मोनालिसा भोसले का दावा: निर्देशक सनोज मिश्रा पर लगाया गलत तरीके से छूने का आरोप, परिवार को भी घेरा
अभिनेत्री मोनालिसा भोसले ने हाल ही में मीडिया के सामने आकर निर्देशक सनोज मिश्रा पर छेड़छाड़ और गलत इरादे से छूने के गंभीर आरोप लगाए
- "फर्श से अर्श तक पहुँचाने वाले पर ही किया वार": सनोज मिश्रा ने वीडियो जारी कर दी सफाई, आरोपों को बताया सोची-समझी साजिश
- पारिवारिक रिश्तों में दरार: मोनालिसा ने पिता के चरित्र और मां के प्रेम पर उठाए सवाल, पिता ने बेटी से की सच्चाई न छुपाने की अपील
अभिनेत्री मोनालिसा भोसले ने हाल ही में मीडिया के सामने आकर निर्देशक सनोज मिश्रा पर छेड़छाड़ और गलत इरादे से छूने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मोनालिसा का कहना है कि काम के दौरान निर्देशक का व्यवहार उनके प्रति मर्यादित नहीं था। इस बयान ने फिल्म जगत में सनसनी मचा दी है क्योंकि सनोज मिश्रा वही व्यक्ति हैं जिन्होंने मोनालिसा को उस समय पहचाना था जब वह कुंभ मेले में मालाएं बेचकर अपना गुजारा करती थीं। सनोज ने ही उन्हें फिल्मों में लॉन्च किया और एक पहचान दिलाई। अभिनेत्री के इस नए और आक्रामक रूप ने सभी को चौंका दिया है, क्योंकि इससे पहले उन्होंने कभी भी सार्वजनिक रूप से इस तरह की शिकायत नहीं की थी। अब अचानक लगाए गए इन आरोपों ने निर्देशक की छवि पर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
निर्देशक सनोज मिश्रा ने इन आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए एक भावुक और कड़ा वीडियो संदेश जारी किया है। उन्होंने कहा कि मोनालिसा के आरोपों से उन्हें गहरा दुख पहुँचा है क्योंकि उन्होंने उसे 'जमीन से उठाकर' एक चमकता हुआ सितारा बनाया था। सनोज ने अपनी सफाई में कहा कि उनके चरित्र पर पहले भी कई बार प्रहार करने की कोशिश की गई है, लेकिन सच्चाई हमेशा सामने आती है। उन्होंने इन आरोपों को एक गहरी साजिश का हिस्सा बताया और कहा कि कुछ लोग उन्हें बदनाम करने के लिए मोनालिसा का इस्तेमाल कर रहे हैं। निर्देशक ने दृढ़ता से कहा कि वे जिहादियों और देशद्रोहियों के सामने कभी नहीं झुकेंगे और इस कानूनी लड़ाई को अंत तक लड़ेंगे ताकि सच सबके सामने आ सके।
विवाद केवल कार्यस्थल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मोनालिसा ने अपने माता-पिता पर भी बेहद निजी और गंभीर लांछन लगाए हैं। उन्होंने अपने पिता के चरित्र पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि उनके अन्य महिलाओं के साथ संबंध रहे हैं। साथ ही, उन्होंने अपनी मां पर भी आरोप लगाया कि उन्होंने कभी उन्हें वह प्यार और ममता नहीं दी जिसकी वे हकदार थीं। एक बेटी द्वारा अपने ही माता-पिता के विरुद्ध इस तरह की बयानबाजी ने समाज के एक बड़े वर्ग को हैरान कर दिया है। मोनालिसा ने अपने परिवार के साथ अपने सभी रिश्तों को खत्म करने की बात कही है, जिससे उनके घर के भीतर चल रही कलह अब सड़क पर आ गई है। फिल्म उद्योग में अक्सर 'गॉडफादर' और 'प्रोटेजी' के रिश्तों के बीच आने वाले उतार-चढ़ाव सुर्खियों में रहते हैं। सनोज मिश्रा और मोनालिसा भोसले का मामला भी कुछ ऐसा ही नजर आता है। जहाँ एक तरफ एक गुरु अपनी शिष्या की सफलता का श्रेय लेता है, वहीं दूसरी तरफ शिष्या अपने ही मार्गदर्शक पर शोषण के आरोप लगा रही है। इस तरह के मामलों में अक्सर कानूनी जांच के बाद ही दूध का दूध और पानी का पानी हो पाता है, लेकिन शुरुआती स्तर पर यह दोनों ही पक्षों की प्रतिष्ठा को भारी नुकसान पहुँचाता है।
मोनालिसा के पिता ने अपनी बेटी द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह से निराधार और झूठा करार दिया है। उन्होंने एक बयान जारी करते हुए अपनी बेटी से भावुक अपील की है कि वह किसी बाहरी व्यक्ति या किसी दबाव में आकर अपने ही परिवार पर ऐसे कीचड़ न उछाले। पिता का कहना है कि मोनालिसा को भड़काया जा रहा है और वह सच्चाई से भटक गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक पिता के रूप में उन्होंने हमेशा अपनी बेटी का भला चाहा है और उसके द्वारा लगाए गए चारित्रिक आरोप केवल उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश है। परिवार का मानना है कि मोनालिसा की शादी के बाद से ही उनकी सोच और व्यवहार में यह बदलाव आया है।
मनोरंजन जगत के विशेषज्ञों का मानना है कि फरमान खान के साथ उनकी शादी और उसके बाद पैदा हुए कानूनी पेचीदगियों ने मोनालिसा को मानसिक रूप से काफी प्रभावित किया है। सनोज मिश्रा के समर्थकों का तर्क है कि जब मोनालिसा संघर्ष कर रही थीं, तब सनोज ने उन्हें सहारा दिया और आज जब वे सफल हो गई हैं, तो वे उन पर ही वार कर रही हैं। दूसरी ओर, मोनालिसा के समर्थकों का कहना है कि किसी भी महिला के लिए ऐसे आरोप लगाना आसान नहीं होता और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इस विवाद ने फिल्म निर्माण से जुड़े नैतिक मूल्यों और कलाकारों की सुरक्षा पर भी नई चर्चा छेड़ दी है।
पुलिस और कानून प्रवर्तन एजेंसियां अब इस मामले में दी गई शिकायतों का अध्ययन कर रही हैं। सनोज मिश्रा ने कहा है कि वे हर जांच के लिए तैयार हैं क्योंकि उनके पास अपनी बेगुनाही के सबूत हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यह पूरा मामला केवल उनके खिलाफ नहीं बल्कि एक विशेष विचारधारा के खिलाफ है जिसे वे बढ़ावा देते रहे हैं। आने वाले दिनों में कोर्ट और पुलिस की कार्यवाही से यह साफ होगा कि क्या वास्तव में निर्देशक का व्यवहार गलत था या फिर मोनालिसा किसी बड़े खेल का हिस्सा बन गई हैं। फिलहाल, सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों के बीच जंग जारी है और लोग अपनी-अपनी राय रख रहे हैं।
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