मुजफ्फरनगर में कबूतरों से ड्रोन की अफवाह फैलाने वाले दो युवक गिरफ्तार।
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जहां दो युवकों ने कबूतरों के पैरों और गले में लाल और हरी लाइटें....
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जहां दो युवकों ने कबूतरों के पैरों और गले में लाल और हरी लाइटें बांधकर रात के अंधेरे में उड़ाकर लोगों में ड्रोन की अफवाह और दहशत फैलाई। इस हरकत से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में लोग डर के साए में जी रहे थे और रात में पहरा देने को मजबूर थे। मुजफ्फरनगर पुलिस ने 29 जुलाई 2025 को इस साजिश का पर्दाफाश कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से कबूतर, लाइटें और पिंजरा बरामद किया गया। मुजफ्फरनगर के ककरौली थाना क्षेत्र के जटवाड़ा गांव में पिछले कुछ दिनों से रात के समय आसमान में लाल और हरी लाइटें चमकती दिखाई दे रही थीं। स्थानीय लोगों ने इसे ड्रोन समझकर डरना शुरू कर दिया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों, जैसे मेरठ, बिजनौर, हापुड़, अमरोहा और संभल में भी ड्रोन उड़ने की अफवाहें फैल गई थीं। ग्रामीणों ने डर के कारण रात में पहरा देना शुरू कर दिया और कुछ स्थानों पर संदिग्ध लोगों की पिटाई तक हो गई।
29 जुलाई 2025 की रात को ककरौली पुलिस को सूचना मिली कि जटवाड़ा गांव में लाल और हरी लाइटों वाला एक ड्रोन जैसा उपकरण उड़ रहा है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और जांच शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि यह कोई ड्रोन नहीं, बल्कि कबूतर थे, जिनके पैरों और गले में बैटरी से चलने वाली लाल और हरी लाइटें बंधी थीं। पुलिस ने स्थानीय कबूतरबाजों की मदद से दो कबूतरों को पकड़ा और इस साजिश का खुलासा किया।
पुलिस ने इस मामले में दो युवकों, सुएब पुत्र अफसर (22 वर्ष) और शाकिब पुत्र जावेद (24 वर्ष), दोनों जटवाड़ा गांव के निवासियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि उन्होंने मजाक के तौर पर कबूतरों के पैरों और गले में लाल और हरी एलईडी लाइटें बांधकर उन्हें रात में उड़ाया था। उनका मकसद लोगों में डर और सनसनी फैलाना था। पुलिस ने उनके पास से दो कबूतर, एक पिंजरा, और तीन लाल-हरी लाइटें बरामद कीं। सुएब ने बताया कि लाइटें शाकिब ने दिल्ली से खरीदी थीं।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 295 (धार्मिक स्थल को अपवित्र करने का इरादा), 505(1)(सी) (सार्वजनिक शांति भंग करने के लिए अफवाह फैलाना), और 120-बी (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया। दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संजय कुमार वर्मा ने इस ऑपरेशन के लिए पुलिस टीम को 20,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की।
पिछले कुछ हफ्तों से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर, मेरठ, हापुड़, बिजनौर, संभल, और अमरोहा जैसे जिलों में ड्रोन उड़ने की अफवाहें फैल रही थीं। लोग रात में आसमान में चमकती लाल और हरी लाइटों को ड्रोन समझ रहे थे। कुछ गांवों में ग्रामीणों ने डर के कारण रात में पहरा देना शुरू कर दिया था। कई जगहों पर संदिग्ध लोगों को चोर या जासूस समझकर पीटने की घटनाएं भी हुईं। मेरठ के परतापुर, सरधना, और हापुड़ के बक्सर गांव में ड्रोन जैसे उपकरणों को बच्चों के खिलौने या रिमोट से चलने वाले हेलीकॉप्टर के रूप में पहचाना गया।
इन अफवाहों ने क्षेत्र में तनाव का माहौल बना दिया। कुछ लोग इसे जासूसी या चोरी की साजिश मान रहे थे, जबकि अन्य इसे शरारत या मजाक मानते थे। सोशल मीडिया पर ड्रोन की वीडियो और अफवाहों ने डर को और बढ़ा दिया। बिजनौर में ग्रामीणों ने ड्रोन पर पत्थर फेंके, और हापुड़ में एक खिलौना हेलीकॉप्टर को ड्रोन समझकर नीचे गिराया गया।
मुजफ्फरनगर पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया और त्वरित कार्रवाई की। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह एक योजनाबद्ध साजिश थी, जिसका मकसद क्षेत्र में अफरा-तफरी फैलाना था। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर 112 और स्थानीय थानों के जरिए लोगों को जागरूक करने की कोशिश की।
पुलिस ने गांवों में चौपाल लगाकर लोगों को जागरूक किया और बताया कि ज्यादातर मामलों में ड्रोन की अफवाहें गलत साबित हुई हैं। कुछ मामलों में ये बच्चों के खिलौने या रिमोट से चलने वाले उपकरण थे। पुलिस ने ड्रोन संचालकों को बिना अनुमति ड्रोन न उड़ाने की चेतावनी दी और कहा कि ऐसी गतिविधियां सामाजिक शांति भंग कर सकती हैं।
- क्षेत्र में पहले भी फैली थीं अफवाहें
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अफवाहों का इतिहास रहा है। कुछ साल पहले “चोटी कटवा” की अफवाह ने महिलाओं में डर पैदा किया था। नोटबंदी के दौरान नमक की कमी की अफवाह और भूकंप की अफवाहों ने भी लोगों को परेशान किया था। इस बार ड्रोन की अफवाह ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी। मुरादाबाद, रामपुर, और अमरोहा जैसे जिलों में लोग रात में जागकर पहरा दे रहे थे। कुछ जगहों पर निर्दोष लोगों को चोर समझकर पीटने की घटनाएं भी हुईं।
मुरादाबाद में एक बिजली कर्मचारी और उसके भाई को ड्रोन की अफवाह के कारण पीटा गया। हापुड़ में 40 लोगों के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज किया गया। रामपुर में दो युवकों को ड्रोन उड़ाने के शक में हिरासत में लिया गया, लेकिन बाद में पता चला कि वे सोशल मीडिया रील बनाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे थे।
इस घटना ने क्षेत्र में सामाजिक शांति और सुरक्षा पर कई सवाल खड़े किए। ड्रोन की अफवाहों ने न केवल लोगों में डर पैदा किया, बल्कि पुलिस और प्रशासन के लिए भी चुनौती खड़ी की। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और संदेशों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। पुलिस ने इसे एक शरारतपूर्ण हरकत माना, लेकिन यह भी चेतावनी दी कि ऐसी गतिविधियां गंभीर अपराध की श्रेणी में आ सकती हैं। मुजफ्फरनगर में कबूतरों के जरिए ड्रोन की अफवाह फैलाने का यह मामला एक अनोखी लेकिन गंभीर शरारत का उदाहरण है। दो युवकों की इस हरकत ने पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना दिया।
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