अमेरिका ने वेनेजुएला से जुड़े दो तेल टैंकरों को जब्त किया, रूसी झंडे वाले मारिनेरा की उत्तर अटलांटिक में गिरफ्तारी, रूस की सबमरीन भेजने की कोशिश नाकाम।
अमेरिका ने वेनेजुएला से जुड़े दो तेल टैंकरों को जब्त करने की कार्रवाई की है। इनमें से एक रूसी झंडे वाला टैंकर मारिनेरा है, जिसे उत्तर अटलांटिक महासागर
अमेरिका ने वेनेजुएला से जुड़े दो तेल टैंकरों को जब्त करने की कार्रवाई की है। इनमें से एक रूसी झंडे वाला टैंकर मारिनेरा है, जिसे उत्तर अटलांटिक महासागर में जब्त किया गया। यह टैंकर पहले बेला-1 के नाम से जाना जाता था और वेनेजुएला के तेल व्यापार से जुड़ा हुआ है। दूसरा टैंकर कैरेबियन सागर क्षेत्र में जब्त किया गया। ये दोनों जब्तियां अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन करने के आरोप में की गईं, क्योंकि ये टैंकर वेनेजुएला के तेल को अवैध रूप से ले जा रहे थे या ले जाने की तैयारी में थे। मारिनेरा टैंकर को दिसंबर में कैरेबियन सागर में अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने रोकने की कोशिश की थी, लेकिन वह भाग निकला था। इसके बाद टैंकर ने अपना नाम बदला, रूसी झंडा अपनाया और उत्तर की ओर बढ़ गया। पीछा दो सप्ताह से अधिक समय तक चला, जिसमें टैंकर ने अपना ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम बंद कर दिया था। अंततः 7 जनवरी 2026 को उत्तर अटलांटिक में अमेरिकी बलों ने इसे बोर्ड किया और कब्जा कर लिया। इस ऑपरेशन में ब्रिटिश सशस्त्र बलों का भी सहयोग रहा।
मारिनेरा टैंकर की जब्ती के दौरान रूस ने अपनी नौसेना की संपत्तियां भेजी थीं। रिपोर्ट्स के अनुसार, रूस ने एक सबमरीन और अन्य नौसैनिक जहाजों को टैंकर की सुरक्षा के लिए तैनात किया था। ये रूसी जहाज टैंकर को एस्कॉर्ट कर रहे थे और इसे अमेरिकी कार्रवाई से बचाने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, अमेरिकी बलों ने सबमरीन की मौजूदगी के बावजूद टैंकर पर बोर्डिंग कर इसे जब्त कर लिया। रूस की यह कोशिश सफल नहीं हो सकी और टैंकर अमेरिकी नियंत्रण में आ गया। मारिनेरा को रूस की शैडो फ्लीट का हिस्सा माना जा रहा है, जो प्रतिबंधित तेल व्यापार में इस्तेमाल होती है। टैंकर के क्रू ने पीछा के दौरान जहाज पर रूसी झंडा पेंट किया था और दावा किया था कि यह रूसी सुरक्षा के तहत है। लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने इसे प्रतिबंध उल्लंघन मानते हुए कार्रवाई की। यह जब्ती अमेरिकी संघीय अदालत के वारंट के आधार पर हुई।
दूसरे टैंकर की जब्ती कैरेबियन क्षेत्र में हुई, जो भी वेनेजुएला के तेल से जुड़ा था। ये दोनों ऑपरेशन बैक-टू-बैक हुए, जिसमें एक उत्तर अटलांटिक में और दूसरा कैरेबियन में। अमेरिका वेनेजुएला के तेल निर्यात पर सख्त प्रतिबंध लगा रहा है और शैडो फ्लीट या घोस्ट फ्लीट कहे जाने वाले जहाजों को लक्ष्य बना रहा है। ये जहाज अक्सर अपना झंडा, नाम और ट्रांसपॉन्डर बदलकर प्रतिबंधों से बचने की कोशिश करते हैं। मारिनेरा का मामला इसी का उदाहरण है, जहां दिसंबर में वेनेजुएला के पास रोकने की कोशिश नाकाम रहने के बाद यह उत्तर अटलांटिक तक पहुंच गया। पीछे से अमेरिकी कोस्ट गार्ड और नौसेना की टीमें लगी रहीं। आइसलैंड और ब्रिटेन के बीच के क्षेत्र में इसे अंततः पकड़ा गया। रूसी सबमरीन की तैनाती ने स्थिति को तनावपूर्ण बना दिया था, लेकिन अमेरिकी ऑपरेशन सफल रहा।
यह कार्रवाई वेनेजुएला के तेल पर अमेरिकी नियंत्रण की व्यापक योजना का हिस्सा है। प्रतिबंधित तेल की ढुलाई करने वाले जहाजों को जब्त कर अमेरिका इनकी बिक्री या उपयोग को रोक रहा है। मारिनेरा पहले वेनेजुएला के पानी में था या वहां से तेल लेने जा रहा था। रूसी झंडा अपनाने के बाद भी यह प्रतिबंधों से नहीं बच सका। रूस ने सबमरीन भेजकर हस्तक्षेप की कोशिश की, लेकिन टैंकर को बचाने में असफल रहा। दूसरा टैंकर भी इसी तरह के व्यापार से जुड़ा था। ये जब्तियां अमेरिकी प्रशासन की वेनेजुएला नीति को मजबूत करने वाली हैं, जहां अवैध तेल व्यापार को रोका जा रहा है। मारिनेरा की बोर्डिंग उत्तर अटलांटिक के ठंडे पानी में हुई, जहां अमेरिकी बलों ने विशेष ऑपरेशन चलाया। ये दो जब्तियां वेनेजुएला के तेल से जुड़े अवैध व्यापार पर अमेरिकी कार्रवाई का हिस्सा हैं। मारिनेरा को रूसी झंडे और सबमरीन की सुरक्षा के बावजूद जब्त कर लिया गया। पीछा लंबा चला, नाम और झंडा बदला गया, लेकिन अंत में अमेरिकी बल सफल रहे। दूसरी जब्ती कैरेबियन में हुई। यह घटना अंतरराष्ट्रीय समुद्री तनाव को दर्शाती है, जहां प्रतिबंध लागू करने और बचाव की कोशिशें हुईं। मारिनेरा अब अमेरिकी नियंत्रण में है और आगे की कानूनी प्रक्रिया चलेगी। रूस की सबमरीन और जहाजों की तैनाती के बावजूद बचाव नहीं हो सका। ये ऑपरेशन 7 जनवरी 2026 को पूरे हुए।
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