में फेंक दिया गया।
मृतक युवती बीते सोमवार की शाम को अपने घर से कुछ जरूरी सामान लेने के लिए निकली थी, लेकिन जब वह देर रात तक वापस नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों ने अगले दिन स्थानीय पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआती दिनों में मामले को गंभीरता से नहीं लिया और केवल खानापूर्ति की। यदि समय रहते सक्रियता दिखाई गई होती, तो शायद उनकी बेटी की जान बचाई जा सकती थी। शव मिलने के बाद अब पुलिस महकमे में खलबली मची हुई है और वरिष्ठ अधिकारी खुद मौके पर पहुँचकर जांच की कमान संभाल रहे हैं।
फॉरेंसिक जांच और संदिग्ध साक्ष्य
घटना स्थल पर पहुँची फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने मृतका के शरीर और आसपास के क्षेत्र से फिंगरप्रिंट और अन्य जैविक साक्ष्य एकत्र किए हैं। डॉग स्क्वायड को भी मौके पर बुलाया गया, जो गन्ने के खेत से निकलकर पास की एक मुख्य सड़क तक जाकर रुक गया, जिससे यह संदेह गहरा गया है कि हत्यारे किसी वाहन का उपयोग करके फरार हुए होंगे।
शव की हालत को देखते हुए स्थानीय लोगों और परिजनों ने दुष्कर्म के बाद हत्या किए जाने की प्रबल आशंका जताई है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही इस बात की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी कि युवती के साथ किसी प्रकार का यौन उत्पीड़न हुआ था या नहीं। शव को कब्जे में लेकर जिला मुख्यालय भेज दिया गया है, जहाँ डॉक्टरों का एक पैनल वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करेगा। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वालों की धरपकड़ के लिए पांच अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है, जो सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से संदिग्धों की तलाश में जुटी हुई हैं।
गांव में व्याप्त तनाव को देखते हुए एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। ग्रामीण इस बात से बेहद नाराज हैं कि क्षेत्र में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि वे दिनदहाड़े या शाम के समय युवतियों को निशाना बना रहे हैं। मृतका के पिता ने पुलिस को दी गई अपनी लिखित शिकायत में गांव के ही कुछ संदिग्ध व्यक्तियों पर शक जाहिर किया है, जिनसे पूर्व में परिवार का किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस अब उन सभी बिंदुओं की पड़ताल कर रही है कि क्या यह मामला रंजिश का है या फिर किसी सिरफिरे अपराधी ने इस वारदात को अंजाम दिया है। मृतका के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिपोर्ट (CDR) भी खंगाली जा रही है ताकि उसकी अंतिम बातचीत और लोकेशन का पता लगाया जा सके।
इस घटना ने महिला सुरक्षा के दावों की भी पोल खोलकर रख दी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि गन्ने के खेतों की अधिकता के कारण अपराधियों को छिपने और वारदातों को अंजाम देने में आसानी होती है, लेकिन पुलिस की गश्त इन इलाकों में न के बराबर रहती है। ग्रामीणों ने मांग की है कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामला चलाया जाए और उन्हें फांसी की सजा दी जाए। प्रशासन ने पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए आश्वासन दिया है कि जांच में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी और किसी भी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाएगा, जबकि असली अपराधी कानून के शिकंजे से बच नहीं पाएंगे।
पुलिस की जांच के दायरे में मृतका के कुछ करीबी मित्र और सोशल मीडिया संपर्क भी आए हैं। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने दो युवकों को हिरासत में लिया है जिनसे गोपनीय स्थान पर पूछताछ की जा रही है। जांच अधिकारियों का मानना है कि हत्यारों ने युवती को पहले किसी बहाने से बुलाया या उसका अपहरण किया और फिर सुनसान स्थान पर ले जाकर उसकी हत्या कर दी। हाथ बांधने का तरीका यह दर्शाता है कि हत्यारों को डर था कि युवती विरोध करेगी या भागने की कोशिश करेगी। यह कृत्य किसी पेशेवर अपराधी या गहरी नफरत पाले हुए व्यक्ति का हो सकता है।
फिलहाल, पूरा छपिया इलाका शोक और गुस्से में डूबा हुआ है। बाजार आंशिक रूप से बंद हैं और लोगों की जुबान पर केवल इंसाफ की मांग है। विपक्षी दलों के नेताओं ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात की और सरकार से इस मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, नए-नए तथ्य सामने आ रहे हैं जो इस हत्याकांड की गुत्थी को और उलझा रहे हैं।
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