UP: नोएडा में नकली पनीर का गोरखधंधा पकड़ा, 14 क्विंटल मिलावटी पनीर जब्त, फैक्ट्री सील।
उत्तर प्रदेश के नोएडा में पुलिस ने एक बड़े नकली पनीर बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने दिल्ली-एनसीआर के लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़...
उत्तर प्रदेश के नोएडा में पुलिस ने एक बड़े नकली पनीर बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने दिल्ली-एनसीआर के लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश की। यह घटना 29 जून 2025 को नोएडा के सेक्टर-63 में हुई, जब थाना सेक्टर-63 पुलिस ने एक महिंद्रा पिकअप वाहन की जांच के दौरान 14 क्विंटल नकली पनीर बरामद किया। इस पनीर को दूध की बजाय हानिकारक केमिकल, मिल्क पाउडर, रिफाइंड ऑयल और रंग मिलाकर बनाया जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों गुड्डू उर्फ रहीश, गुलफाम, नावेद और इकलाख को गिरफ्तार किया है। साथ ही, अलीगढ़ के सहजपुरा गांव में चल रही इस नकली पनीर की फैक्ट्री को सील कर दिया गया है। यह कार्रवाई लोगों के स्वास्थ्य को खतरे में डालने वाले इस गोरखधंधे को रोकने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
नोएडा पुलिस को शनिवार रात गुप्त सूचना मिली थी कि सेक्टर-63 में एक महिंद्रा पिकअप वाहन में नकली पनीर की बड़ी खेप लाई जा रही है। पुलिस ने तुरंत जाल बिछाया और वाहन को रोककर जांच शुरू की। वाहन में नीले ड्रमों में भरा हुआ 14 क्विंटल पनीर मिला, जो देखने में असली लग रहा था। लेकिन जब पुलिस ने चालक गुलफाम से पूछताछ की, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। गुलफाम ने बताया कि यह पनीर अलीगढ़ के सहजपुरा गांव की एक फैक्ट्री से लाया गया है, और यह दूध से नहीं, बल्कि केमिकल, मिल्क पाउडर और रंग मिलाकर बनाया गया है। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने रविवार को अलीगढ़ में छापेमारी की और वहां चल रही नकली पनीर की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने फैक्ट्री से गुड्डू उर्फ रहीश, नावेद और इकलाख को गिरफ्तार किया, जबकि गुड्डू का भाई अफसर मौके से फरार हो गया। पुलिस को फैक्ट्री में 25-25 किलो के दो बोरे मिल्क पाउडर, 15-15 किलो के दो टीन रिफाइंड पाम ऑयल, चार किलो केमिकल, दो शीशियां पोस्टर कलर, मिक्सर ग्राइंडर, पनीर बनाने की मशीन और 11 नीले ड्रम बरामद हुए। पूछताछ में पता चला कि यह गिरोह पिछले छह महीनों से इस धंधे में था और नोएडा, दिल्ली, गाजियाबाद और फरीदाबाद के बाजारों में नकली पनीर सप्लाई कर रहा था।
इस नकली पनीर को बनाने की प्रक्रिया और भी हैरान करने वाली थी। आरोपियों ने बताया कि वे सॉर्टेक्स क्लीन नाम के पाउडर को आठ क्विंटल पानी या सपरेटा लिक्विड में मिलाते थे। इसे सफेद दिखाने के लिए पेंटिंग रंग और पोस्टर कलर डाला जाता था। फिर नीले डिब्बे वाले केमिकल से मिश्रण को फाड़ा जाता था, ताकि यह पनीर जैसा दिखे। इसके बाद इसे कपड़े में बांधकर ठंडे पानी में डाला जाता था, और पानी निचोड़कर रिफाइंड ऑयल मिलाया जाता था ताकि पनीर चिकना लगे। इस प्रक्रिया में दूध का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं होता था। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि इस पनीर में इस्तेमाल होने वाले पोस्टर कलर और पाम ऑयल जैसे तत्व स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हैं। पुलिस ने बरामद पनीर का सैंपल जांच के लिए आगरा की लैब में भेजा है। डीसीपी सेंट्रल नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि लैब की रिपोर्ट के मुताबिक, यह पनीर खाने लायक नहीं है और इसमें हानिकारक केमिकल मौजूद हैं। इस पनीर को खाने से दिल का दौरा, किडनी और लिवर की बीमारियों का खतरा हो सकता है। पुलिस ने इस मामले में मिलावट, हानिकारक खाद्य पदार्थ बेचने और धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों ने बताया कि वे इस नकली पनीर को 100 से 130 रुपये प्रति किलो में दुकानदारों को बेचते थे, जो इसे 180 से 220 रुपये प्रति किलो में ग्राहकों को बेचते थे। कम कीमत के कारण छोटे बाजारों जैसे छिजारसी, बहलोलपुर, हरौला, बरौला और सलारपुर में यह पनीर खूब बिकता था। दुकानदारों को ज्यादा मुनाफा मिलने के कारण वे इस नकली पनीर को खरीदना पसंद करते थे। पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य लोगों की तलाश कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह पनीर और किन-किन इलाकों में सप्लाई किया जा रहा था।
यह पहली बार नहीं है जब उत्तर प्रदेश में नकली पनीर का धंधा पकड़ा गया हो। इससे पहले बुलंदशहर और गोरखपुर में भी ऐसी फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ हो चुका है। मार्च 2024 में बुलंदशहर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने चार क्विंटल नकली पनीर बरामद किया था, जिसमें हाइड्रोजन परॉक्साइड जैसे खतरनाक केमिकल का इस्तेमाल हो रहा था। इसी तरह, मई 2025 में गोरखपुर में 250 किलो नकली पनीर जब्त किया गया था। इन घटनाओं से साफ है कि नकली पनीर का धंधा पूरे राज्य में फैला हुआ है, और यह लोगों के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा है। इस मामले ने एक बार फिर खाद्य सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि असली पनीर मुलायम और दानेदार होता है, जबकि नकली पनीर चिकना और कठोर हो सकता है। असली पनीर का रंग हल्का सफेद होता है, लेकिन नकली पनीर चमकीला सफेद या हल्का पीला दिख सकता है। लोग पनीर को उबालकर और उसमें आयोडीन टिंचर डालकर भी जांच सकते हैं। अगर रंग नीला हो जाए, तो पनीर नकली है।
नोएडा पुलिस की इस कार्रवाई की लोग तारीफ कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने लिखा कि यह धंधा लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहा था। एक यूजर ने X पर लिखा, “नोएडा पुलिस ने 1600 किलो नकली पनीर पकड़ा। खाद्य विभाग को और सख्ती करनी चाहिए।” हालांकि, कुछ लोगों ने खाद्य विभाग पर सवाल उठाए कि इतने बड़े स्तर पर यह धंधा कैसे चल रहा था।
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