अलवर में बिहार के BSP नेता से 3 लाख की लूट- सस्ते माल के लालच में फंसाया जाल, तीन घंटों में पुलिस ने दबोचे दोनों बदमाश, गाड़ी व नकदी बरामद।
राजस्थान के अलवर जिले में बिहार के बहुजन समाज पार्टी के एक नेता से तीन लाख रुपये की लूट की घटना ने स्थानीय स्तर पर सनसनी
राजस्थान के अलवर जिले में बिहार के बहुजन समाज पार्टी के एक नेता से तीन लाख रुपये की लूट की घटना ने स्थानीय स्तर पर सनसनी फैला दी। पीड़ित नेता को सस्ते दामों पर कपड़ों का माल और सोने की ईंटें दिलाने के लालच में फंसाकर बदमाशों ने उन्हें अलवर बुलाया था, जहां चाकू की नोक पर लूटपाट की गई। घटना के चंद तीन घंटों के भीतर अलवर पुलिस ने दोनों बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया तथा लूटे गए तीन लाख रुपये और वारदात में प्रयुक्त काली रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी बरामद कर ली। यह कार्रवाई अलवर के रामगढ़ थाना क्षेत्र में हुई, जहां पीड़ित ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने बताया कि बदमाशों ने पीड़ित को पहले फोन पर संपर्क किया तथा अच्छे मुनाफे का लालच दिया, जिसके बाद वे बिहार से अलवर पहुंचे। लूट के बाद बदमाश फरार हो गए थे, लेकिन सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी निगरानी के सहारे पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। पीड़ित नेता बिहार के एक जिले के रहने वाले हैं तथा BSP के स्थानीय स्तर पर सक्रिय सदस्य हैं, जो व्यापारिक कार्यों के सिलसिले में विभिन्न राज्यों में यात्रा करते रहते हैं।
घटना की 2 दिसंबर 2025 को दोपहर करीब एक बजे हुई, जब पीड़ित नेता को एक अज्ञात नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को कपड़ा व्यापारी बताया तथा कहा कि अलवर में सस्ते दामों पर थोक कपड़ों का माल उपलब्ध है, जो बिहार में अच्छा मुनाफा दे सकता है। इसके अलावा, उन्होंने सोने की ईंटों का भी जिक्र किया, जो बाजार मूल्य से कम दाम पर मिल सकती हैं। लालच में आकर पीड़ित ने तीन लाख रुपये नकद लेकर बिहार से ट्रेन द्वारा अलवर का रुख किया। वे शाम करीब सात बजे अलवर पहुंचे तथा रामगढ़ क्षेत्र के एक सुनसान स्थान पर बदमाशों से मिलने पहुंचे, जहां डील तय होनी थी। वहां पहुंचते ही दो बदमाशों ने चाकू निकाल लिया तथा पीड़ित को गाड़ी में जबरन बिठा लिया। बदमाशों ने पीड़ित के हाथ बांध दिए तथा उनके बैग से तीन लाख रुपये निकाल लिए। पीड़ित ने विरोध किया, लेकिन चाकू की धार देखकर चुप रह गए। लूट पूरी होने के बाद बदमाशों ने उन्हें रामगढ़ के एक सुनसान इलाके में उतार दिया तथा फरार हो गए। पीड़ित ने तुरंत रामगढ़ थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसमें बदमाशों का वर्णन और गाड़ी का नंबर बताया।
