Gaza City: ट्रम्प का शांति दावा फेल, सबरा में इजरायली हवाई हमले से बहुमंजिला इमारत ढही, 40 से अधिक लोग मलबे में दबे; हमास पर निशाना।
गाजा सिटी के सबरा इलाके में गुरुवार रात को इजरायली सेना के हवाई हमले ने एक बहुमंजिला इमारत को निशाना बनाया, जिससे इमारत ढह गई और करीब 40 लोग मलबे के नीचे
गाजा सिटी के सबरा इलाके में गुरुवार रात को इजरायली सेना के हवाई हमले ने एक बहुमंजिला इमारत को निशाना बनाया, जिससे इमारत ढह गई और करीब 40 लोग मलबे के नीचे दब गए। हमले के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गाजा की नागरिक सुरक्षा एजेंसी ने बताया कि अब तक चार शव बरामद हो चुके हैं, जबकि दर्जनों लोग अभी भी फंसे हुए हैं। इजरायली सेना ने पुष्टि की कि हमला हमास के आतंकियों पर किया गया था, जो सैनिकों के लिए तत्काल खतरा पैदा कर रहे थे। यह घटना गाजा युद्ध के नए दौर में आई है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता से इजरायल और हमास के बीच युद्ध विराम समझौते पर हस्ताक्षर हो चुके हैं। लेकिन समझौता अभी प्रभावी नहीं हुआ था, इसलिए हमला हुआ। अल-शिफा अस्पताल के अनुसार, बुधवार शाम से अब तक 30 फिलिस्तीनी मारे गए हैं। यह हमला गाजा सिटी पर इजरायली घेराबंदी का हिस्सा लगता है, जहां सैनिकों ने शेख रदवान, सबरा, तेल अल-हवा और तटवर्ती इलाकों पर कब्जा कर लिया है।
घटना 9 अक्टूबर 2025 को रात करीब 10 बजे सबरा के दक्षिणी हिस्से में घटी। सबरा गाजा सिटी का एक घनी आबादी वाला इलाका है, जहां हजारों फिलिस्तीनी परिवार रहते हैं। इजरायली वायुसेना ने एक सटीक हवाई हमला किया, जो एक बहुमंजिला इमारत पर केंद्रित था। इमारत में कई परिवार रहते थे, जो बाढ़ और युद्ध से विस्थापित होकर यहां शरण लिए हुए थे। हमले से इमारत का ऊपरी हिस्सा ध्वस्त हो गया और मलबा चारों तरफ बिखर गया। स्थानीय लोग चीखें मारते हुए भागे, लेकिन रात का अंधेरा और धूल ने बचाव कार्य को मुश्किल बना दिया। गाजा सिविल डिफेंस के अधिकारी मोहम्मद अल-मघारी ने बताया कि हमले के तुरंत बाद बचाव दल पहुंचे, लेकिन मलबे के नीचे फंसे लोगों तक पहुंचना कठिन था। उन्होंने कहा कि कम से कम 40 लोग दबे हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। अब तक चार शव निकाले गए हैं, जिनमें दो महिलाएं हैं। नौ लोग घायल भी हुए हैं।
इजरायली सेना ने हमले की पुष्टि की। आईडीएफ के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ्रिन ने कहा कि हमला हमास के एक सेल पर किया गया, जो उत्तरी गाजा में इजरायली सैनिकों के करीब सक्रिय था। उन्होंने दावा किया कि हमास के लड़ाके इजरायली सैनिकों पर हमला करने की योजना बना रहे थे। आईडीएफ ने कहा कि यह कार्रवाई सैनिकों की सुरक्षा के लिए जरूरी थी। लेकिन फिलिस्तीनी पक्ष ने इसे नागरिकों पर हमला बताया। हमास ने कहा कि इमारत में कोई सैन्य ठिकाना नहीं था, बल्कि वहां आम नागरिक रहते थे। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि हमले से निर्दोष लोगों की जान गई। यह घटना गाजा सिटी पर इजरायली आक्रामकता का हिस्सा है, जहां 7 अक्टूबर 2025 को इजरायल ने नागरिकों को दक्षिण की ओर जाने का आदेश दिया था। लेकिन कई परिवार भाग नहीं सके।
