मुरादाबाद में खौफ का अंत: 5 करोड़ की रंगदारी मांगने वाला 50 हजारी इनामी बदमाश आशू उर्फ मोंटी एनकाउंटर में ढेर।

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद में अपराध और अपराधियों के खिलाफ जारी जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ

Apr 2, 2026 - 12:30
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मुरादाबाद में खौफ का अंत: 5 करोड़ की रंगदारी मांगने वाला 50 हजारी इनामी बदमाश आशू उर्फ मोंटी एनकाउंटर में ढेर।
मुरादाबाद में खौफ का अंत: 5 करोड़ की रंगदारी मांगने वाला 50 हजारी इनामी बदमाश आशू उर्फ मोंटी एनकाउंटर में ढेर।
  • एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त स्ट्राइक: सिविल लाइंस इलाके में घेराबंदी के दौरान मोंटी ने की फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में मारा गया शार्प शूटर
  • अपराध की दुनिया का काला अध्याय समाप्त: हापुड़ से लेकर मुरादाबाद तक फैला था दहशत का जाल, 36 संगीन मुकदमों का आरोपी था उधम सिंह गैंग का गुर्गा

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद में अपराध और अपराधियों के खिलाफ जारी जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। बुधवार, 1 अप्रैल 2026 की रात मुरादाबाद पुलिस और मेरठ एसटीएफ (STF) की संयुक्त टीम ने एक मुठभेड़ के दौरान खूंखार अपराधी और 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश आशू उर्फ मोंटी को मार गिराया। यह मुठभेड़ सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के अंतर्गत इस्लाम नगर रोड पर स्थित पोस्टमार्टम हाउस के पास हुई। बताया जा रहा है कि आरोपी आशू उर्फ मोंटी लंबे समय से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में सक्रिय था और हाल ही में मुरादाबाद के एक नामचीन निर्यातक से 5 करोड़ रुपये की भारी-भरकम रंगदारी मांगकर उसने पुलिस को खुली चुनौती दी थी। इस एनकाउंटर के बाद पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली है, क्योंकि मोंटी का नाम जरायम की दुनिया में एक बड़े शार्प शूटर के तौर पर उभरा था।

इस पूरी घटनाक्रम की शुरुआत मुरादाबाद के एक निर्यातक अर्शू ढल से हुई रंगदारी की मांग के साथ हुई थी। काठ रोड स्थित वजीर चंद एक्सपोर्ट फर्म के मालिक को 12 मार्च को एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप मैसेज और कॉल के जरिए धमकी मिली थी। कॉल करने वाले ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए 5 करोड़ रुपये की मांग की थी और पैसे न देने पर जान से मारने की धमकी दी थी। दो दिन बाद, आरोपी ने दोबारा संदेश भेजकर खुद की पहचान 'आशू उधम' के रूप में बताई और धमकी को दोहराया। दहशत फैलाने के लिए बदमाशों ने निर्यातक के फर्म के गेट पर फायरिंग भी की थी, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कई टीमें गठित कीं और एसटीएफ को भी जांच में शामिल किया।

बुधवार की रात करीब 10 बजे, मेरठ एसटीएफ की फील्ड यूनिट और मुरादाबाद पुलिस को सटीक मुखबिर से सूचना मिली कि आशू उर्फ मोंटी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने या रंगदारी की रकम के संबंध में शहर में दाखिल हुआ है। पुलिस ने सिविल लाइंस इलाके में घेराबंदी शुरू की। जैसे ही पुलिस ने एक संदिग्ध स्विफ्ट कार को रुकने का इशारा किया, कार सवार बदमाश ने वाहन की रफ्तार बढ़ा दी और कच्ची सड़क की ओर भागने का प्रयास किया। खुद को पुलिस से घिरा देख बदमाश ने अपनी पिस्टल से पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें दो गोलियां बदमाश को लगीं और वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा। उसे तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

अपराध का लंबा इतिहास

आशू उर्फ मोंटी मूल रूप से हापुड़ जिले के हाफिजपुर थाना क्षेत्र के मीरापुर कला गांव का निवासी था। वह कुख्यात उधम सिंह गैंग का सक्रिय सदस्य और मुख्य शार्प शूटर माना जाता था। उसके खिलाफ हत्या, लूट, डकैती और रंगदारी के करीब 36 मामले दर्ज थे। वर्ष 2010 में पहली बार एक हत्या के मामले में जेल जाने के बाद वह उधम सिंह के संपर्क में आया और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने भारी मात्रा में अवैध हथियार और गोला-बारूद बरामद किया है। बरामद सामान में एक स्विफ्ट कार के अलावा, एक .32 बोर की फैक्ट्री मेड पिस्टल, एक रिवॉल्वर और एक 12 बोर की बंदूक शामिल है। इसके अतिरिक्त, मौके से भारी संख्या में चले हुए खोखे और जिंदा कारतूस भी मिले हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मोंटी इतना शातिर था कि वह बार-बार अपनी लोकेशन बदल रहा था ताकि पुलिस की पकड़ में न आ सके। वह गाजियाबाद, मेरठ, हापुड़ और बुलंदशहर जैसे जिलों में भी कई मामलों में वांछित था। मुरादाबाद पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था, जिसे अब बढ़ाकर एक लाख करने की तैयारी चल रही थी।

एसएसपी मुरादाबाद सतपाल अंतिल ने बताया कि यह ऑपरेशन एसटीएफ मेरठ और स्थानीय पुलिस का एक साझा और सफल प्रयास था। उन्होंने स्पष्ट किया कि रंगदारी मांगने के बाद से ही पुलिस की सर्विलांस और स्वाट टीमें सक्रिय थीं। आरोपी ने जिस निर्यातक से पैसे मांगे थे, उसके घर और दफ्तर की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई थी। मोंटी की मौत के बाद अब पुलिस उसके अन्य सहयोगियों और शरणदाताओं की तलाश कर रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि वह उधम सिंह गैंग के लिए सुपारी किलिंग और बड़े कारोबारियों से वसूली का काम करता था। उसकी मौत से उधम सिंह गैंग को एक बड़ा झटका लगा है, जो पिछले कुछ समय से वेस्ट यूपी में अपनी पैठ दोबारा बनाने की कोशिश कर रहा था।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रंगदारी और गैंगवार की घटनाएं पहले भी सुर्खियां बनती रही हैं, लेकिन जिस तरह से 5 करोड़ जैसी बड़ी राशि की मांग की गई थी, उसने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए थे। स्थानीय व्यापारिक संगठनों ने पुलिस की इस त्वरित और साहसिक कार्रवाई की सराहना की है। व्यापारियों का कहना है कि ऐसे एनकाउंटर से अपराधियों के मन में डर पैदा होता है और औद्योगिक माहौल सुरक्षित रहता है। पुलिस अब उन नंबरों और व्हाट्सएप चैट की भी गहनता से जांच कर रही है, जिनके माध्यम से धमकियां दी गई थीं, ताकि इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया जा सके।

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