पुलिस ने रिपोर्ट मिलते ही विशेष टीम गठित की तथा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी। अलवर शहर के विभिन्न चौराहों और रामगढ़ रोड पर लगे कैमरों में काली स्कॉर्पियो गाड़ी नजर आई, जो लूट के समय घटनास्थल के आसपास घूम रही थी। तकनीकी निगरानी से गाड़ी का नंबर ट्रेस हो गया, जो अलवर जिले के एक क्षेत्र से रजिस्टर्ड था। पुलिस ने गाड़ी के मालिक से पूछताछ की, जिसके आधार पर बदमाशों का सुराग लगा। घटना की सूचना मिलते ही रामगढ़ थाना प्रभारी ने आसपास के थानों को अलर्ट कर दिया तथा नाकाबंदी के आदेश दिए। लगभग तीन घंटों की मशक्कत के बाद पुलिस ने दोनों बदमाशों को अलवर शहर के बाहरी इलाके में एक किराए के मकान से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी स्थानीय निवासी हैं तथा पहले भी छोटे-मोटे अपराधों में शामिल रहे हैं। पूछताछ में उन्होंने कबूल किया कि उन्होंने पीड़ित को फोन पर संपर्क कर जाल बिछाया था तथा लूट की योजना पहले से तैयार थी। पुलिस ने उनके कब्जे से चाकू, लूटे गए नकदी और स्कॉर्पियो गाड़ी बरामद की, जो वारदात के समय प्रयुक्त हुई थी।
अलवर पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 392 के तहत लूट का मामला दर्ज किया है, जिसमें चाकू का उपयोग होने से धारा 307 भी जोड़ी गई है। आरोपी दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है तथा आगे की पूछताछ जारी है। पुलिस ने बताया कि बदमाशों का आपराधिक इतिहास जांचा जा रहा है, क्योंकि वे विभिन्न राज्यों से आने वाले व्यापारियों को निशाना बनाते रहे हैं। पीड़ित नेता ने बताया कि वे BSP के कार्यों के अलावा कपड़ा व्यापार से जुड़े हैं तथा बिहार में कई दुकानें चलाते हैं। इस घटना से उन्हें आर्थिक नुकसान तो हुआ ही, साथ ही मानसिक आघात भी पहुंचा। पुलिस ने पीड़ित को नकदी लौटा दी है तथा उन्हें सुरक्षित बिहार लौटने में सहयोग किया। अलवर के पुलिस अधीक्षक ने इस त्वरित कार्रवाई को अपराध नियंत्रण का उदाहरण बताया तथा कहा कि जिले में व्यापारियों की सुरक्षा के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।
यह घटना राजस्थान में व्यापारियों को निशाना बनाने वाले अपराधों की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाती है। अलवर जिला दिल्ली-जयपुर हाईवे पर स्थित होने के कारण व्यापारिक केंद्र है, जहां बिहार, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से व्यापारी आते रहते हैं। बदमाश अक्सर सस्ते माल या निवेश के लालच में लोगों को फंसाते हैं तथा सुनसान स्थानों पर लूटपाट करते हैं। इस मामले में बदमाशों ने सोने की ईंटों का जिक्र कर पीड़ित का विश्वास जीता था, जो उनकी रणनीति का हिस्सा था। पुलिस ने सीसीटीवी नेटवर्क को मजबूत करने तथा व्यापारियों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी करने का निर्णय लिया है। पीड़ित ने कहा कि वे अब सतर्क रहेंगे तथा ऐसी डील्स के लिए पहले जांच करेंगे। बदमाशों के मोबाइल फोन की जांच से अन्य संभावित योजनाओं का पता लगाया जा रहा है, ताकि आगे की घटनाओं को रोका जा सके।
