Operation Sindoor: भारत की आतंकवाद के खिलाफ ऐतिहासिक कार्रवाई- मसूद अजहर के ठिकानों का सफाया, नारी शक्ति की गूंज।
कर्नल सोफिया कुरैशी, गुजरात के वडोदरा की रहने वाली, ने ऑपरेशन सिंदूर की प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान के आतंकी नेटवर्क को बेनकाब किया। 2016 में अंतरराष्ट्रीय....
ऑपरेशन सिंदूर: जिसे 6-7 मई 2025 की रात भारतीय सशस्त्र बलों ने अंजाम दिया, एक सैन्य कार्रवाई से कहीं अधिक था। इसका नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुना, जो 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में शहीद पुरुषों की पत्नियों की पीड़ा को समर्पित था।
इस हमले में आतंकियों ने धर्म पूछकर 25 भारतीय और 1 नेपाली नागरिक की हत्या की, जिससे कई महिलाओं का सिंदूर छिन गया। भारतीय संस्कृति में सिंदूर सुहाग का प्रतीक है, और इस नाम के जरिए भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी जीरो-टॉलरेंस नीति को रेखांकित किया। ऑपरेशन ने पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी ठिकानों को 25 मिनट में तबाह कर दिया।
- कर्नल सोफिया कुरैशी: पाकिस्तान की पोल खोलने वाली नारी शक्ति
कर्नल सोफिया कुरैशी, गुजरात के वडोदरा की रहने वाली, ने ऑपरेशन सिंदूर की प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान के आतंकी नेटवर्क को बेनकाब किया। 2016 में अंतरराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास ‘Force 18’ में भारत का नेतृत्व करने वाली पहली महिला अधिकारी सोफिया ने वीडियो सबूतों के साथ मुरीदके, बहावलपुर और सियालकोट के आतंकी ठिकानों पर सटीक हमलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन ठिकानों से 2001 के संसद हमले, 2008 के मुंबई हमले और हाल के पहलगाम हमले की साजिश रची गई थी। सोफिया के पिता ताज मोहम्मद कुरैशी ने कहा, “हमें गर्व है कि हमारी बेटी ने देश के लिए इतना बड़ा काम किया।”
- विंग कमांडर व्योमिका सिंह: 2500 घंटे की उड़ान, ऑपरेशन की तकनीकी रीढ़
भारतीय वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह, जिन्होंने 2500 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव हासिल किया है, ने ऑपरेशन सिंदूर की प्रेस कॉन्फ्रेंस में तकनीकी पहलुओं को उजागर किया। अनुभवी हेलीकॉप्टर पायलट व्योमिका ने बताया कि कैसे राफेल जेट्स, SCALP मिसाइलों और Loitering Munition के संयोजन ने आतंकी ठिकानों को पिनपॉइंट सटीकता के साथ नष्ट किया। उनकी मौजूदगी ने नारी शक्ति के नेतृत्व और भारत की सैन्य क्षमता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया।
- Loitering Munition: भारत का नया ब्रह्मास्त्र, आतंकियों पर बाज की तरह टूटा
ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायुसेना ने पहली बार Loitering Munition (आत्मघाती ड्रोन) का इस्तेमाल किया, जो हवा में मंडराकर सही समय पर लक्ष्य को भेदता है। इन ड्रोन्स ने राफेल जेट्स, HAMMER बमों और SCALP मिसाइलों के साथ मिलकर जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन के 9 ठिकानों को तबाह किया। बहावलपुर का मरकज सुभान अल्लाह और मुरीदके का लश्कर कैंप पूरी तरह नष्ट हो गए। यह हथियार भारत की तकनीकी श्रेष्ठता का प्रतीक बना।
- मसूद अजहर का परिवार ढेर: जैश का गढ़ तबाह, आतंकी सरगना का दर्द छलका
ऑपरेशन सिंदूर ने जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को करारा झटका दिया। बहावलपुर के मरकज सुभान अल्लाह, जो जैश का प्रमुख प्रशिक्षण केंद्र था, पर भारतीय हमले में मसूद अजहर के परिवार के 10-14 सदस्य और चार करीबी सहयोगी मारे गए। मृतकों में उनकी बड़ी बहन, बहनोई, भांजा, भांजी और बच्चे शामिल थे। मसूद ने दुखी होकर कहा, “काश मैं भी इस हमले में मर जाता।” यह कार्रवाई 2001 के संसद हमले और 2019 के पुलवामा हमले जैसे कृत्यों का जवाब थी।
