देश- विदेश: रूस-यूक्रेन युद्ध- रूस का अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला, 537 ड्रोन और मिसाइलों से यूक्रेन पर कहर।
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध एक बार फिर सुर्खियों में है, जब 28 जून 2025 की रात रूस ने यूक्रेन पर अब तक के सबसे बड़े हवाई हमलों में से...
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध एक बार फिर सुर्खियों में है, जब 28 जून 2025 की रात रूस ने यूक्रेन पर अब तक के सबसे बड़े हवाई हमलों में से एक को अंजाम दिया। यूक्रेन की वायु सेना के अनुसार, रूस ने इस हमले में 477 ड्रोन और 60 मिसाइलों का इस्तेमाल किया, जिसे युद्ध शुरू होने के बाद से सबसे बड़ा हवाई हमला बताया जा रहा है। इस हमले में यूक्रेन के कई शहरों, जिसमें राजधानी कीव, स्मिला, लविव, और चेर्निहिव शामिल हैं, को निशाना बनाया गया। इस हमले में एक यूक्रेनी F-16 पायलट, लेफ्टिनेंट कर्नल मैक्सिम उस्तीमेंको, की मौत हो गई, जो सात रूसी हवाई लक्ष्यों को नष्ट करने के बाद अपनी जान गंवा बैठे। यह हमला रूस की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली को कमजोर करना और नागरिक मनोबल को तोड़ना है।
28 जून 2025 की रात को रूस ने यूक्रेन पर 537 हवाई हथियारों, जिसमें 477 ड्रोन और 60 मिसाइलें शामिल थीं, के साथ हमला किया। यूक्रेन की वायु सेना के प्रवक्ता यूरी इहनट ने इसे फरवरी 2022 में शुरू हुए पूर्ण पैमाने के आक्रमण के बाद से सबसे बड़ा हवाई हमला करार दिया। इस हमले में रूस ने ईरानी डिजाइन के शाहेद ड्रोन, खिन्जाल हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइलें, और ख-101 क्रूज मिसाइलों का इस्तेमाल किया। हमले का दायरा पूरे यूक्रेन तक फैला, जिसमें कीव, मायकोलाइव, जपोरिझिया, क्रेमेंचुक, और लविव जैसे शहर शामिल थे।
यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणालियों ने 249 ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराया, जबकि बाकी रडार से गायब हो गए। हालांकि, छह स्थानों पर ड्रोन और मिसाइलों के प्रभाव दर्ज किए गए, और आठ स्थानों पर मलबे से नुकसान की खबरें आईं। चेर्निहिव क्षेत्र के स्मिला शहर में एक आवासीय इमारत पर हमला हुआ, जिसमें एक बच्चा घायल हो गया। कीव में कई इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं, और हवाई रक्षा इकाइयों की गोलियों की आवाज रात भर गूंजती रही। इस हमले में यूक्रेन के एक F-16 पायलट, मैक्सिम उस्तीमेंको, की मौत हो गई, जिन्होंने सात रूसी लक्ष्यों को नष्ट करने के बाद अपने विमान को आबादी वाले क्षेत्र से दूर ले जाने की कोशिश की, लेकिन इजेक्ट करने में असफल रहे।
यह हमला रूस की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत वह यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणालियों को कमजोर करने और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर मनोबल तोड़ने की कोशिश कर रहा है। जून 2025 में रूस ने अपनी हवाई हमलों की तीव्रता बढ़ा दी है, जिसमें प्रति सप्ताह 1,000 से अधिक ड्रोन और मिसाइलों का उपयोग हो रहा है। यह हमला 1 जून 2025 को यूक्रेन के "स्पाइडर वेब" ऑपरेशन के जवाब में था, जिसमें यूक्रेनी ड्रोन ने रूस के चार हवाई अड्डों पर हमला कर 40 रूसी विमानों को नष्ट या क्षतिग्रस्त किया था। रूस ने इसे "आतंकवादी कृत्य" करार देते हुए जवाबी हमले की धमकी दी थी।
रूस ने इस हमले में न केवल अपनी स्वदेशी मिसाइलों का इस्तेमाल किया, बल्कि उत्तर कोरिया और ईरान से प्राप्त हथियार भी शामिल किए। यूक्रेन की वायु सेना ने बताया कि हमले में इस्तेमाल कुछ मिसाइलें उत्तर कोरियाई थीं, और अधिकांश ड्रोन ईरानी डिजाइन के शाहेद ड्रोन थे। यह रूस की बढ़ती हथियार उत्पादन क्षमता और विदेशी सहायता पर निर्भरता को दर्शाता है।
