मेरठ के सरधना में खूनी संघर्ष, घर में घुसकर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला, आधा दर्जन लोग लहूलुहान।
उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद के ऐतिहासिक कस्बे सरधना में कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए दो पक्षों के बीच भीषण खूनी संघर्ष हुआ है। मामला
- दो पक्षों के बीच पुरानी रंजिश ने लिया हिंसक रूप, महिलाओं और बच्चों को भी नहीं बख्शा, पूरे गांव में भारी पुलिस बल तैनात
- सरधना में तनावपूर्ण स्थिति, दो घायलों की हालत अत्यंत नाजुक, मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर, हमलावरों की तलाश में पुलिस की छापेमारी
उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद के ऐतिहासिक कस्बे सरधना में कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए दो पक्षों के बीच भीषण खूनी संघर्ष हुआ है। मामला सरधना थाना क्षेत्र के एक घनी आबादी वाले मोहल्ले का है, जहाँ पुरानी रंजिश के चलते एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के घर में घुसकर हमला बोल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे और उनके हाथों में लाठी-डंडे, लोहे की रॉड और धारदार हथियार थे। घर के भीतर मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और हमलावरों ने देखते ही देखते मारपीट शुरू कर दी। इस हमले में घर के भीतर मौजूद पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं और बुजुर्गों को भी निशाना बनाया गया, जिससे चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर जब तक पड़ोसी मदद के लिए दौड़ते, तब तक हमलावर तांडव मचाकर फरार हो चुके थे।
घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय पुलिस में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में भारी पुलिस बल मौके पर पहुँचा। घायल अवस्था में पड़े लोगों को तुरंत स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया, जहाँ उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद मेरठ के लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया। चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार, घायलों में से दो व्यक्तियों के सिर में गंभीर चोटें आई हैं और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है, जहाँ घर के भीतर टूटे हुए बर्तन, बिखरा हुआ सामान और खून के धब्बे इस हिंसक वारदात की गवाही दे रहे हैं। प्रशासन ने स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है।
रंजिश की पुरानी जड़ें
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि दोनों पक्षों के बीच पिछले कई महीनों से किसी जमीन या पुराने विवाद को लेकर तनातनी चल रही थी। पूर्व में भी इनके बीच छोटी-मोटी कहासुनी हुई थी, लेकिन तब मामला शांत करा दिया गया था। शुक्रवार की यह घटना उसी दबी हुई चिंगारी का परिणाम है जिसने अब एक बड़े हिंसक रूप में तब्दील होकर कई परिवारों को अस्पताल पहुँचा दिया है।
हमले के दौरान जिस तरह से घर की दीवारों को फांदकर भीतर प्रवेश किया गया, वह अपराधियों के दुस्साहस को दर्शाता है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि हमलावरों ने न केवल मारपीट की, बल्कि घर में मौजूद कीमती सामान और नकदी को भी नुकसान पहुँचाया है। पुलिस ने पीड़ित परिवार की तहरीर के आधार पर गांव के ही एक रसूखदार परिवार के आधा दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस की टीमें आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं, लेकिन घटना के बाद से ही सभी आरोपी अपने घरों पर ताला लगाकर फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस ने संदिग्धों के मोबाइल लोकेशन को ट्रेस करना शुरू कर दिया है ताकि उनकी जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा सके।
सरधना में हुई इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों में भारी रोष और असुरक्षा की भावना व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली के कारण ही अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। यदि पुराने विवादों का समय रहते निपटारा कर दिया गया होता, तो आज यह स्थिति पैदा नहीं होती। कस्बे के मुख्य बाजारों में भी इस घटना की चर्चा है और तनाव को देखते हुए पीएसी (PAC) की एक टुकड़ी को भी स्टैंडबाय पर रखा गया है। जिला पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) ने स्वयं सरधना पहुँचकर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि दोषियों के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट जैसी कड़ी धाराओं में कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई ऐसी हिमाकत न कर सके।
अस्पताल में भर्ती घायलों के परिजनों ने पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। घायलों में एक युवक की हालत विशेष रूप से नाजुक है जिसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से अस्पताल के बाहर भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की है ताकि दोनों पक्ष दोबारा वहां न भिड़ जाएं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय खुफिया तंत्र (LIU) को भी सक्रिय कर दिया गया है ताकि किसी भी प्रकार की सांप्रदायिक या जातीय अफवाह को फैलने से रोका जा सके। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह दो परिवारों के बीच का व्यक्तिगत विवाद है और इसे किसी अन्य रूप में पेश करने वालों के खिलाफ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नजर रखी जा रही है।
कानूनी प्रक्रिया के तहत पुलिस अब चश्मदीदों के बयान दर्ज कर रही है और मोहल्ले में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। फुटेज में हमलावरों के हाथों में हथियार स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं, जो अदालत में अहम सबूत साबित होंगे। क्षेत्राधिकारी (CO) सरधना ने बताया कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें मेरठ, मुजफ्फरनगर और बागपत भेजी गई हैं। पुलिस ने आरोपियों के कुछ रिश्तेदारों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है ताकि मुख्य आरोपियों पर आत्मसमर्पण का दबाव बनाया जा सके। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि 24 घंटे के भीतर मुख्य हमलावरों को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया जाएगा।
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