अल-शिफा अस्पताल, जो गाजा का सबसे बड़ा मेडिकल सेंटर है, इस हमले से बुरी तरह प्रभावित हुआ। अस्पताल के निदेशक डॉ. मोहम्मद अबू सलमिया ने बताया कि बुधवार शाम से अब तक 30 फिलिस्तीनी शव अस्पताल पहुंचे हैं। इनमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। अस्पताल पर भी दबाव है, क्योंकि युद्ध के कारण दवाओं और बिजली की कमी है। डॉक्टरों को बिना एनेस्थीसिया के ऑपरेशन करने पड़ रहे हैं। एक ऑस्ट्रेलियाई डॉक्टर ने कहा कि हर दिन मास कैजुअल्टी इवेंट जैसा लगता है। अस्पताल के आसपास इजरायली टैंक तैनात हैं, जो हमेशा खतरा पैदा करते हैं। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, युद्ध शुरू होने से अब तक 68,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं, जिनमें आधे से ज्यादा महिलाएं और बच्चे हैं। इजरायल का दावा है कि 1,983 इजरायली मारे गए।
यह हमला इजरायल-हमास युद्ध के संवेदनशील दौर में आया। 9 अक्टूबर को ट्रंप प्रशासन की मध्यस्थता से युद्ध विराम समझौते पर हस्ताक्षर हुए। समझौते के तहत हमास 48 बंधकों को रिहा करेगा, बदले में इजरायल फिलिस्तीनी कैदियों को छोड़ेगा। इजरायल गाजा से सेना हटाएगा और युद्ध समाप्त होगा। लेकिन समझौता 24 घंटे बाद प्रभावी होना था। हमले के समय यह अभी लागू नहीं हुआ था। हमास ने कहा कि इजरायल समझौते का उल्लंघन कर रहा है। उधर, हमास ने दावा किया कि उसने गाजा सिटी के दक्षिणी किनारे पर इजरायली पोस्ट पर हमला किया। उन्होंने आरपीजी से टैंक पर फायर किया और एक सैनिक को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन असफल रहे। इजरायल ने कहा कि ड्रोन से तीन हमास लड़ाकों को मार गिराया।
गाजा सिटी पर इजरायली घेराबंदी तेज हो गई है। सेना ने जेतून, सबरा, रिमाल और तुफाह इलाकों पर बमबारी की। दो अस्पताल, अल-रंतिसी चिल्ड्रन हॉस्पिटल और आई हॉस्पिटल, हमलों से बंद हो चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी कि गाजा में अकाल जैसी स्थिति है। हजारों परिवार दक्षिण की ओर भाग रहे हैं, लेकिन रास्ते में बमबारी हो रही है। एक फिलिस्तीनी ने कहा कि रास्ते पर कारों की लंबी कतारें हैं और ऊपर से हवाई हमले हो रहे। इजरायल ने कहा कि वह हमास को पूरी तरह नष्ट करेगा। लेकिन मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स वॉच ने कहा कि नागरिकों पर हमले युद्ध अपराध हैं।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो गया। इसमें मलबे के नीचे फंसे लोगों की चीखें सुनाई दे रही हैं। बचाव दल हाथों से मलबा हटा रहे हैं। लोग कह रहे हैं कि युद्ध विराम का वादा झूठा साबित हो रहा। ट्विटर पर #GazaUnderAttack ट्रेंड कर रहा। इजरायली मीडिया ने कहा कि हमास ने समझौते से पहले ही सैनिक पकड़ने की कोशिश की। फिलिस्तीनी मीडिया ने इजरायल पर आरोप लगाया कि वह युद्ध विराम को तोड़ रहा। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने दोनों पक्षों से संयम बरतने को कहा। उन्होंने कहा कि गाजा में मानवीय संकट गहरा रहा है।
गाजा युद्ध दो साल से चल रहा है। 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले से शुरू हुआ, जिसमें 1,200 इजरायली मारे गए। इजरायल ने जवाबी कार्रवाई की। अब तक 70,000 से अधिक मौतें हो चुकी हैं। ट्रंप ने कहा कि यह मध्य पूर्व में शांति लाएगा। लेकिन हमला सब सवाल खड़े कर रहा। इजरायली कैबिनेट ने समझौते को मंजूरी दी, लेकिन हमास ने कहा कि इजरायल को युद्ध रोकना होगा। गाजा में बिजली, पानी और भोजन की कमी है। अस्पतालों में दवाओं का टोटा है। डॉक्टर कहते हैं कि बच्चे भूख से मर रहे।
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