भोपाल में पुलिसकर्मियों की बर्बर पिटाई से DSP के साले की दर्दनाक मौत, दो कांस्टेबल निलंबित, वीडियो ने मचाई सनसनी। 

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक सनसनीखेज घटना ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया है। पिपलानी थाना क्षेत्र के इंद्रपुरी सी सेक्टर में देर रात दो पुलिसकर्मियों ने बालाघाट के हॉक

Oct 11, 2025 - 13:20
Oct 11, 2025 - 13:20
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भोपाल में पुलिसकर्मियों की बर्बर पिटाई से DSP के साले की दर्दनाक मौत, दो कांस्टेबल निलंबित, वीडियो ने मचाई सनसनी। 
भोपाल में पुलिसकर्मियों की बर्बर पिटाई से DSP के साले की दर्दनाक मौत, दो कांस्टेबल निलंबित, वीडियो ने मचाई सनसनी। 

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक सनसनीखेज घटना ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया है। पिपलानी थाना क्षेत्र के इंद्रपुरी सी सेक्टर में देर रात दो पुलिसकर्मियों ने बालाघाट के हॉक फोर्स में तैनात डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) के साले उदित गायके की बेरहमी से पिटाई कर दी। 21 वर्षीय उदित, जो एक इंजीनियरिंग छात्र था, की पिटाई इतनी क्रूर थी कि वह बेहोश हो गया और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी सांसें थम गईं। घटना का एक चौंकाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें पुलिसकर्मी उदित को दीवार के सहारे खड़ा करके लाठियों से पीटते नजर आ रहे हैं। इस मामले में दो कांस्टेबलों को तत्काल निलंबित कर दिया गया है, जबकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है। परिवार ने सख्त कार्रवाई की मांग की है और कहा है कि दोषियों को फांसी होनी चाहिए।

घटना 9 अक्टूबर 2025 की रात करीब डेढ़ बजे की है। उदित गायके, जो टीआईटी कॉलेज में बीटेक का छात्र था, तीन दिन पहले ही बेंगलुरु से भोपाल लौटा था। वह कुछ कॉलेज दस्तावेज लेने आया था। उसके दोस्तों के अनुसार, वे इंद्रपुरी में देर रात पार्टी कर रहे थे। पार्टी के बाद उदित का एक दोस्त उसे घर छोड़ने जा रहा था। इसी दौरान वे पुलिस को देखकर एक गली में भागे, क्योंकि उन्हें लगा कि शायद वे नशे में होने का शक करेंगे। लेकिन पुलिसकर्मियों ने उनका पीछा किया। दो कांस्टेबल, संतोष बामनिया और सौरभ आर्य, ने उदित और उसके दोस्तों को रोक लिया।

दोस्तों का कहना है कि शुरुआत में पुलिस ने उन्हें समझाने की कोशिश की। लेकिन जब उदित ने विरोध किया और सड़क पर हंगामा करने लगा, तो मामला बिगड़ गया। कांस्टेबलों ने उदित को हिरासत में ले लिया, लेकिन उसके विरोध पर गुस्से में आ गए। वीडियो में साफ दिख रहा है कि उन्होंने उदित की टी-शर्ट उतार ली और उसे अर्धनग्न अवस्था में दीवार के पास खड़ा कर दिया। फिर दोनों ने बारी-बारी से लाठियां चलाईं। उदित के हाथ बंधे हुए थे और वह चीखता रहा, लेकिन पुलिसकर्मी नहीं रुके। पिटाई के दौरान उसके दोस्त आसपास खड़े थे, लेकिन डर के मारे कुछ कर नहीं पाए। दोस्तों ने आरोप लगाया कि पिटाई के बाद कांस्टेबलों ने मामला रफा-दफा करने के लिए उनसे 10 हजार रुपये की मांग की। जब पैसे नहीं दिए गए, तो पिटाई और तेज हो गई।

पिटाई के बाद उदित की हालत बिगड़ गई। वह जमीन पर गिर पड़ा और बेहोश हो गया। उसके दोस्तों ने तुरंत एम्स भोपाल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जांच में उसके शरीर पर कई चोट के निशान मिले, नसें फटने की बात कही जा रही है। उदित का शव हमीदिया अस्पताल ले जाया गया, जहां पोस्टमॉर्टम किया जा रहा है। एम्स अस्पताल में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस का प्रारंभिक दावा था कि उदित को हार्ट अटैक आया, लेकिन वीडियो और दोस्तों के बयानों के बाद यह खारिज हो गया। डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) जोन-2 विवेक सिंह ने कहा कि अगर पोस्टमॉर्टम में चोटों से मौत साबित हुई, तो कांस्टेबलों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाएगा।