- मरकज सुभान अल्लाह: बहावलपुर का आतंकी अड्डा, भारत पर हमलों का केंद्र
बहावलपुर का मरकज सुभान अल्लाह जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख गढ़ था, जहां से भारत के खिलाफ आतंकी हमलों की साजिश रची जाती थी। अंतरराष्ट्रीय सीमा से 100 किमी दूर स्थित इस केंद्र में आतंकियों की भर्ती और प्रशिक्षण होता था। ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायुसेना ने इसे पूरी तरह नष्ट कर दिया। कर्नल सोफिया कुरैशी ने बताया कि इस ठिकाने से पहलगाम हमले की योजना बनाई गई थी।
- अमित शाह का कड़ा संदेश: “निर्दोष भाइयों की हत्या का जवाब है ऑपरेशन सिंदूर”
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ऑपरेशन सिंदूर को आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो-टॉलरेंस नीति का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा, “यह उन लोगों को करारा जवाब है जो हमारी सीमाओं, सेना और नागरिकों को चुनौती देते हैं।” शाह ने पाकिस्तान और नेपाल से सटे राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए।
- विक्रम मिस्त्री का खुलासा: खुफिया एजेंसियों ने दी थी और हमलों की चेतावनी
विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि खुफिया एजेंसियों ने भारत पर और आतंकी हमलों की आशंका जताई थी। उन्होंने कहा, “पहलगाम हमला 2008 के मुंबई हमले के बाद सबसे क्रूर था, जिसका मकसद कश्मीर में शांति भंग करना था।” मिस्त्री ने ऑपरेशन को नपी-तुली और जिम्मेदाराना कार्रवाई बताया, जो केवल आतंकी ढांचों को निशाना बनाती थी। भारत ने अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, सऊदी अरब और यूएई को पहले ही ऑपरेशन की जानकारी दे दी थी।
- मनोज नरवणे का ट्वीट: “अभी पिक्चर बाकी है”, पाकिस्तान की बढ़ी टेंशन
पूर्व थल सेना अध्यक्ष जनरल मनोज नरवणे के ट्वीट “अभी पिक्चर बाकी है” ने पाकिस्तान में खलबली मचा दी। उनके इस बयान को भारत की भविष्य की कार्रवाइयों के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद यह ट्वीट भारत की सैन्य तैयारियों और दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।
- वैश्विक प्रतिक्रियाएं: शहबाज शरीफ से ट्रम्प तक, क्या बोले विश्व नेता?
ऑपरेशन सिंदूर ने वैश्विक मंच पर तीखी प्रतिक्रियाएं बटोरीं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इसे “कायराना हमला” और “युद्ध की कार्रवाई” करार दिया, जबकि सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने जवाबी कार्रवाई की धमकी दी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इसे “शर्मनाक” बताया। वहीं, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने कहा, “किसी भी देश को आतंकी हमले बर्दाश्त नहीं करने चाहिए। भारत की कार्रवाई उचित है।” भारत ने कूटनीतिक चैनलों के जरिए कई देशों को ऑपरेशन की जानकारी दी, जिससे वैश्विक समर्थन का आधार तैयार हुआ।
ऑपरेशन सिंदूर भारत की आतंकवाद के खिलाफ सबसे सटीक और प्रतीकात्मक कार्रवाइयों में से एक है। पीएम मोदी द्वारा चुना गया यह नाम पहलगाम के शहीदों और उनके परिवारों को न्याय दिलाने की भावना को दर्शाता है। कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने नारी शक्ति का परचम लहराया, जबकि Loitering Munition ने भारत की तकनीकी ताकत दिखाई। मसूद अजहर के ठिकानों का सफाया, अमित शाह और विक्रम मिस्त्री के बयान, और वैश्विक प्रतिक्रियाएं इस ऑपरेशन को ऐतिहासिक बनाती हैं। जनरल नरवणे के ट्वीट ने साफ कर दिया कि भारत की कार्रवाई यहीं रुकने वाली नहीं है।
