फरीदाबाद के दयालपुर में पारिवारिक कलह का खौफनाक अंत, पिता ने 5 साल के बेटे संग की खुदकुशी
वारदात वाले दिन यानी रविवार की सुबह घटनाक्रम ने तब करवट ली जब सागर अचानक मच्छगर गांव स्थित अपने परिवार के किराये के घर जा पहुंचा। वहां पहुंचते ही एक बार फिर किसी पुरानी बात को लेकर परिवार के बीच तीखी बहस और कहासुनी शुरू हो गई। इस
- ममता और रिश्तों का कत्ल: झगड़े के बाद बेटे को मच्छगर से दयालपुर लाया था पिता, बंद कमरे में मिले दोनों के शव
- सदर थाना पुलिस ने शुरू की गहन तफ्तीश, एक साल से अलग रह रहे परिवार के बीच विवाद बना मौत का कारण
हरियाणा के फरीदाबाद जिले के दयालपुर गांव में एक ऐसी हृदयविदारक घटना घटित हुई है, जिसने न केवल स्थानीय निवासियों को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं पर भी गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ एक पिता ने अपनी जीवनलीला समाप्त करने से पहले अपने ही पाँच साल के मासूम बेटे को मौत के घाट उतार दिया। सोमवार को जब इस रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात की खबर गांव में फैली, तो हर तरफ सन्नाटा और दहशत का माहौल बन गया। सदर थाना पुलिस को जैसे ही इस दोहरी मौत की सूचना मिली, टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना करने के बाद दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया। शुरुआती जांच में यह मामला गहरे पारिवारिक तनाव और आपसी कलह का परिणाम नजर आ रहा है, जिसने एक हंसते-खेलते मासूम के भविष्य को हमेशा के लिए शांत कर दिया। इस पूरे प्रकरण की जड़ें पिछले एक साल से चल रहे घरेलू विवादों में समाहित हैं। मृतक की पहचान सागर के रूप में हुई है, जो दयालपुर गांव का निवासी था। सागर के पिता रूपचंद द्वारा पुलिस को दी गई आधिकारिक शिकायत के अनुसार, सागर का व्यवहार पिछले काफी समय से हिंसक और अस्थिर बना हुआ था। वह अक्सर अपनी पत्नी सपना और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा करता था और उनके साथ मारपीट पर उतारू हो जाता था। सागर के इस उग्र स्वभाव से तंग आकर करीब एक साल पहले उसका पूरा परिवार, जिसमें उसके माता-पिता, पत्नी और बेटा रक्षित शामिल थे, उसे दयालपुर में अकेला छोड़कर मच्छगर गांव में एक किराये के मकान में रहने चले गए थे। परिवार का मानना था कि अलग रहने से शायद विवाद कम हो जाएंगे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
वारदात वाले दिन यानी रविवार की सुबह घटनाक्रम ने तब करवट ली जब सागर अचानक मच्छगर गांव स्थित अपने परिवार के किराये के घर जा पहुंचा। वहां पहुंचते ही एक बार फिर किसी पुरानी बात को लेकर परिवार के बीच तीखी बहस और कहासुनी शुरू हो गई। इस गहमागहमी के बीच सागर जिद पर अड़ गया और अपने पाँच साल के बेटे रक्षित को जबरन अपने साथ दयालपुर ले जाने की बात कहने लगा। परिवार के सदस्यों ने शुरू में विरोध किया, लेकिन माहौल को और अधिक खराब होने से बचाने के लिए उन्होंने रक्षित को सागर के साथ भेज दिया। उस वक्त किसी ने यह कल्पना भी नहीं की थी कि सागर के मन में क्या चल रहा है और वह अपने ही बच्चे के साथ इस तरह का आत्मघाती कदम उठा सकता है। जैसे-जैसे शाम ढलती गई, परिवार की चिंताएं बढ़ने लगीं क्योंकि रक्षित को वापस लाने का समय बीत चुका था। सागर का फोन भी लगातार बंद आ रहा था और कोई संपर्क नहीं हो पा रहा था। अनहोनी की आशंका के चलते रूपचंद और परिवार के अन्य सदस्य आनन-फानन में मच्छगर से दयालपुर स्थित अपने पुराने घर पहुंचे। वहां पहुंचने पर उन्होंने देखा कि घर का मुख्य दरवाजा अंदर से पूरी तरह बंद था। काफी आवाजें देने और दरवाजा खटखटाने के बाद भी जब अंदर से कोई हलचल नहीं हुई, तो पड़ोसियों की मदद से दीवार फांदकर घर के भीतर प्रवेश किया गया। जब कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर देखा गया, तो वहां का दृश्य अत्यंत भयावह था; सागर फंदे पर लटका हुआ था और मासूम रक्षित भी उसके पास मृत अवस्था में मिला।
पारिवारिक विवाद:
पुलिस जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया है कि सागर अकेलेपन और अलगाव के कारण मानसिक रूप से काफी परेशान था। समाजशास्त्रियों का मानना है कि जब परिवार के बीच संवाद पूरी तरह बंद हो जाता है और हिंसा घर कर लेती है, तो व्यक्ति अक्सर इस तरह के चरम निर्णय ले लेता है। इस मामले में भी एक साल का अलगाव और रविवार की सुबह हुआ झगड़ा 'ट्रिगर' साबित हुआ, जिसने एक पिता को कातिल और फिर खुदकुशी की ओर धकेल दिया।
सदर थाना पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद ली है। कमरे के भीतर की स्थितियों का विश्लेषण किया जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि सागर ने पहले बच्चे की हत्या किस प्रकार की और फिर खुद फांसी कैसे लगाई। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या सागर ने इस घटना को अंजाम देने से पहले कोई सुसाइड नोट छोड़ा था या किसी को संदेश भेजा था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक समय और तकनीक का पता चल सकेगा। फिलहाल, रूपचंद की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है और परिवार के अन्य सदस्यों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि विवाद के मुख्य कारणों की तह तक पहुंचा जा सके।
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