उदित के परिवार का दर्द देखने लायक है। उसके पिता रमेश गायके ने कहा कि बेटा बेंगलुरु में पढ़ाई कर रहा था और कुछ कागजात लेने भोपाल आया था। वह कभी किसी झगड़े में नहीं पड़ा। DSP केतन अडलक, जो उदित के जीजा हैं, बालाघाट में तैनात हैं। वे भोपाल पहुंचे और पुलिस पर सवाल उठाए। परिवार ने कहा कि उदित निर्दोष था, बस देर रात सड़क पर होने का गुनाह था। जीजा ने कहा, पुलिसकर्मी राक्षस बन गए। दोस्तों ने भी वीडियो जारी कर आरोप लगाए कि पुलिस ने पैसे मांगे थे। परिवार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि दोषियों को सख्त सजा मिले, वरना विश्वास उठ जाएगा।

इस घटना का वीडियो सीसीटीवी फुटेज से लिया गया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया। वीडियो में पिटाई की क्रूरता साफ दिख रही है। उदित को सामने खड़ा करके दोनों हाथों से डंडे मारे जा रहे हैं। उसके दोस्त चुपचाप देखते रहते हैं। वायरल वीडियो के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। पिपलानी थाने के प्रभारी ने तुरंत कार्रवाई की। दोनों कांस्टेबलों संतोष बामनिया और सौरभ आर्य को तत्काल निलंबित कर दिया गया। एसएसपी भोपाल ने जांच के आदेश दिए हैं। एसीपी स्तर का अधिकारी जांच कर रहा है। पुलिस ने कहा कि कांस्टेबल ड्यूटी पर थे और शायद गुस्से में आ गए। लेकिन यह बर्बरता बर्दाश्त नहीं।

यह घटना भोपाल में पुलिस की छवि पर सवाल खड़ी कर रही है। मध्य प्रदेश में पहले भी पुलिस पिटाई के मामले सामने आ चुके हैं। 2024 में इंदौर में एक युवक की कस्टडी में मौत हुई थी, जिसके बाद हंगामा मचा। विशेषज्ञ कहते हैं कि देर रात गश्त के दौरान युवाओं को डराने की बजाय समझाना चाहिए। उदित जैसे छात्र नशे में नहीं थे, बस पार्टी कर रहे थे। दोस्तों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण थे, लेकिन पुलिस का रवैया आक्रामक था। सोशल मीडिया पर लोग पुलिस सुधार की मांग कर रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि पुलिस वाले खुद गुंडे बन गए। विपक्ष ने भी सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता ने कहा कि कानून का राज खतरे में है।

उदित का परिवार अब न्याय के इंतजार में है। वे कहते हैं कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आएगी तो सच्चाई सामने आएगी। अगर चोटों से मौत हुई, तो परिवार हत्या का केस दायर करेगा। DSP केतन अडलक ने कहा कि वे पुलिस के हैं, लेकिन न्याय के लिए लड़ेगे। दोस्तों ने भी बयान दर्ज कराए हैं। एक दोस्त ने बताया कि पिटाई के दौरान उदित चिल्ला रहा था, लेकिन पुलिस नहीं रुकी। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने कहा कि आंतरिक चोटें गंभीर हैं। यह घटना पूरे शहर में सनसनी फैला रही है। लोग सवाल कर रहे हैं कि क्या पुलिस की ड्यूटी सुरक्षा के लिए है या उत्पीड़न के लिए।

पुलिस विभाग ने कहा कि निलंबन पहला कदम है। जांच पूरी होने पर आगे कार्रवाई होगी। दोनों कांस्टेबलों से पूछताछ चल रही है। वे अपना बचाव कर रहे हैं, कह रहे हैं कि उदित ने हमला किया था। लेकिन वीडियो इससे बेपरवाह है। भोपाल के पिपलानी इलाके में तनाव है। स्थानीय लोग सतर्क हो गए हैं। यह घटना देर रात घूमने वालों के लिए चेतावनी है। लेकिन परिवार का कहना है कि निर्दोष को सजा न मिले। उदित की मां रोते हुए कहती हैं कि बेटा कितना सीधा था। वह इंजीनियर बनना चाहता था। अब सब सपने टूट गए।

यह मामला पुलिस सुधार पर बहस छेड़ रहा है। मध्य प्रदेश सरकार ने पहले भी ऐसे मामलों में सख्ती दिखाई है। लेकिन अमल में कमी रहती है। विशेषज्ञों का कहना है कि बॉडी कैमरा और ट्रेनिंग बढ़ानी चाहिए। वीडियो ने साबित किया कि बिना सबूत के दावा नहीं चलेगा। सोशल मीडिया की भूमिका सराहनीय रही। अगर वीडियो न होता, तो शायद हार्ट अटैक का केस बन जाता। अब न्याय मिलने की उम्मीद है। परिवार ने कहा कि वे हार नहीं मानेंगे। यह केवल उदित की मौत नहीं, बल्कि सिस्टम की कमजोरी है। भोपाल पुलिस को अपनी कार्यप्रणाली पर विचार करना होगा।

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