मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में इस्लाम क़ुबूल न करने पर युवती की निर्मम हत्या, धर्मांतरण के दबाव और 'लव जिहाद' का मामला। 

love jihad Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के नेपानगर थाना क्षेत्र के नावरा गांव में 1 अगस्त 2025 की देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने ....

Aug 5, 2025 - 11:40
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मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में इस्लाम क़ुबूल न करने पर युवती की निर्मम हत्या, धर्मांतरण के दबाव और 'लव जिहाद' का मामला। 
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में इस्लाम क़ुबूल न करने पर युवती की निर्मम हत्या, धर्मांतरण के दबाव और 'लव जिहाद' का मामला। 

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के नेपानगर थाना क्षेत्र के नावरा गांव में 1 अगस्त 2025 की देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। एक युवक ने अपनी कथित प्रेमिका की गला काटकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस घटना ने न केवल स्थानीय समुदाय में सनसनी फैला दी, बल्कि पूरे क्षेत्र में आक्रोश और चर्चा का माहौल बना दिया। पुलिस ने आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया और मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। इस हत्या के पीछे धर्मांतरण का दबाव और तथाकथित 'लव जिहाद' का मामला सामने आया है।

घटना शुक्रवार, 1 अगस्त 2025 की रात को नावरा गांव में हुई। मृतका, 35 वर्षीय भाग्यश्री नमदेव धनुक, अपने घर में थी जब आरोपी, शेख रईस (42), पुत्र शेख आसिफ, ने उस पर चाकू से हमला किया। पुलिस के अनुसार, रईस ने भाग्यश्री का गला रेत दिया और कई बार चाकू मारकर उसकी हत्या कर दी। भाग्यश्री की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही नेपानगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया।

भाग्यश्री की बहन, सुभद्रा बाई, ने पुलिस और मीडिया को बताया कि रईस लंबे समय से भाग्यश्री को परेशान कर रहा था। सुभद्रा ने आरोप लगाया, “रईस मेरी बहन को शादी करने और इस्लाम धर्म अपनाने के लिए दबाव डाल रहा था। वह उसे बार-बार धमकाता था और शारीरिक रूप से भी परेशान करता था। जब मेरी बहन ने उसका प्रस्ताव ठुकरा दिया, तो उसने रात में हमारे घर में घुसकर उसका गला काट दिया।” सुभद्रा ने यह भी बताया कि घटना से कुछ घंटे पहले ही उन्होंने पुलिस को रईस की हरकतों के बारे में शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

नेपानगर पुलिस ने घटना के बाद तुरंत कार्रवाई शुरू की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अंतर सिंह कनेश ने बताया कि आरोपी शेख रईस के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। रईस को हिरासत में ले लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है। पुलिस ने यह भी पुष्टि की कि मामले की जांच सभी पहलुओं से की जा रही है, जिसमें धर्मांतरण का दबाव और कथित 'लव जिहाद' का कोण भी शामिल है।

पुलिस ने मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए बुरहानपुर जिला अस्पताल भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि भाग्यश्री की मौत गले पर गहरे घाव और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण हुई। पुलिस ने घटनास्थल से हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद किया है।

घटना के बाद भाग्यश्री के परिवार और स्थानीय समुदाय में गुस्सा फैल गया। 2 अगस्त 2025 को परिवार और समुदाय के लोगों ने भाग्यश्री का शव नावरा चौराहे पर रखकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोपी के घर और दुकान को तोड़ने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने नावरा पुलिस चौकी के दो कांस्टेबलों, वसीम कुरैशी और इकबाल खान, पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उनके निलंबन की मांग की। परिवार का कहना था कि अगर पुलिस ने उनकी शिकायत पर पहले ही कार्रवाई की होती, तो यह हत्या टाली जा सकती थी।

बाद में, पुलिस अधिकारियों ने परिवार को समझाया और आश्वासन दिया कि लापरवाही बरतने वाले कांस्टेबलों को लाइन अटैच कर दिया गया है। इसके अलावा, आरोपी के सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माण को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। इन आश्वासनों के बाद परिवार ने शाम 6:50 बजे भाग्यश्री का अंतिम संस्कार किया।

इस घटना को स्थानीय हिंदू संगठनों, जैसे बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी), हिंदू जागरण मंच और बलाई समुदाय के नेताओं ने 'लव जिहाद' का मामला करार दिया। उन्होंने इस हत्या को धर्मांतरण के दबाव से जोड़ा और कड़ी कार्रवाई की मांग की। बजरंग दल के नेता मनोज परमार ने कहा, “यह केवल एक हत्या नहीं है, बल्कि सुनियोजित तरीके से हिंदू महिलाओं को निशाना बनाने का मामला है। हम मांग करते हैं कि आरोपी को फांसी दी जाए और पीड़ित परिवार को अनुसूचित जाति/जनजाति अधिनियम के तहत 4.12 लाख रुपये का मुआवजा तुरंत दिया जाए।”

