मुरादाबाद ATM लूट का सनसनीखेज खुलासा: बुर्का पहने बदमाशों ने दो मिनट में उखाड़ ली मशीन, पुलिस ने मुठभेड़ में पकड़े पांच आरोपी।
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में लोकोशेड पुल के पास पंजाब नेशनल बैंक की शाखा से लगे एटीएम को बुर्का पहने बदमाशों
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में लोकोशेड पुल के पास पंजाब नेशनल बैंक की शाखा से लगे एटीएम को बुर्का पहने बदमाशों ने उखाड़कर ले जाने की घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। यह वारदात 25 नवंबर 2025 की देर रात करीब तीन बजे अंजाम दी गई, जब बदमाशों ने चेहरे पर नकाब और बुर्का पहनकर एटीएम के कैमरों पर स्प्रे छिड़क दिया और मात्र दो मिनट के अंदर मशीन को उखाड़कर अपनी गाड़ी में लाद लिया। एटीएम में लगभग सात लाख रुपये का कैश मौजूद था, जिसे बदमाश निकालकर फरार हो गए। मशीन को क्षतिग्रस्त अवस्था में 42 किलोमीटर दूर अमरोहा जिले के रजबपुर क्षेत्र में फेंक दिया गया। पुलिस ने घटना के तुरंत बाद जांच शुरू की, और 9 दिसंबर को मुठभेड़ के दौरान पांच शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ में दो बदमाशों को पैर में गोली लगी, जबकि गैंग का मास्टरमाइंड नियामत उर्फ घोड़ा फरार बताया जा रहा है। घटना की जानकारी मंगलवार सुबह दस बजे बैंक कर्मचारियों को हुई, जब वे एटीएम खोलने पहुंचे। उन्होंने पाया कि मशीन पूरी तरह गायब है, और आसपास के कैमरों की फुटेज में स्प्रे के निशान दिखे। बैंक अधिकारियों ने तुरंत सिविल लाइंस थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें बताया गया कि एटीएम में रात को कैश लोड किया गया था और अब न मशीन है न कैश। प्रारंभिक जांच में पता चला कि बदमाशों ने फिल्मी अंदाज में वारदात को अंजाम दिया, जहां एक बदमाश ने बुर्का पहनकर कैमरों को अंधा किया, जबकि अन्य ने गैस कटर या भारी उपकरणों से मशीन को उखाड़ा। पुलिस ने घटनास्थल पर फिंगरप्रिंट और अन्य सुराग इकट्ठे किए, और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इससे पता चला कि बदमाश एक सफेद रंग की गाड़ी में आए थे, जो लोकोशेड पुल के पास रुकी और फिर तेजी से दिल्ली रोड की ओर भागी।
पुलिस ने चार टीमें गठित कीं, जो अमरोहा, हापुड़, गाजियाबाद और दिल्ली की ओर रवाना हुईं। अमरोहा के रजबपुर में क्षतिग्रस्त एटीएम मिलने के बाद जांच तेज हो गई। मशीन से कैश गायब था, और उसके अंदरूनी हिस्से तोड़े गए थे। पुलिस को शक हुआ कि यह हरियाणा के नूंह जिले के एक अंतरराज्यीय गैंग का काम है, जो पहले भी एटीएम लूट की घटनाओं में शामिल रहा है। टीमों ने नूंह और दिल्ली में दबिशें दीं, जहां दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। इनसे पूछताछ में गैंग के अन्य सदस्यों के नाम सामने आए। पुलिस ने बैंक के डीवीआर जब्त कर लिए, और कर्मचारियों से कई घंटों तक पूछताछ की। जांच में चार संदिग्ध मोबाइल नंबर मिले, जिनकी निगरानी शुरू कर दी गई। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि वारदात में शामिल बदमाशों का आपराधिक इतिहास लंबा है, और वे पहले भी इसी तरह की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। घटना के पांच दिन बाद 9 दिसंबर को सुबह-सुबह मुरादाबाद के बाहरी इलाके में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। सूचना मिली थी कि गैंग के सदस्य अमरोहा से लौट रहे हैं, तो पुलिस ने घेराबंदी की। बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने गोली चलाई। मुठभेड़ में पांच बदमाश गिरफ्तार हो गए, जिनमें से दो को पैर में गोली लगी। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। गिरफ्तार बदमाशों के कब्जे से हथियार, गाड़ी और लूट का कुछ सामान बरामद हुआ। पूछताछ में उन्होंने कबूल किया कि मास्टरमाइंड नियामत उर्फ घोड़ा ने योजना बनाई थी, जो अभी फरार है। पुलिस ने नूंह गैंग के कनेक्शन की पुष्टि की, और कहा कि यह गिरोह उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली में सक्रिय है। एसपी सिटी ने बताया कि मुठभेड़ के बाद गैंग का जाल टूट गया है, और शेष सदस्यों की तलाश जारी है।
इस घटना ने मुरादाबाद में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। एटीएम की सुरक्षा के लिए पहले से ही सशस्त्र गार्ड तैनात रहते हैं, लेकिन रात के समय वारदात आसान हो जाती है। पुलिस ने बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए कि कैमरों को स्प्रे प्रूफ बनाया जाए, और रात में अतिरिक्त निगरानी रखी जाए। अमरोहा पुलिस ने भी सहयोग किया, जहां मशीन मिलने के बाद फॉरेंसिक टीम ने जांच की। इससे पता चला कि बदमाशों ने मशीन को तोड़कर कैश निकाला, और बाकी हिस्से फेंक दिए। बैंक ने प्रभावित ग्राहकों को वैकल्पिक व्यवस्था की सूचना दी, और कैश की भरपाई का आश्वासन दिया। घटना के बाद इलाके में नाकाबंदी बढ़ा दी गई, और वाहनों की तलाशी ली जा रही है। पुलिस की जांच में सामने आया कि बदमाशों ने पहले एटीएम की लोकेशन का रेकी किया था। बुर्का पहनना उनकी पहचान छिपाने का तरीका था, जो महिलाओं के वेश में घुसपैठ को आसान बनाता है। दो मिनट की यह वारदात पूर्व नियोजित लग रही है, जहां एक सदस्य ने कैमरों को निष्क्रिय किया, जबकि अन्य ने उखाड़ा। गाड़ी के नंबर से दिल्ली कनेक्शन मिला, और नूंह के गैंग के नाम सामने आए। गिरफ्तार बदमाशों के आपराधिक रिकॉर्ड में लूट, चोरी और हथियार रखने के मामले दर्ज हैं। मास्टरमाइंड घोड़ा पर पहले से कई इनाम घोषित हैं, और उसकी तलाश के लिए विशेष टीम लगाई गई है। पुलिस ने कहा कि पूछताछ से अन्य घटनाओं का खुलासा हो सकता है। मुरादाबाद में एटीएम लूट की यह पहली घटना नहीं है। पहले भी इसी इलाके में ऐसी वारदातें हो चुकी हैं, लेकिन इस बार की योजना सबसे तेज थी। पुलिस ने बैंक संघ के साथ बैठक की, जहां सुरक्षा उपायों पर चर्चा हुई। एटीएम में जीपीएस ट्रैकर लगाने और रीयल-टाइम मॉनिटरिंग की सिफारिश की गई। घटना के बाद ग्रामीणों में डर का माहौल है, और कई ने रात में बाहर निकलने से परहेज किया। बैंक ने प्रभावित क्षेत्र में अस्थायी एटीएम लगाने का फैसला लिया। पुलिस की मुठभेड़ ने राहत दी, लेकिन फरार सदस्य की गिरफ्तारी बाकी है। जांच में मोबाइल लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं।
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