गाजा में इजरायली हमलों से भयावह स्थिति, अक्टूबर 2023 से अब तक 61,827 की मौत
7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इजरायल पर रॉकेट हमले किए और दक्षिणी इजरायल में घुसकर 1,219 लोगों की हत्या कर दी, जिनमें ज्यादातर नागरिक थे। इसके जवाब में इजरायल ने गाजा पर हवाई और
गाजा पट्टी में इजरायली सैन्य कार्रवाइयों ने मानवीय संकट को अभूतपूर्व स्तर पर पहुंचा दिया है। 7 अक्टूबर 2023 को हमास के इजरायल पर हमले के बाद शुरू हुए इस संघर्ष ने गाजा को तबाही के कगार पर ला खड़ा किया है। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अक्टूबर 2023 से 12 अगस्त 2025 तक 61,827 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, जिनमें 18,430 बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा, 1,55,275 लोग घायल हुए हैं। हाल के 24 घंटों में ही 51 लोगों की मौत और 369 लोगों के घायल होने की खबर है, जिसमें कई लोग मानवीय सहायता लेने के दौरान हमलों का शिकार हुए। गाजा में बुनियादी ढांचा पूरी तरह चरमरा गया है, और अधिकांश इमारतें मलबे में तब्दील हो चुकी हैं।
7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इजरायल पर रॉकेट हमले किए और दक्षिणी इजरायल में घुसकर 1,219 लोगों की हत्या कर दी, जिनमें ज्यादातर नागरिक थे। इसके जवाब में इजरायल ने गाजा पर हवाई और जमीनी हमले शुरू किए, जो आज तक जारी हैं। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, मरने वालों में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल हैं। एक स्वतंत्र सर्वेक्षण, जो दिसंबर 2024 से जनवरी 2025 के बीच किया गया, ने अनुमान लगाया कि इस अवधि में 75,200 लोग हिंसक हमलों और 8,540 लोग गैर-हिंसक कारणों जैसे भुखमरी, बीमारी और स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में मारे गए। यह आंकड़ा मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों से 40 प्रतिशत अधिक है, जो मृत्यु दर को कम करके दिखाने की संभावना को दर्शाता है। गाजा में चल रहे युद्ध ने न केवल जान-माल का नुकसान किया, बल्कि भुखमरी और बीमारियों को भी बढ़ावा दिया है।
गाजा में मानवीय स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। मार्च 2025 में इजरायल ने सभी मानवीय सहायता को रोक दिया, जिसके बाद भोजन, दवाइयां और ईंधन की आपूर्ति ठप हो गई। संयुक्त राष्ट्र और अन्य संगठनों ने इस नाकेबंदी को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन बताया। इंटीग्रेटेड फूड सिक्योरिटी फेज क्लासिफिकेशन (आईपीसी) ने जुलाई 2025 में चेतावनी दी कि गाजा में भुखमरी का सबसे खराब स्तर शुरू हो चुका है। 222 लोगों की मौत भुखमरी से हुई, जिनमें 101 बच्चे शामिल हैं। कुछ देशों जैसे फ्रांस, जॉर्डन और संयुक्त अरब अमीरात ने हवाई मार्ग से सहायता भेजने की कोशिश की, लेकिन यह सहायता अक्सर असुरक्षित क्षेत्रों में गिरती है, जिससे लोग इसे लेने के दौरान घायल हो रहे हैं या मारे जा रहे हैं। गाजा में अस्पताल और स्कूल जैसे नागरिक ढांचे भी हमलों का निशाना बने हैं, जिससे बचाव कार्य और मुश्किल हो गया है।
जनवरी 2025 में इजरायल और हमास के बीच तीन चरणों का एक अस्थायी युद्धविराम समझौता हुआ, जिसके तहत बंधकों की रिहाई और विस्थापित लोगों की वापसी की बात थी। हालांकि, इजरायल ने इस दौरान 350 से अधिक उल्लंघन किए, जिसमें 170 लोगों की मौत हुई। मार्च 2025 में युद्धविराम टूटने के बाद हमले और तेज हो गए। गाजा सिविल डिफेंस के प्रवक्ता महमूद बासल ने बताया कि हाल के हमलों में गाजा सिटी के एक अस्पताल के प्रांगण में ड्रोन हमले में सात लोग मारे गए, जो सहायता लेने आए थे। खान यूनिस में एक तंबू पर हमले में चार लोग मारे गए, और जेइतुन क्षेत्र में भारी बमबारी के कारण बचाव दल मलबे में फंसे लोगों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। गाजा में 19.3 लाख लोग विस्थापित हो चुके हैं, जो कुल आबादी का 90 प्रतिशत है।
यह युद्ध न केवल गाजा, बल्कि पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इजरायल के हमलों की निंदा की है, और इजरायल पर अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में नरसंहार के आरोपों की जांच चल रही है। संयुक्त राष्ट्र ने बार-बार तत्काल युद्धविराम और मानवीय सहायता की मांग की है, लेकिन स्थिति में सुधार के कोई संकेत नहीं हैं। गाजा में हर दिन औसतन 28 बच्चे मारे जा रहे हैं, और भुखमरी के कारण शिशुओं की मृत्यु दर में भारी वृद्धि हुई है। यह संकट न केवल मानवीय, बल्कि वैश्विक नैतिकता का भी सवाल बन गया है, जहां लाखों लोग जीवित रहने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
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