- पाकिस्तान का सीजफायर उल्लंघन: ऑपरेशन सिंदूर के बाद बौखलाया पाकिस्तान, राजौरी-पुंछ में अंधाधुंध गोलीबारी, कई नागरिकों की मौत
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की बौखलाहट, राजौरी-पुंछ में तोड़ा सीजफायर
6-7 मई 2025 की रात भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा किए गए ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी ठिकानों को नष्ट कर जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन को भारी नुकसान पहुंचाया। इस कार्रवाई से बौखलाए पाकिस्तान ने 7 मई 2025 की सुबह जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ जिलों में नियंत्रण रेखा (LoC) पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी, जिसे 2003 के सीजफायर समझौते का स्पष्ट उल्लंघन माना जा रहा है। भारतीय सेना ने इसका मुंहतोड़ जवाब दिया, लेकिन पाकिस्तानी गोलीबारी में कई नागरिकों के हताहत होने की खबर है। भारतीय सेना के एक बयान में कहा गया, “पाकिस्तान ने पुंछ-राजौरी क्षेत्र में भारी तोपों से गोलीबारी शुरू की, जिसका हमारी सेना ने उचित और संयमित जवाब दिया।”
- राजौरी-पुंछ में भारी गोलीबारी, नागरिकों की मौत की पुष्टि
पाकिस्तान ने सुबह 5:30 बजे से राजौरी के नौशेरा और सुंदरबनी सेक्टरों के साथ-साथ पुंछ के भिंबर गली और कृष्णा घाटी सेक्टरों में भारी मोर्टार और तोपों से हमले शुरू किए। सोशल मीडिया पर कुछ उपयोगकर्ताओं ने दावा किया कि इस गोलीबारी में राजौरी और पुंछ में 15 से अधिक नागरिकों की मौत हुई और सैकड़ों घायल हुए, हालांकि आधिकारिक स्रोतों ने अभी तक सटीक संख्या की पुष्टि नहीं की है। एक स्थानीय निवासी ने बताया, “पाकिस्तानी गोलीबारी इतनी तीव्र थी कि लोग अपने घरों से निकल नहीं सके। कई गांवों में गोले गिरे, जिससे भारी नुकसान हुआ।” भारतीय सेना ने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने और बंकरों में शरण लेने की सलाह दी। जम्मू, सांबा, कठुआ, राजौरी और पुंछ में सभी स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए।
- भारतीय सेना का जवाब: पाकिस्तानी चौकियों को भारी नुकसान
भारतीय सेना ने पाकिस्तान की इस उकसावे की कार्रवाई का तुरंत जवाब दिया। सेना के प्रवक्ता ने कहा, “हमारी टुकड़ियां LoC पर पूरी तरह तैयार हैं और पाकिस्तानी चौकियों को भारी नुकसान पहुंचाया गया है।” सूत्रों के अनुसार, भारतीय सेना ने राजौरी के केरी और सुंदरबनी सेक्टरों में पाकिस्तानी पोस्ट्स को निशाना बनाया, जिसमें कई पाकिस्तानी सैनिकों के हताहत होने की संभावना है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान की यह कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर में हुए नुकसान, खासकर मसूद अजहर के परिवार और जैश के बहावलपुर ठिकाने के नष्ट होने से उपजी हताशा का नतीजा है।
- ऑपरेशन सिंदूर: पाकिस्तान को दिया करारा जवाब
ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब था, जिसमें 25 भारतीय और 1 नेपाली नागरिक मारे गए थे। भारतीय वायुसेना ने राफेल जेट्स, SCALP मिसाइलों, HAMMER बमों और पहली बार Loitering Munition (आत्मघाती ड्रोन) का इस्तेमाल कर 9 आतंकी ठिकानों को नष्ट किया। इनमें बहावलपुर का मरकज सुभान अल्लाह, मुरीदके का लश्कर कैंप और मुजफ्फराबाद का सैयदना बिलाल कैंप शामिल थे। इस ऑपरेशन में 70-100 आतंकियों के मारे जाने का अनुमान है, जिसमें मसूद अजहर के 10-14 परिवारजन भी शामिल थे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “हमने सटीकता के साथ केवल आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया, नागरिकों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।”
- वैश्विक प्रतिक्रिया और कूटनीतिक तनाव
