इंफ्रा बजट 2026 में समयबद्ध फंड रिलीज और तेज प्रोजेक्ट क्लीयरेंस पर जोर, स्किल डेवलपमेंट को मजबूत बनाने की भी मांग
समयबद्ध फंड रिलीज को प्राथमिकता देने की जरूरत बताई गई है। फंड की समय पर रिलीज से प्रोजेक्ट्स में देरी कम होगी और कार्यान्वयन तेज होगा। विशेष रूप से मिड-साइज ईपीसी
- यूनियन बजट 2026 से पहले इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की प्रमुख मांगें: समय पर फंड जारी करना, तेज मंजूरी प्रक्रिया और वर्कफोर्स स्किलिंग पर फोकस
- बजट 2026 में इंफ्रा और ईपीसी सेक्टर के लिए सुझाव: समयबद्ध फंड रिलीज, सरल कॉन्ट्रैक्ट फ्रेमवर्क और स्किल डेवलपमेंट को प्राथमिकता
यूनियन बजट 2026-27 की तैयारियों के बीच इंफ्रास्ट्रक्चर और ईपीसी सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए समयबद्ध फंड रिलीज, तेज प्रोजेक्ट क्लीयरेंस और स्किल डेवलपमेंट को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। ये सुझाव आगामी बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को गति देने और आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए दिए गए हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर और ईपीसी सेक्टर देश की दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि और प्रतिस्पर्धात्मकता का मजबूत आधार बना हुआ है। विशेषज्ञ परवीन गुप्ता ने कहा कि आगामी यूनियन बजट 2026 के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर और ईपीसी सेक्टर में समयबद्ध फंड रिलीज, तेज प्रोजेक्ट क्लीयरेंस और आसान कॉन्ट्रैक्ट फ्रेमवर्क को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इससे प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन में सुधार हो सकेगा और सेक्टर की दक्षता बढ़ेगी।
समयबद्ध फंड रिलीज को प्राथमिकता देने की जरूरत बताई गई है। फंड की समय पर रिलीज से प्रोजेक्ट्स में देरी कम होगी और कार्यान्वयन तेज होगा। विशेष रूप से मिड-साइज ईपीसी कंपनियों के लिए दीर्घकालिक और कम लागत वाली फाइनेंसिंग, वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट और प्रोजेक्ट जोखिम नियंत्रण में मदद मिलेगी। तेज प्रोजेक्ट क्लीयरेंस भी महत्वपूर्ण है। तेज और समय-सीमा आधारित मंजूरी प्रक्रियाएं तथा सिंगल-विंडो क्लीयरेंस से परियोजना क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा। सरल कॉन्ट्रैक्ट फ्रेमवर्क से भी प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन में सुधार आएगा।
ग्राउंड-लेवल वर्कफोर्स के लिए स्किल डेवलपमेंट को मजबूत करना समय की जरूरत है। आधुनिक निर्माण तकनीकों, प्री-फैब्रिकेशन और सस्टेनेबल बिल्डिंग प्रैक्टिसेज को बढ़ावा देने से उत्पादकता बढ़ेगी और लागत में कमी आएगी। स्किल डेवलपमेंट से वर्कफोर्स को इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा सकेगा, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की क्वालिटी और स्पीड दोनों में सुधार होगा। ये सुझाव इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की वर्तमान चुनौतियों को ध्यान में रखकर दिए गए हैं। बजट में इन बिंदुओं पर फोकस से देश की इंफ्रा क्षमता मजबूत होगी और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि ये कदम सेक्टर को और प्रतिस्पर्धी बनाएंगे। इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में निरंतर निवेश से निर्माण, सीमेंट, कैपिटल गुड्स और बैंकिंग जैसे क्षेत्रों में अवसर बढ़ते हैं। बजट में इन सुझावों को शामिल करने से दीर्घकालिक स्थिर विकास सुनिश्चित होगा।
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