स्मार्टफोन की स्टोरेज फुल? ऐप्स डिलीट किए बिना भी स्पेस खाली करने का आसान तरीका: एंड्रॉयड 15 में ऐप आर्काइव फीचर से 50-60% जगह बचेगी।
एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूजर्स के लिए स्टोरेज की समस्या आम हो गई है क्योंकि फोटो, वीडियो, ऐप्स और कैश फाइल्स मिलकर फोन की मेमोरी जल्दी
एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूजर्स के लिए स्टोरेज की समस्या आम हो गई है क्योंकि फोटो, वीडियो, ऐप्स और कैश फाइल्स मिलकर फोन की मेमोरी जल्दी भर देते हैं। अब एंड्रॉयड 15 और उसके बाद के वर्जन में एक नया फीचर उपलब्ध है जिसे ऐप आर्काइव कहा जाता है। इस फीचर की मदद से यूजर्स किसी भी ऐप को पूरी तरह डिलीट किए बिना स्पेस खाली कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर उसे तुरंत वापस इस्तेमाल कर सकते हैं। यह सुविधा गूगल प्ले स्टोर द्वारा सपोर्ट की जाती है और एंड्रॉयड 15 से डिफॉल्ट रूप से एक्टिव है।
ऐप आर्काइव फीचर का मुख्य उद्देश्य यूजर्स को उन ऐप्स को बनाए रखने की अनुमति देना है जिन्हें वे अक्सर इस्तेमाल नहीं करते लेकिन भविष्य में जरूरत पड़ सकती है। जब कोई ऐप आर्काइव किया जाता है तो उसके इंस्टॉल्ड कोड, रिसोर्सेस, लाइब्रेरीज और टेम्परेरी फाइल्स हटा दिए जाते हैं। इसके साथ ही ऐप का आइकन फोन पर बना रहता है लेकिन यह डिम हो जाता है और उस पर एक छोटा क्लाउड आइकन दिखाई देता है। केवल यूजर का लॉग-इन डेटा, सेटिंग्स, प्रेफरेंस और क्लाउड पर सेव्ड प्रोग्रेस ही बचा रहता है। इससे ऐप का साइज 50 से 60 प्रतिशत तक कम हो जाता है और फोन में काफी स्पेस खाली हो जाता है।
आर्काइव करने के बाद जब यूजर उसी ऐप के आइकन पर टैप करता है तो फोन ऑटोमैटिकली गूगल प्ले स्टोर से उस ऐप का लेटेस्ट वर्जन डाउनलोड कर लेता है। डाउनलोड पूरा होने पर ऐप पहले जैसी स्थिति में वापस आ जाती है। यूजर को वही पुरानी लॉग-इन, सेटिंग्स, गेम प्रोग्रेस, चैट हिस्ट्री और अन्य डेटा मिल जाता है। पूरी प्रक्रिया इतनी स्मूद होती है कि यूजर को पता ही नहीं चलता कि ऐप कभी आर्काइव किया गया था। यह फीचर उन ऐप्स के लिए खासतौर पर उपयोगी है जो बड़े साइज के होते हैं जैसे गेम्स, सोशल मीडिया ऐप्स या वीडियो एडिटिंग टूल्स।
इस फीचर को इस्तेमाल करने का तरीका बहुत आसान है। यूजर को फोन की सेटिंग्स में जाना होता है फिर ऐप्स या ऐप्स एंड नोटिफिकेशन्स सेक्शन में जाना होता है। वहां सभी इंस्टॉल्ड ऐप्स की लिस्ट दिखाई देती है। जिस ऐप को आर्काइव करना हो उस पर टैप करें और तीन डॉट मेन्यू या ऐप इंफो में जाकर आर्काइव ऐप का विकल्प चुनें। कुछ फोन्स में यह विकल्प प्ले स्टोर के मैनेज ऐप्स सेक्शन में भी उपलब्ध होता है जहां यूजर आर्काइव बटन पर क्लिक कर सकते हैं। आर्काइव प्रक्रिया कुछ सेकंड से लेकर कुछ मिनट तक ले सकती है लेकिन यह बैकग्राउंड में चलती है।
रिस्टोर करने के लिए बस आर्काइव्ड ऐप के आइकन पर टैप करना होता है। स्क्रीन पर रिस्टोर का विकल्प दिखता है जिसे चुनते ही ऐप डाउनलोड होना शुरू हो जाता है। डाउनलोड के दौरान इंटरनेट कनेक्शन जरूरी होता है। एक बार रिस्टोर हो जाने पर ऐप पूरी तरह से पहले जैसी स्थिति में आ जाती है। यह फीचर उन यूजर्स के लिए बहुत फायदेमंद है जिनके पास कम स्टोरेज वाले फोन हैं जैसे 64 जीबी या 128 जीबी मॉडल और वे कई ऐप्स रखना चाहते हैं लेकिन स्पेस की कमी से परेशान रहते हैं। एंड्रॉयड 15 से पहले भी गूगल ने प्ले स्टोर में ऐप आर्काइव फीचर शुरू किया था लेकिन वह केवल प्ले स्टोर के माध्यम से काम करता था और सभी फोन्स पर उपलब्ध नहीं था। एंड्रॉयड 15 के साथ यह फीचर सिस्टम लेवल पर इंटीग्रेट हो गया है जिससे यह ज्यादा तेज और विश्वसनीय हो गया है। गूगल का दावा है कि आर्काइव्ड ऐप्स का साइज मूल ऐप के मुकाबले काफी कम रहता है और रिस्टोरेशन प्रक्रिया भी बहुत तेज होती है।
इस फीचर का एक और फायदा यह है कि यूजर को ऐप डेटा बैकअप की चिंता नहीं करनी पड़ती क्योंकि जरूरी डेटा क्लाउड पर सेव रहता है और ऐप रिस्टोर होने पर ऑटोमैटिकली वापस लोड हो जाता है। हालांकि कुछ थर्ड-पार्टी ऐप्स में अगर डेवलपर ने क्लाउड बैकअप सपोर्ट नहीं किया हो तो वह डेटा खो सकता है लेकिन ज्यादातर पॉपुलर ऐप्स जैसे व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, गेम्स और सोशल मीडिया ऐप्स में यह फीचर अच्छे से काम करता है। एंड्रॉयड यूजर्स के लिए यह फीचर स्टोरेज मैनेजमेंट को बहुत आसान बनाता है। अब यूजर्स को पुराने ऐप्स को बार-बार अनइंस्टॉल और रीइंस्टॉल करने की जरूरत नहीं पड़ती। वे बस आर्काइव करके स्पेस खाली कर सकते हैं और जब चाहें वापस इस्तेमाल कर सकते हैं। यह सुविधा खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी है जो फोटो, वीडियो और अन्य फाइल्स के लिए ज्यादा स्पेस रखना चाहते हैं।
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