राज्यसभा में गूंजा 'भारत टैक्सी' का नाम: अमित शाह बोले- निजी कंपनियों से मिल रही है कड़ी टक्कर, फिर भी जीतेंगे जंग।

भारतीय परिवहन और गिग इकोनॉमी (Gig Economy) के इतिहास में एक नया अध्याय लिखा जा रहा है। बुधवार, 1 अप्रैल 2026 को राज्यसभा में एक

Apr 2, 2026 - 12:20
 0  5
राज्यसभा में गूंजा 'भारत टैक्सी' का नाम: अमित शाह बोले- निजी कंपनियों से मिल रही है कड़ी टक्कर, फिर भी जीतेंगे जंग।
राज्यसभा में गूंजा 'भारत टैक्सी' का नाम: अमित शाह बोले- निजी कंपनियों से मिल रही है कड़ी टक्कर, फिर भी जीतेंगे जंग।
  • ओला-उबर के दबदबे को चुनौती देगा सरकारी सहकारिता मॉडल: गृह मंत्री ने संसद में पेश किया 'भारत टैक्सी' का भविष्य का रोडमैप
  • ड्राइवरों के शोषण पर लगाम और यात्रियों को सुरक्षित सफर: 'भारत टैक्सी' की शून्य-कमीशन नीति और कल्याणकारी योजनाओं का विस्तृत ब्योरा

भारतीय परिवहन और गिग इकोनॉमी (Gig Economy) के इतिहास में एक नया अध्याय लिखा जा रहा है। बुधवार, 1 अप्रैल 2026 को राज्यसभा में एक लिखित प्रश्न का उत्तर देते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 'भारत टैक्सी' (Bharat Taxi) की वर्तमान स्थिति और इसके सामने आने वाली चुनौतियों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने स्वीकार किया कि सरकार समर्थित इस सहकारी राइड-हैलिंग प्लेटफॉर्म को बाजार में पहले से स्थापित निजी दिग्गजों, जैसे ओला (Ola) और उबर (Uber) से बेहद कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। 'भारत टैक्सी' जो कि सहकारिता के मॉडल पर आधारित है, अभी अपने शुरुआती चरण में है और निजी एग्रीगेटर्स के विशाल नेटवर्क और डिजिटल प्रभुत्व के बीच अपनी जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रही है। हालांकि, मंत्री ने विश्वास जताया कि अपनी अनूठी नीतियों और जन-केंद्रित दृष्टिकोण के कारण यह मंच जल्द ही देश के परिवहन क्षेत्र की दिशा बदल देगा।

अमित शाह ने सदन को बताया कि 'भारत टैक्सी' का मुख्य उद्देश्य केवल लाभ कमाना नहीं, बल्कि ड्राइवरों और यात्रियों दोनों के हितों की रक्षा करना है। यह प्लेटफॉर्म 6 जून 2025 को आठ राष्ट्रीय स्तर की सहकारी संस्थाओं द्वारा पंजीकृत किया गया था और औपचारिक रूप से 5 फरवरी 2026 को लॉन्च हुआ। वर्तमान में यह दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) और गुजरात के तीन प्रमुख शहरों—अहमदाबाद, राजकोट और सूरत—में परिचालन कर रहा है। मंत्री के अनुसार, अब तक लगभग 4.31 लाख ड्राइवर-पार्टनर्स इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि बाजार में मौजूद निजी कंपनियां भारी कमीशन वसूलती हैं, जबकि 'भारत टैक्सी' एक 'जीरो-कमीशन' मॉडल पर काम कर रही है, जो इसे प्रतिस्पर्धियों से अलग और ड्राइवरों के लिए अधिक आकर्षक बनाता है।

राज्यसभा में दी गई जानकारी के मुताबिक, 'भारत टैक्सी' के सामने सबसे बड़ी बाधा निजी कंपनियों के पास मौजूद अथाह संसाधन और उनकी मार्केटिंग रणनीति है। ओला और उबर जैसी कंपनियां वर्षों से भारतीय बाजार में जमी हुई हैं और उन्होंने ग्राहकों की आदतों को प्रभावित किया है। इसके अलावा, ड्राइवरों के बीच डिजिटल उपकरणों के उपयोग के प्रति हिचकिचाहट भी एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। इन बाधाओं को दूर करने के लिए सरकार कल्याणकारी योजनाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और यूजर इंटरफेस (UI) को बेहतर बनाने पर काम कर रही है। शाह ने बताया कि 'ई-गवर्नेंस' उपकरणों के माध्यम से पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है, जिससे ग्राहकों को सुरक्षित और ड्राइवरों को शोषण-मुक्त वातावरण मिल सके।

सहकारिता बनाम कॉर्पोरेट

'भारत टैक्सी' और निजी कंपनियों के बीच मुख्य अंतर 'सहकार और सरकार' के सिद्धांत का है। निजी कंपनियां जहां केवल अपने मुनाफे के लिए काम करती हैं, वहीं सहकारी मॉडल में ड्राइवर केवल सेवा प्रदाता नहीं, बल्कि संस्था के हिस्सेदार और सदस्य होते हैं। इसमें होने वाले लाभ का 80 प्रतिशत हिस्सा सीधे ड्राइवरों के कल्याण और उनकी किलोमीटर खपत के आधार पर उन्हें वापस लौटाने का प्रावधान है।

ड्राइवरों के सशक्तिकरण को लेकर मंत्री ने विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 'भारत टैक्सी' से जुड़े 'सारथियों' (ड्राइवरों) को ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत किया जा रहा है, जिससे उन्हें 5 लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा (प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत) और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ मिल सकेंगे। इसके अलावा, प्लेटफॉर्म ने एक न्यूनतम आधार दर (Base Rate) सुनिश्चित की है, ताकि ड्राइवरों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल सके। निजी एग्रीगेटर्स द्वारा की जाने वाली मनमानी कटौती को रोकने के लिए 'भारत टैक्सी' ने एक सब्सक्रिप्शन-आधारित मॉडल पेश किया है। इस क्रांतिकारी बदलाव से ड्राइवरों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है, जो भविष्य में उन्हें निजी प्लेटफार्मों को छोड़कर 'भारत टैक्सी' की ओर आकर्षित करेगी।

यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए भी इस प्लेटफॉर्म ने कई नए मानक स्थापित किए हैं। अमित शाह ने 'सारथी दीदी' (Saarathi Didi) नामक फीचर का उल्लेख किया, जो महिला यात्रियों को अकेले यात्रा करते समय महिला ड्राइवरों को प्राथमिकता देने की अनुमति देता है। सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए दिल्ली पुलिस और दिल्ली मेट्रो (DMRC) के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके तहत दिल्ली में 21 स्थानों पर प्रीपेड टैक्सी बूथ संचालित किए जाएंगे और एक 'जॉइंट कमांड एंड कंट्रोल सेंटर' के माध्यम से रीयल-टाइम मॉनिटरिंग और एसओएस (SOS) अलर्ट की सुविधा मिलेगी। मंत्री ने कहा कि यह केवल एक ऐप नहीं है, बल्कि एक व्यापक इकोसिस्टम है जो सुरक्षा और गरिमा को प्राथमिकता देता है।

Also Read- राज्यसभा में बजट सत्र का दूसरा चरण शुरू: महंगाई और अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीति पर सदन में टकराव के आसार।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow