असम विधानसभा चुनाव 2026: भाजपा ने जारी किया 'संकल्प पत्र', विकास और सुरक्षा के 31 बड़े वादों के साथ चुनावी रण में उतरी पार्टी।

गुवाहाटी में आयोजित इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल

Mar 31, 2026 - 13:03
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असम विधानसभा चुनाव 2026: भाजपा ने जारी किया 'संकल्प पत्र', विकास और सुरक्षा के 31 बड़े वादों के साथ चुनावी रण में उतरी पार्टी।
असम विधानसभा चुनाव 2026: भाजपा ने जारी किया 'संकल्प पत्र', विकास और सुरक्षा के 31 बड़े वादों के साथ चुनावी रण में उतरी पार्टी।
  • समान नागरिक संहिता और बाढ़ मुक्त असम का संकल्प: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुवाहाटी में पेश किया भाजपा का भविष्य का रोडमैप
  • बुनियादी ढांचे पर 5 लाख करोड़ का निवेश और महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये: असम की जनता के लिए भाजपा की बड़ी घोषणाएं

गुवाहाटी में आयोजित इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। घोषणापत्र जारी करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि यह संकल्प पत्र पिछले एक दशक में राज्य में हुए बदलावों और विकास की नींव पर तैयार किया गया है। उन्होंने आंकड़ों के माध्यम से स्पष्ट किया कि पिछले दस वर्षों में असम की अर्थव्यवस्था में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। उनके अनुसार, राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) जो 2015-16 में 2.24 लाख करोड़ रुपये था, वह 2025-26 तक बढ़कर 7.41 लाख करोड़ रुपये हो गया है। प्रति व्यक्ति आय में भी भारी बढ़ोतरी देखी गई है, जो अब 1.59 लाख रुपये के स्तर पर पहुंच गई है। यह घोषणापत्र असम को देश के सबसे अग्रणी राज्यों में शुमार करने के विजन के साथ तैयार किया गया है।

पार्टी ने अपने चुनावी वादों में 'समान नागरिक संहिता' (UCC) को प्रमुखता से स्थान दिया है। हालांकि, मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इसे लागू करते समय संविधान की छठी अनुसूची के तहत आने वाले क्षेत्रों और जनजातीय समुदायों को इसके दायरे से बाहर रखा जाएगा। इसके अलावा, अवैध अतिक्रमण और 'लव जिहाद' जैसे मुद्दों पर भी सख्त रुख अपनाने का वादा किया गया है। घोषणापत्र में कहा गया है कि बांग्लादेशी प्रवासियों द्वारा कब्जा की गई भूमि को वापस लेने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। इसके साथ ही, असम की सभ्यता, विरासत और स्वदेशी लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए विधायी सुरक्षा तंत्र को और अधिक मजबूत करने का संकल्प लिया गया है ताकि राज्य की सांस्कृतिक पहचान अक्षुण्ण बनी रहे।

आर्थिक मोर्चे पर भाजपा ने असम को 'भारत का पूर्वी द्वार' बनाने के लिए 5 लाख करोड़ रुपये के बुनियादी ढांचा निवेश का वादा किया है। इसके लिए 'असम गति शक्ति मास्टर प्लान' लागू किया जाएगा, जो सड़क, रेल और हवाई संपर्क को बेहतर बनाने और परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद करेगा। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नई इकाइयों में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने पर प्रति कर्मचारी 10,000 रुपये की मजदूरी सब्सिडी देने का भी प्रस्ताव है। पार्टी का लक्ष्य 2031 तक असम की अर्थव्यवस्था को 150 अरब डॉलर और 2036 तक 300 अरब डॉलर तक ले जाना है। इन निवेशों का मुख्य उद्देश्य राज्य के युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता के मार्ग प्रशस्त करना है।

महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 'ओरुनोदोई' योजना के तहत मिलने वाली मासिक सहायता राशि को बढ़ाकर 3,000 रुपये करने का वादा किया गया है। वर्तमान में यह राशि 1,250 रुपये है। इसके अतिरिक्त, 'लखपति दीदी' योजना के माध्यम से 40 लाख महिलाओं को लखपति बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके तहत प्रत्येक महिला को 25,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। गरीब परिवारों के लिए मुफ्त राशन की सुविधा जारी रखने के साथ-साथ रियायती दरों पर दाल, चीनी, नमक और सरसों का तेल उपलब्ध कराने की भी बात कही गई है। आवास योजना के तहत अगले कार्यकाल में 15 लाख नए पक्के मकान बनाने का संकल्प भी इस घोषणापत्र का हिस्सा है।

बाढ़ मुक्त असम मिशन

असम के लिए सबसे बड़ी प्राकृतिक चुनौती बाढ़ है। भाजपा ने इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए 18,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ 'बाढ़ मुक्त असम मिशन' शुरू करने का वादा किया है। अगले दो वर्षों के भीतर इस धनराशि का उपयोग नदी प्रबंधन और जल निकासी प्रणालियों को आधुनिक बनाने के लिए किया जाएगा।

शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में 'एक जिला, एक विश्वविद्यालय' और 'एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज' की नीति को आगे बढ़ाने का वादा किया गया है। इसके साथ ही हर जिले में एक इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने की भी योजना है। युवाओं के लिए अगले पांच वर्षों में 2 लाख सरकारी नौकरियों का अवसर प्रदान करने का वादा किया गया है। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए विश्व स्तरीय संस्थान बनाने और शिक्षकों की संख्या में वृद्धि करने पर जोर दिया गया है। कृषि क्षेत्र के लिए 'असम कृषि उन्नयन अभियान' शुरू करने की घोषणा की गई है, जिसके माध्यम से कृषि बाजार के बुनियादी ढांचे और आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन को आधुनिक बनाया जाएगा ताकि किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित हो सके।

असम की विविधता को देखते हुए, भाजपा ने विभिन्न समुदायों के कल्याण के लिए कई विशेष प्रावधान किए हैं। चाय बागान श्रमिकों के लिए भूमि पट्टा देने की प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा। साथ ही, कोच राजबोंगशी, ताई अहोम, मटक, मोरन, चूटिया और चाय जनजातियों को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा दिलाने के लिए केंद्र सरकार के साथ सक्रिय रूप से पैरवी करने का वादा किया गया है, बशर्ते मौजूदा ST समुदायों के अधिकारों पर कोई आंच न आए। इसके अलावा, सात अन्य समुदायों को केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल करने और कई स्वायत्त परिषदों को संवैधानिक दर्जा देने की बात भी कही गई है। डिब्रूगढ़ को असम की दूसरी राजधानी के रूप में विकसित करने और बराक घाटी के समग्र विकास का वादा भी महत्वपूर्ण है।

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