UP News: बागपत में हाईवे डकैत संदीप का एनकाउंटर, 1 लाख का इनामी बदमाश ढेर। 

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में 29 जून 2025 की देर रात एक सनसनीखेज पुलिस मुठभेड़ में 1 लाख रुपये का इनामी बदमाश संदीप ढेर हो गया। संदीप...

Jun 30, 2025 - 12:40
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UP News: बागपत में हाईवे डकैत संदीप का एनकाउंटर, 1 लाख का इनामी बदमाश ढेर। 

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में 29 जून 2025 की देर रात एक सनसनीखेज पुलिस मुठभेड़ में 1 लाख रुपये का इनामी बदमाश संदीप ढेर हो गया। संदीप, जो हरियाणा के रोहतक का रहने वाला था, पर हत्या, लूट, और डकैती के 16 से अधिक मामले दर्ज थे। यह मुठभेड़ उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) की नोएडा यूनिट और बागपत पुलिस के संयुक्त अभियान का हिस्सा थी। संदीप और उसका गैंग हाईवे पर ट्रक ड्राइवरों की हत्या कर माल लूटने की वारदातों के लिए कुख्यात था। इस एनकाउंटर ने न केवल एक खूंखार अपराधी का अंत किया, बल्कि हाईवे पर यात्रियों और ड्राइवरों की सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों को भी एक बार फिर चर्चा में ला दिया। 

  • एनकाउंटर की पूरी कहानी

29 जून 2025 की रात, बागपत के कोतवाली क्षेत्र में यूपी STF की नोएडा यूनिट और बागपत पुलिस ने एक संयुक्त ऑपरेशन शुरू किया। यह ऑपरेशन एक गुप्त सूचना के आधार पर चलाया गया, जिसमें संदीप की मौजूदगी की जानकारी मिली थी। संदीप, जिसके खिलाफ उत्तर प्रदेश, हरियाणा, और महाराष्ट्र में कई आपराधिक मामले दर्ज थे, हाईवे पर ट्रक लूटने और ड्राइवरों की हत्या करने में माहिर था। पुलिस के अनुसार, संदीप का गैंग संगठित तरीके से हाईवे पर ट्रकों को निशाना बनाता था। वे पहले ट्रक ड्राइवरों को मारते और फिर माल लूटकर फरार हो जाते थे।

रात के समय, जब पुलिस ने संदीप को घेरने की कोशिश की, उसने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस पर गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में STF और बागपत पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें संदीप को गोली लगी। उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस मुठभेड़ में पुलिस को कोई नुकसान नहीं हुआ, और संदीप के कब्जे से एक पिस्तौल, कारतूस, और अन्य सामान बरामद किया गया।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG), STF, अमिताभ यश ने बयान जारी कर बताया कि संदीप कानपुर में 4 करोड़ रुपये की निकेल प्लेट्स से लदे ट्रक की लूट का मुख्य आरोपी था। इस वारदात ने पुलिस और प्रशासन को हिलाकर रख दिया था, क्योंकि यह एक संगठित अपराध का हिस्सा थी। संदीप पर उत्तर प्रदेश सरकार ने 1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था, और उसकी गिरफ्तारी के लिए कई महीनों से तलाश जारी थी। संदीप, जिसे स्थानीय लोग एक खूंखार डकैत के रूप में जानते थे, ने अपने आपराधिक जीवन की शुरुआत हरियाणा के रोहतक से की थी। उसका गैंग पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, और महाराष्ट्र के हाईवे पर सक्रिय था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, संदीप पर कम से कम 16 मामले दर्ज थे, जिनमें हत्या, लूट, और डकैती जैसे गंभीर अपराध शामिल थे। उसने अपने गैंग के साथ मिलकर कम से कम चार ट्रक ड्राइवरों की हत्या की थी, और इन वारदातों में करोड़ों रुपये का माल लूटा गया था। सबसे चर्चित मामला कानपुर का था, जहां संदीप और उसके गैंग ने निकेल प्लेट्स से लदे एक ट्रक को लूटा, जिसकी कीमत लगभग 4 करोड़ रुपये थी। इस वारदात में ट्रक ड्राइवर की हत्या भी हुई थी। संदीप का गैंग सुनियोजित तरीके से काम करता था—वे पहले हाईवे पर रेकी करते, फिर ट्रकों को निशाना बनाते और ड्राइवरों को मारकर माल लूट लेते। इस तरह की वारदातों ने हाईवे पर यात्रा करने वाले ड्राइवरों और व्यापारियों में दहशत पैदा कर दी थी।