पूर्व मध्य प्रदेश मंत्री अर्चना चिटनिस ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और पुलिस अधिकारियों से बात कर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, “यह एक गंभीर अपराध है। पुलिस को पहले ही शिकायत पर कार्रवाई करनी चाहिए थी। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि दोषियों को कड़ी सजा मिले।”

बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी और इसे 'लव जिहाद' का मामला बताते हुए हिंदू समुदाय से एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा, “कुछ लोग हिंदू लड़कियों को प्यार के नाम पर फंसाते हैं और जब वे धर्मांतरण से इनकार करती हैं, तो उनकी हत्या कर दी जाती है। हिंदुओं को अब जागना होगा।”

  • 'लव जिहाद' का विवाद

'लव जिहाद' शब्द इस मामले में व्यापक चर्चा का विषय बन गया। यह शब्द हाल के वर्षों में मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में अंतर-धार्मिक संबंधों से जुड़े मामलों में अक्सर इस्तेमाल किया जाता है। हिंदू संगठनों का दावा है कि कुछ लोग सुनियोजित तरीके से हिंदू महिलाओं को प्रेम के जाल में फंसाकर उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करते हैं। इस मामले में भी, भाग्यश्री की बहन ने आरोप लगाया कि रईस ने लंबे समय तक उसकी बहन को बहलाया-फुसलाया और धर्मांतरण का दबाव बनाया।

हालांकि, इस शब्द का इस्तेमाल विवादास्पद रहा है। कुछ लोग इसे सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने वाला मानते हैं। मध्य प्रदेश में हाल ही में 'लव जिहाद' से जुड़े कई मामले सामने आए हैं, जिनमें भोपाल में एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ था। इस गिरोह पर हिंदू महिलाओं को निशाना बनाने और उन्हें ब्लैकमेल करने का आरोप था।

मध्य प्रदेश में 2021 में लागू हुए धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत, जबरन या धोखे से धर्मांतरण पर सख्त सजा का प्रावधान है। इस कानून के तहत, यदि कोई व्यक्ति किसी को शादी के लिए धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करता है, तो उसे सात साल तक की सजा हो सकती है। इस मामले में पुलिस ने अभी तक इस अधिनियम के तहत कार्रवाई की पुष्टि नहीं की है, लेकिन जांच में इस कोण को शामिल किया गया है।

सामाजिक रूप से, यह घटना महिलाओं की सुरक्षा और अंतर-धार्मिक संबंधों के संवेदनशील मुद्दे को सामने लाती है। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर इस हत्या की निंदा करते हुए कहा कि समाज को ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए और जागरूक होने की जरूरत है। एक यूजर ने लिखा, “यह सिर्फ एक हत्या नहीं है, बल्कि समाज में बढ़ती असहिष्णुता और हिंसा का परिणाम है। हमें एक-दूसरे के धर्म का सम्मान करना सीखना होगा।”

बुरहानपुर में यह पहला मामला नहीं है जिसमें 'लव जिहाद' का आरोप लगा हो। मध्य प्रदेश में हाल के महीनों में कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें अंतर-धार्मिक संबंधों को लेकर विवाद हुआ। उदाहरण के लिए, भोपाल में मई 2025 में एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ था, जो कथित तौर पर हिंदू महिलाओं को निशाना बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करता था।

इसके अलावा, मध्य प्रदेश सरकार ने 'लव जिहाद' के खिलाफ सख्त कानून लागू किए हैं, जिसके तहत पुलिस को ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश हैं। इस घटना ने एक बार फिर इन कानूनों की प्रभावशीलता और पुलिस की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं।

नावरा गांव में भाग्यश्री की हत्या ने न केवल एक परिवार को दुख में डुबो दिया, बल्कि समाज में धर्म, प्रेम और हिंसा जैसे जटिल मुद्दों पर चर्चा को जन्म दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन परिवार और समुदाय की मांग है कि इस मामले में कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए और ठोस कदम उठाने की जरूरत है। साथ ही, 'लव जिहाद' जैसे शब्दों का इस्तेमाल सावधानी से करना चाहिए ताकि सांप्रदायिक सौहार्द बरकरार रहे।

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