रामगढ़ थाना क्षेत्र में ऐसी घटनाएं कभी-कभी सामने आती हैं, क्योंकि यह इलाका हाईवे से सटा हुआ है तथा रात्रि में कम रोशनी वाला है। पुलिस ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है तथा स्थानीय व्यापारियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। आरोपी दोनों 25 से 30 वर्ष के बीच के हैं तथा अलवर के ग्रामीण इलाकों के निवासी हैं। उन्होंने पूछताछ में बताया कि लूट की रकम से वे अन्य अपराधों में निवेश करने वाले थे। पुलिस ने उनके परिजनों को सूचना दे दी है तथा रिमांड पर लेकर विस्तृत पूछताछ की योजना बनाई है। पीड़ित नेता BSP के बिहार इकाई में सक्रिय हैं तथा पार्टी के सामाजिक कार्यों में भाग लेते हैं। इस घटना के बाद उन्होंने कहा कि वे पुलिस की त्वरित कार्रवाई से प्रभावित हुए हैं। अलवर जिले में पिछले एक वर्ष में इस तरह की 20 से अधिक लूट की घटनाएं दर्ज हुई हैं, जिनमें से अधिकांश त्वरित गिरफ्तारियों से सुलझी हैं।
पुलिस ने बरामद स्कॉर्पियो गाड़ी की जांच की, जिसमें कोई अन्य संदिग्ध सामान नहीं मिला। नकदी की गिनती कर पीड़ित को लौटाई गई, जो पूरी रकम थी। बदमाशों ने लूट के बाद गाड़ी छिपाने का प्रयास किया था, लेकिन नाकाबंदी में फंस गए। अलवर पुलिस ने इस सफलता को तकनीकी सहायता का परिणाम बताया, जिसमें जीपीएस ट्रैकिंग और ड्रोन का उपयोग भी शामिल था। पीड़ित ने बिहार लौटने से पहले स्थानीय अधिकारियों से मुलाकात की तथा सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। बदमाशों के खिलाफ पूर्व मामलों की जांच से पता चला कि वे छोटे स्तर के अपराधी हैं, लेकिन लूट की योजना में शातिर थे। पुलिस ने कहा कि इस गिरफ्तारी से क्षेत्र में अपराधियों का मनोबल टूटेगा। रामगढ़ क्षेत्र के ग्रामीणों ने पुलिस की सराहना की तथा कहा कि ऐसी कार्रवाई से सुरक्षा बढ़ेगी।
घटना के बाद अलवर जिले के अन्य थानों को सतर्क किया गया है, ताकि इसी तरह के अपराध न हों। पीड़ित नेता ने बताया कि वे कपड़ा व्यापार के लिए अक्सर राजस्थान आते हैं, लेकिन अब सावधानी बरतेंगे। बदमाशों की पूछताछ में कोई अन्य साथी का नाम नहीं सामने आया, लेकिन जांच जारी है। अलवर के पुलिस अधिकारियों ने व्यापारियों के लिए जागरूकता सत्र आयोजित करने का फैसला लिया, जिसमें फर्जी डील्स से बचने की सलाह दी जाएगी। यह घटना बिहार और राजस्थान के बीच व्यापारिक संबंधों को प्रभावित नहीं करेगी, लेकिन सतर्कता बढ़ाएगी। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया तथा रिमांड की मांग की है। पीड़ित ने कहा कि वे अब अपनी यात्राओं में साथियों के साथ चलेंगे। अलवर जिला प्रशासन ने इस मामले को प्राथमिकता दी तथा त्वरित न्याय सुनिश्चित करने का वादा किया।
बदमाशों ने पीड़ित को फोन पर कई दिन पहले संपर्क किया था तथा विश्वास बनाया था। लूट के दौरान उन्होंने चाकू का उपयोग धमकी के लिए किया, लेकिन कोई चोट नहीं पहुंचाई। पुलिस ने घटनास्थल पर फॉरेंसिक जांच की तथा साक्ष्य संग्रहित किए। आरोपी के घरों से कोई अतिरिक्त सामान नहीं मिला। अलवर में सर्दियों के मौसम में व्यापारिक यात्राएं बढ़ जाती हैं, जिससे अपराधी सक्रिय हो जाते हैं। पुलिस ने हाईवे पर चेकपोस्ट बढ़ाए हैं। पीड़ित नेता बिहार पहुंचने के बाद पार्टी नेतृत्व को पूरी घटना की जानकारी देंगे। यह गिरफ्तारी अलवर पुलिस की क्षमता को दर्शाती है, जहां छोटे अपराधों को भी तुरंत सुलझाया जाता है। बदमाशों के परिवारों ने उनके खिलाफ कार्रवाई का समर्थन किया है। जांच में कोई राजनीतिक कोण नहीं पाया गया।
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