संदीप की हरकतों ने न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि पड़ोसी राज्यों की पुलिस को भी परेशान कर रखा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए कई बार छापेमारी की गई, लेकिन वह हर बार पुलिस को चकमा देने में कामयाब रहा। उसकी गतिविधियों ने उसे पश्चिमी यूपी के सबसे खतरनाक अपराधियों में से एक बना दिया था। इस एनकाउंटर की सफलता का श्रेय यूपी STF की नोएडा यूनिट और बागपत पुलिस के बीच बेहतरीन समन्वय को जाता है। STF, जो संगठित अपराध और कुख्यात अपराधियों से निपटने के लिए जानी जाती है, ने इस ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए बागपत पुलिस के साथ मिलकर रणनीति बनाई। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने कोतवाली क्षेत्र में घेराबंदी की और संदीप को पकड़ने की कोशिश की। STF के एक अधिकारी ने बताया कि संदीप की गतिविधियों पर लंबे समय से नजर रखी जा रही थी। उसकी हरकतों ने हाईवे पर व्यापारियों और ट्रक ड्राइवरों के बीच भय का माहौल बना दिया था। इस ऑपरेशन में शामिल पुलिसकर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर इस खतरनाक अपराधी को ढेर किया। इस मुठभेड़ ने एक बार फिर यूपी पुलिस और STF की दक्षता को साबित किया।

संदीप जैसे अपराधियों की गतिविधियों ने उत्तर प्रदेश और पड़ोसी राज्यों में हाईवे परिवहन को असुरक्षित बना दिया था। ट्रक ड्राइवर, जो रात में माल ढोने के लिए मजबूर होते हैं, अक्सर ऐसे गिरोहों का शिकार बनते हैं। संदीप के गैंग की वारदातों ने न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाया, बल्कि कई परिवारों को अपने प्रियजनों से वंचित कर दिया। यह एनकाउंटर न केवल एक अपराधी का अंत है, बल्कि हाईवे पर यात्रा करने वालों के लिए राहत की खबर भी है। व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है, क्योंकि इससे हाईवे पर सुरक्षा बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, यह सवाल भी उठता है कि क्या इस तरह की मुठभेड़ें अपराध को जड़ से खत्म करने का स्थायी समाधान हैं, या फिर यह केवल तात्कालिक राहत प्रदान करती हैं। उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में पुलिस मुठभेड़ों की संख्या में वृद्धि हुई है, और हर बार ये घटनाएं विवादों को जन्म देती हैं। कुछ लोग इसे अपराध नियंत्रण का प्रभावी तरीका मानते हैं, जबकि अन्य इसे मानवाधिकारों का उल्लंघन बताते हैं। संदीप के मामले में भी, सोशल मीडिया और अन्य मंचों पर इस एनकाउंटर की प्रामाणिकता पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, पुलिस का दावा है कि यह मुठभेड़ पूरी तरह से वैध थी, और संदीप ने पहले गोली चलाई थी। यूपी STF और बागपत पुलिस ने इस ऑपरेशन को एक बड़ी सफलता करार दिया है। ADG अमिताभ यश ने कहा कि इस तरह की कार्रवाइयां अपराधियों में डर पैदा करती हैं और समाज को सुरक्षित बनाने में मदद करती हैं।

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