कुल्लू में भूस्खलन ने मचाई तबाही- हनोगी सुरंग में फंसे वाहन, सैकड़ों लोग खतरे में। 

Trending News: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू और मंडी जिलों में भारी बारिश ने भारी तबाही मचाई है। 8 अगस्त 2025 को मंडी-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर हनोगी के ....

Aug 9, 2025 - 12:07
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कुल्लू में भूस्खलन ने मचाई तबाही- हनोगी सुरंग में फंसे वाहन, सैकड़ों लोग खतरे में। 
कुल्लू में भूस्खलन ने मचाई तबाही- हनोगी सुरंग में फंसे वाहन, सैकड़ों लोग खतरे में। 

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू और मंडी जिलों में भारी बारिश ने भारी तबाही मचाई है। 8 अगस्त 2025 को मंडी-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर हनोगी के पास हुए एक बड़े भूस्खलन ने स्थिति को और गंभीर कर दिया। इस भूस्खलन के कारण हनोगी सुरंग में मलबा भर गया, जिससे कई वाहन फंस गए और लगभग 250 से 300 लोग सुरंग में फंस गए। भारी मलबे और लगातार गिरते पत्थरों ने बचाव कार्य को मुश्किल बना दिया। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 12 से 13 लोग लापता बताए जा रहे हैं। प्रशासन ने अब तक 34 लोगों को सुरक्षित निकाला है और बचाव कार्य जारी है।

यह घटना 8 अगस्त 2025 की रात को हुई, जब लगातार बारिश के कारण मंडी-मनाली राजमार्ग पर हनोगी और पंडोह के बीच कई जगहों पर भूस्खलन हुआ। हनोगी सुरंग, जो मंडी और कुल्लू को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण सुरंग है, दोनों तरफ से मलबे से अवरुद्ध हो गई। सुरंग के अंदर फंसे वाहनों में सवार लोग अपनी जान बचाने के लिए गाड़ियां छोड़कर भागे। मंडी के उपायुक्त अपूर्व देवगन ने बताया कि सुरंग में फंसे लोगों की सटीक संख्या का पता लगाना मुश्किल है, लेकिन अनुमानित रूप से 70 से 80 वाहनों में 250 से 300 लोग फंसे हुए हैं। सभी के सुरक्षित होने की सूचना है, लेकिन स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है।

प्रशासन ने फंसे हुए लोगों के लिए हनोगी माता मंदिर के पास भोजन और पानी की व्यवस्था की है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमें बचाव कार्य में जुटी हैं। सुरंग के दोनों छोरों पर मलबा हटाने का काम चल रहा है, लेकिन लगातार बारिश और अस्थिर जमीन के कारण यह कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। मंडी पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अवरुद्ध सड़कों पर यात्रा करने से बचें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में भारी बारिश ने कई जिलों में तबाही मचाई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 8 अगस्त को कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन, सिरमौर, बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा और हमीरपुर जिलों के लिए भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया था। विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा ने बताया कि पिछले 24 घंटों में पालमपुर में 76 मिमी, बंजार में 75 मिमी और सिरमौर में 55 मिमी बारिश दर्ज की गई। ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। पंडोह बाजार और इंदिरा आवास कॉलोनी के कुछ निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है।

इसके अलावा, कुल्लू जिले के शारद नाला में 8 अगस्त की शाम 5:35 बजे बादल फटने की घटना हुई। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) कुल्लू ने बताया कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन सड़कों और संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है। मंडी-कुल्लू राजमार्ग पर झिंडी के पास एक अन्य भूस्खलन ने सड़क को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया, जिससे सैकड़ों पर्यटक और स्थानीय लोग फंस गए। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने मलबा हटाने के लिए मशीनें तैनात की हैं, लेकिन बार-बार होने वाले भूस्खलन ने काम को धीमा कर दिया है।

हिमाचल प्रदेश में मानसून की शुरुआत से अब तक 194 लोगों की मौत हो चुकी है और 1,852 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का नुकसान हुआ है। इसमें निजी संपत्ति को 97,129.91 लाख रुपये और सार्वजनिक संपत्ति को 63,341.15 लाख रुपये का नुकसान शामिल है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, 617 सड़कें बंद हैं, जिनमें से 377 मंडी जिले में और 90 कुल्लू जिले में हैं। चार राष्ट्रीय राजमार्ग, जिनमें एनएच-21, एनएच-05, एनएच-03 और एनएच-305 शामिल हैं, भी अवरुद्ध हैं। इसके अलावा, 1,738 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, 1,491 बिजली ट्रांसफार्मर खराब हुए हैं और 265 जल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं।

इस घटना ने पिछले साल 2023 के मानसून की यादें ताजा कर दीं, जब हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और बाढ़ ने भारी तबाही मचाई थी। उस समय भी मंडी और कुल्लू सबसे अधिक प्रभावित जिलों में थे। इस साल की स्थिति भी कम गंभीर नहीं है। कसौली में 145 मिमी, धरमपुर में 122.8 मिमी और गोहर में 120 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी दी है, जिसमें 11 अगस्त को कुल्लू, मंडी, कांगड़ा, बिलासपुर और ऊना के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

प्रशासन ने लोगों से नदियों और नालों से दूर रहने की सलाह दी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखु ने भी लोगों से सावधानी बरतने और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। कुल्लू और मंडी में स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए हैं। कुछ स्कूलों ने ऑनलाइन कक्षाएं शुरू की हैं। किन्नौर में भी भारी बारिश के कारण किन्नौर कैलाश यात्रा को निलंबित कर दिया गया है, और 400 से अधिक तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकाला गया है।हनोगी सुरंग में फंसे लोगों के लिए बचाव कार्य तेजी से चल रहे हैं। स्थानीय लोग और प्रशासन एकजुट होकर इस संकट से निपटने में जुटे हैं। मंडी और कुल्लू के निवासियों ने फंसे हुए लोगों की मदद के लिए अपने स्तर पर प्रयास शुरू किए हैं।

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