भारत का पाकिस्तान को कड़ा जवाब: अल्पसंख्यकों पर टिप्पणी को खारिज करते हुए कहा, पाक का खुद का रिकॉर्ड बेहद खराब। 

भारत ने पाकिस्तान की ओर से अल्पसंख्यकों को लेकर की गई टिप्पणियों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर

Dec 30, 2025 - 12:49
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भारत का पाकिस्तान को कड़ा जवाब: अल्पसंख्यकों पर टिप्पणी को खारिज करते हुए कहा, पाक का खुद का रिकॉर्ड बेहद खराब। 
भारत का पाकिस्तान को कड़ा जवाब: अल्पसंख्यकों पर टिप्पणी को खारिज करते हुए कहा, पाक का खुद का रिकॉर्ड बेहद खराब। 

भारत ने पाकिस्तान की ओर से अल्पसंख्यकों को लेकर की गई टिप्पणियों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि ऐसे देश की टिप्पणियों को अस्वीकार किया जाता है, जिसका खुद का अल्पसंख्यकों के प्रति रिकॉर्ड बेहद खराब है। उन्होंने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की भयावह और व्यवस्थित उत्पीड़न को एक स्थापित तथ्य बताया। यह जवाब पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता की उन टिप्पणियों के संदर्भ में दिया गया, जिसमें भारत में अल्पसंख्यकों की स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई थी। पाकिस्तान ने भारत में अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न पर गहरी चिंता जताई थी। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने कहा कि भारत में अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न एक गंभीर मुद्दा है। उन्होंने क्रिसमस के दौरान हुई तोड़फोड़ की घटनाओं का जिक्र किया, साथ ही मुसलमानों को निशाना बनाने वाली राज्य प्रायोजित अभियानों का उल्लेख किया। इनमें घरों की तोड़फोड़ और लिंचिंग की घटनाएं शामिल हैं, जैसे मुहम्मद अखलाक का मामला, जहां अपराधियों को बचाने की कोशिश की गई। पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इन घटनाओं पर ध्यान देने और कमजोर समुदायों के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए कदम उठाने की अपील की।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने मीडिया प्रश्नों के जवाब में कहा कि पाकिस्तान की रिपोर्टेड टिप्पणियों को अस्वीकार किया जाता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का इस मोर्चे पर रिकॉर्ड खुद ब खुद बोलता है। पाकिस्तान में विभिन्न धर्मों के अल्पसंख्यकों का भयावह और व्यवस्थित उत्पीड़न एक अच्छी तरह स्थापित तथ्य है। कोई भी उंगली उठाना इसे छिपा नहीं सकता। यह बयान 29 दिसंबर 2025 को जारी किया गया। पाकिस्तान की टिप्पणी क्रिसमस उत्सव को प्रभावित करने वाली तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद आई। पिछले सप्ताह भारत के मध्य क्षेत्र में एक शॉपिंग मॉल में लकड़ी की छड़ों से लैस भीड़ ने क्रिसमस सजावट को तोड़ दिया। उत्तर-पूर्व में दक्षिणपंथी समूहों ने स्कूल उत्सवों को बाधित किया और छुट्टी के सामान को जला दिया। ये घटनाएं छत्तीसगढ़, असम, केरल और उत्तर प्रदेश में हुईं। पाकिस्तान ने इन घटनाओं को अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न के रूप में देखा।

पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने कहा कि क्रिसमस के दौरान तोड़फोड़ की निंदनीय घटनाएं और मुसलमानों को निशाना बनाने वाली राज्य प्रायोजित अभियान मुसलमानों में भय और अलगाव को बढ़ा रहे हैं। उन्होंने मुहम्मद अखलाक की लिंचिंग का जिक्र किया, जहां 2015 में उत्तर प्रदेश में एक व्यक्ति को गोमांस रखने की अफवाह पर पीट-पीटकर मार डाला गया था। हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार ने आरोपी के खिलाफ मामले को वापस लेने की कोशिश की, लेकिन इसे खारिज कर दिया गया। पाकिस्तान ने कहा कि ऐसे पीड़ितों की सूची लंबी है। भारत के विदेश मंत्रालय ने इन दावों को सिरे से खारिज किया। प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान का अल्पसंख्यकों के प्रति रिकॉर्ड बेहद खराब है। उन्होंने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के व्यवस्थित उत्पीड़न को एक स्थापित तथ्य बताया। भारत ने कहा कि पाकिस्तान की उंगली उठाने से उसका अपना रिकॉर्ड नहीं छिप सकता।

पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इन घटनाओं पर संज्ञान लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि ये विकास भारत में कमजोर समुदायों की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर अलार्म बजा रहे हैं। पाकिस्तान ने भारत में बढ़ती इस्लामोफोबिया, नफरत भरे भाषण और नफरत से प्रेरित हमलों पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों से इस पर कार्रवाई की मांग की। इस संदर्भ में भारत ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान की टिप्पणियां अस्वीकार्य हैं। प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान का रिकॉर्ड खुद बोलता है। पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों का भयावह उत्पीड़न एक जाना-माना तथ्य है। भारत ने कहा कि कोई भी आरोप लगाना इसे अस्पष्ट नहीं कर सकता।

घटनाओं का विवरण देते हुए पाकिस्तान ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में एक मॉल में भीड़ द्वारा क्रिसमस इंस्टॉलेशन को नष्ट करने का जिक्र किया। यह घटना सरवा हिंदू समाज संगठन द्वारा बंद के आह्वान के दिन हुई, जो कथित धार्मिक रूपांतरण और एक परिवार के दफन पर विवाद के खिलाफ था। मॉल कर्मचारी ने बताया कि 80-90 लोग अंदर घुसे, स्टाफ को धमकाया और हिंसा की। असम के नलबाड़ी जिले में विश्व हिंदू परिषद बजंरंग दल के सदस्यों ने एक स्कूल को निशाना बनाया और क्रिसमस तैयारी को बाधित किया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि कार्यकर्ताओं ने सेंट मैरी स्कूल में घुसकर उत्सव की तैयारी को तोड़ दिया और बैनर तथा पोस्टर जला दिए। भारत ने इन दावों पर जवाब देते हुए पाकिस्तान के रिकॉर्ड पर ध्यान दिलाया। प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान का अल्पसंख्यकों के प्रति रिकॉर्ड बेहद खराब है। उन्होंने पाकिस्तान में विभिन्न धर्मों के अल्पसंख्यकों के व्यवस्थित उत्पीड़न को स्थापित तथ्य बताया। भारत ने कहा कि पाकिस्तान की उंगली उठाने से उसका अपना इतिहास नहीं छिप सकता।

यह घटनाक्रम भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को दर्शाता है। पाकिस्तान ने भारत में अल्पसंख्यकों की स्थिति पर चिंता जताई, जबकि भारत ने पाकिस्तान के रिकॉर्ड को सामने लाकर जवाब दिया। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ऐसी टिप्पणियां अस्वीकार्य हैं। पाकिस्तान की टिप्पणी में मुसलमानों के घरों की तोड़फोड़ और बार-बार लिंचिंग का जिक्र किया गया। उन्होंने मुहम्मद अखलाक के मामले को उदाहरण के रूप में लिया, जहां राज्य ने अपराधियों को जवाबदेही से बचाने की कोशिश की। पाकिस्तान ने कहा कि ऐसे मामलों की सूची लंबी है। भारत के प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान का रिकॉर्ड खुद बोलता है। उन्होंने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों का भयावह उत्पीड़न एक तथ्य बताया। भारत ने कहा कि कोई भी आरोप इसे छिपा नहीं सकता। यह बयान 29 दिसंबर को जारी किया गया। पाकिस्तान की टिप्पणी इससे पहले आई थी। दोनों देशों के बीच यह आदान-प्रदान अल्पसंख्यक मुद्दे पर विवाद को उजागर करता है। पाकिस्तान ने क्रिसमस की घटनाओं को निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि ये घटनाएं मुसलमानों में भय पैदा कर रही हैं। पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कदम उठाने की अपील की।

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