वाराणसी में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई, वक्फ बोर्ड के ‘मुसाफिर खाना’ पर गरजा बुलडोजर, 300 से अधिक जवानों की तैनाती

लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मुसाफिर खाना परिसर के आसपास बनी कुछ दुकानें और अतिरिक्त निर्माण उस भूमि पर किए गए थे, जो लोक निर्माण विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज है। विभाग ने इस संबंध में पहले ही वक्फ बोर्ड और संबंधित प्रबंधन को नोटिस

May 12, 2026 - 09:54
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वाराणसी में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई, वक्फ बोर्ड के ‘मुसाफिर खाना’ पर गरजा बुलडोजर, 300 से अधिक जवानों की तैनाती
वाराणसी में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई, वक्फ बोर्ड के ‘मुसाफिर खाना’ पर गरजा बुलडोजर, 300 से अधिक जवानों की तैनाती

  • भारी सुरक्षा घेरे में अवैध निर्माण पर प्रहार, मुसाफिर खाना परिसर की संपत्तियों को ढहाने की प्रक्रिया तेज
  • 300 से अधिक जवानों की तैनाती और पीएसी का पहरा, वाराणसी में अतिक्रमण विरोधी अभियान से हड़कंप

धर्म नगरी वाराणसी में मंगलवार सुबह से ही प्रशासनिक हलचल तेज रही, जब जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीम ने संयुक्त रूप से वक्फ बोर्ड द्वारा संचालित ‘मुसाफिर खाना’ की संपत्तियों के खिलाफ ध्वस्तीकरण की बड़ी कार्रवाई शुरू की। यह अभियान वाराणसी के कैंट क्षेत्र के आसपास स्थित उन अवैध निर्माणों और अतिक्रमणों को हटाने के लिए चलाया जा रहा है, जिन्हें लेकर लंबे समय से कानूनी विवाद चल रहा था। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है और इसका उद्देश्य सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को मुक्त कराना है। सुबह होते ही जैसे ही बुलडोजर और ड्रिलिंग मशीनें मौके पर पहुंचीं, पूरे इलाके में तनावपूर्ण शांति पसर गई, जिसे देखते हुए प्रशासन ने पहले ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर लिए थे। ध्वस्तीकरण अभियान की संवेदनशीलता को देखते हुए वाराणसी जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए बहुस्तरीय घेरा तैयार किया है। मौके पर उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ-साथ प्रादेशिक आर्म्स कांस्टेबुलरी (PAC) और अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियों को तैनात किया गया है। जानकारी के अनुसार, इस पूरे ऑपरेशन की कमान संभालने के लिए 300 से अधिक सुरक्षाकर्मियों और अधिकारियों को मैदान में उतारा गया है। इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और आम लोगों की आवाजाही को सीमित कर दिया गया है ताकि किसी भी प्रकार का विरोध प्रदर्शन या अप्रिय स्थिति पैदा न हो सके। ड्रोन कैमरों के माध्यम से आसपास की छतों और गलियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रहे।

लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मुसाफिर खाना परिसर के आसपास बनी कुछ दुकानें और अतिरिक्त निर्माण उस भूमि पर किए गए थे, जो लोक निर्माण विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज है। विभाग ने इस संबंध में पहले ही वक्फ बोर्ड और संबंधित प्रबंधन को नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया था। निर्धारित समयावधि के भीतर अतिक्रमण न हटाए जाने के कारण प्रशासन को कड़ा कदम उठाना पड़ा। मंगलवार को हुई इस कार्रवाई के दौरान मुसाफिर खाना की बाहरी दीवारों और वहां संचालित कुछ व्यावसायिक ढांचों को गिरा दिया गया है। विभाग का तर्क है कि सड़क चौड़ीकरण और जनहित की परियोजनाओं के लिए इस भूमि का खाली होना अनिवार्य है, जिसे लेकर किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। प्रशासनिक स्तर पर इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई थी, जिसमें नगर निगम और राजस्व विभाग की टीमें भी शामिल रहीं। ध्वस्तीकरण से पूर्व इलाके की बिजली काट दी गई ताकि सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। कार्रवाई के दौरान मुसाफिर खाना प्रबंधन की ओर से कुछ विरोध दर्ज कराने की कोशिश की गई, लेकिन भारी पुलिस बल की मौजूदगी के कारण स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही। राजस्व विभाग की टीम ने पैमाइश के आधार पर उन हिस्सों को चिन्हित किया था जो अवैध श्रेणी में आते हैं। बुलडोजर ने बारी-बारी से उन पक्के निर्माणों को ढहा दिया जो पिछले कई दशकों से वहां बने हुए थे। इस दौरान मलबे को हटाने के लिए नगर निगम के ट्रकों को भी तैनात रखा गया ताकि यातायात बाधित न हो।

ध्वस्तीकरण स्थल पर शांति बनाए रखने के लिए पीएसी की दो कंपनियों और जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को तैनात किया गया है। पुलिस ने मुसाफिर खाना की ओर जाने वाले सभी मुख्य मार्गों पर बैरिकेडिंग कर दी है। इसके अतिरिक्त, खुफिया विभाग की टीमें भी सादे कपड़ों में भीड़ के बीच मौजूद हैं ताकि असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जा सके। प्रशासन का स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी और बाधा डालने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान के पीछे के व्यापक उद्देश्यों पर चर्चा करते हुए अधिकारियों ने बताया कि वाराणसी को 'स्मार्ट सिटी' प्रोजेक्ट और बढ़ते पर्यटन के अनुरूप विकसित करने के लिए पुराने अतिक्रमणों का हटना आवश्यक है। मुसाफिर खाना के खिलाफ की गई इस कार्रवाई को केवल एक धार्मिक संपत्ति के तौर पर नहीं बल्कि अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध चल रहे एक बड़े अभियान के हिस्से के रूप में देखा जाना चाहिए। सरकार की नीति स्पष्ट है कि सरकारी संपत्तियों पर किसी भी प्रकार का कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे वह किसी भी संस्था द्वारा संचालित हो। इस अभियान के माध्यम से वाराणसी के अन्य क्षेत्रों में भी अवैध कब्जों के खिलाफ एक कड़ा संदेश भेजने का प्रयास किया गया है, जहां आने वाले दिनों में इसी प्रकार की कार्रवाई हो सकती है।

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