यूक्रेन ने इस हमले का जवाब अपनी वायु रक्षा प्रणालियों और F-16 लड़ाकू विमानों के जरिए दिया। हालांकि, सीमित संसाधनों के कारण यूक्रेन की हवाई रक्षा प्रणालियां दबाव में हैं। राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इस हमले को "आतंकवादी कृत्य" करार दिया और अमेरिका व यूरोपीय देशों से रूस पर और सख्त प्रतिबंध लगाने की मांग की। उन्होंने कहा, "मास्को तब तक नहीं रुकेगा जब तक उसके पास बड़े पैमाने पर हमले करने की क्षमता है।"
यह हमला ऐसे समय में हुआ जब रूस और यूक्रेन के बीच इस्तांबुल में शांति वार्ताएं चल रही हैं। 2 जून को शुरू हुई इन वार्ताओं में कोई बड़ा परिणाम नहीं निकला, क्योंकि रूस ने यूक्रेन की बिना शर्त युद्धविराम की मांग को ठुकरा दिया था। यूक्रेन ने रूस पर वार्ताओं को बाधित करने का आरोप लगाया, जबकि रूस ने भी यूक्रेन पर यही इल्जाम लगाया। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दोनों पक्षों को युद्धविराम के लिए दबाव डाला, लेकिन उनकी नीति में रूस पर नए प्रतिबंध लगाने की अनिच्छा स्पष्ट है। इस हमले ने यूक्रेन के नागरिकों पर गहरा प्रभाव डाला। कीव में रात भर हवाई हमले की चेतावनियां बजती रहीं, और लोग मेट्रो स्टेशनों में शरण लेने को मजबूर हुए। स्मिला और कीव जैसे शहरों में क्षतिग्रस्त इमारतों और मलबे में दबे लोगों की तस्वीरें सामने आईं। स्थानीय लोग इस हमले को बाखमुत और मारियुपोल जैसे तबाह हुए शहरों की याद दिलाने वाला बता रहे हैं। इस हमले ने यूक्रेन की पहले से ही कमजोर बुनियादी ढांचे को और नुकसान पहुंचाया। बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित हुई, और कई परिवार अपने घरों से विस्थापित हो गए। जेलेंस्की ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल हवाई रक्षा प्रणालियों, विशेष रूप से अमेरिकी पैट्रियट सिस्टम, की आपूर्ति की मांग की। उन्होंने कहा, "यूक्रेन को अपनी हवाई रक्षा को मजबूत करने के लिए सकारात्मक संकेतों की जरूरत है।"
इस हमले ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को हिलाकर रख दिया। पोलैंड, जो यूक्रेन का पड़ोसी देश है, ने रूसी हमलों के जवाब में अपने लड़ाकू विमानों को तैनात किया। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने रूस के इस हमले को "शर्मनाक" करार दिया, लेकिन उनकी रूस के साथ व्यापारिक सौदों की बात ने संदेह पैदा किया है। यूरोपीय नेता, जैसे जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज, ने रूस पर युद्धविराम के लिए दबाव बढ़ाने की मांग की। यह हमला रूस की उस रणनीति को दर्शाता है, जिसमें वह युद्ध को तेज करने के साथ-साथ शांति वार्ताओं में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहता है। विशेषज्ञों का मानना है कि रूस अपनी बढ़ती ड्रोन और मिसाइल उत्पादन क्षमता का उपयोग यूक्रेन को दबाने और शांति वार्ताओं में रियायतें हासिल करने के लिए कर रहा है। रूस का यह हवाई हमला यूक्रेन-रूस युद्ध के सबसे खतरनाक चरणों में से एक को दर्शाता है। 537 ड्रोन और मिसाइलों का उपयोग न केवल रूस की सैन्य ताकत को दिखाता है, बल्कि यूक्रेन की सीमित हवाई रक्षा क्षमताओं पर भी सवाल उठाता है। इस हमले ने एक बार फिर साबित कर दिया कि रूस युद्ध को समाप्त करने के बजाय इसे और तेज करने की रणनीति पर चल रहा है। यूक्रेन के लिए यह समय बेहद चुनौतीपूर्ण है। जेलेंस्की और उनकी सरकार अंतरराष्ट्रीय समर्थन और हथियारों की आपूर्ति पर निर्भर हैं, लेकिन पश्चिमी देशों की अनिश्चितता और ट्रम्प प्रशासन की नीति इस समर्थन को कमजोर कर रही है। इस हमले ने न केवल यूक्रेन के नागरिकों को नुकसान पहुंचाया, बल्कि शांति की उम्मीदों को भी धूमिल कर दिया।
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