पाकिस्तान ने भारत के हमले को “युद्ध की कार्रवाई” करार देते हुए जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा, “यह हमारी संप्रभुता का उल्लंघन है, हम इसका जवाब देंगे।” दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इसे “शर्मनाक” बताया, लेकिन भारत ने पहले ही अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, सऊदी अरब और यूएई को ऑपरेशन की जानकारी दे दी थी। विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री ने कहा, “खुफिया एजेंसियों ने भारत पर और हमलों की चेतावनी दी थी, जिसके जवाब में यह कार्रवाई जरूरी थी।” संयुक्त 13 विदेशी दूतावासों को नई दिल्ली में ब्रीफ किया गया, जिससे भारत ने कूटनीतिक समर्थन हासिल किया।
- नागरिकों पर प्रभाव और भविष्य की आशंका
पाकिस्तान की गोलीबारी से राजौरी और पुंछ के सीमावर्ती गांवों में दहशत का माहौल है। स्थानीय प्रशासन ने स्वास्थ्य सेवाओं को हाई अलर्ट पर रखा है और प्रभावित क्षेत्रों में एम्बुलेंस तैनात की हैं। कई गांवों में बिजली और संचार सेवाएं बाधित हो गई हैं। पूर्व थल सेना अध्यक्ष जनरल मनोज नरवणे के ट्वीट “अभी पिक्चर बाकी है” ने संकेत दिया कि भारत भविष्य में और सख्त कदम उठा सकता है। रक्षा विशेषज्ञ माइकल कुजमैन ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर की तुलना में यह गोलीबारी छोटी है, लेकिन पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई बड़े पैमाने पर हो सकती है।”
पाकिस्तान का सीजफायर उल्लंघन ऑपरेशन सिंदूर के बाद उसकी हताशा और कमजोर स्थिति को दर्शाता है। भारतीय सेना ने न केवल आतंकी ठिकानों को नष्ट किया, बल्कि पाकिस्तान की गोलीबारी का भी मुंहतोड़ जवाब दिया। हालांकि, राजौरी और पुंछ में नागरिकों की मौत ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है। भारत की कूटनीतिक और सैन्य तैयारी ने वैश्विक मंच पर उसकी स्थिति को मजबूत किया है, लेकिन पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई की धमकी और LoC पर बढ़ती गोलीबारी से स्थिति विस्फोटक बनी हुई है।
- पाकिस्तानी सेना और हुक्मरानों द्वारा ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए आतंकियों का सम्मान: जनाजे में शामिल होकर पढ़ी नमाज
भारत द्वारा पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर किए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरों में दिखाया गया है कि पाकिस्तानी सेना और कुछ शीर्ष अधिकारियों ने ऑपरेशन में मारे गए आतंकियों के जनाजे में हिस्सा लिया और उनके लिए नमाज-ए-जनाजा पढ़ी। इस घटना ने पाकिस्तान के आतंकवाद के प्रति रवैये पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं।
- ऑपरेशन सिंदूर: भारत की सटीक कार्रवाई
ऑपरेशन सिंदूर को भारतीय सशस्त्र बलों ने 6-7 मई 2025 की रात अंजाम दिया था। यह कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब थी, जिसमें 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक मारे गए थे। भारतीय वायुसेना, थलसेना और नौसेना ने संयुक्त रूप से पाकिस्तान और PoK में 9 आतंकी ठिकानों को नष्ट किया, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन के शिविर शामिल थे। सूत्रों के अनुसार, इस ऑपरेशन में 70 से 100 आतंकी मारे गए। भारत ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल आतंकी ढांचों पर केंद्रित थी और किसी भी पाकिस्तानी सैन्य या नागरिक ठिकाने को निशाना नहीं बनाया गया।
- पाकिस्तानी सेना का शर्मनाक कृत्य
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान में मारे गए आतंकियों के जनाजे की तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, जो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किए जा रहे हैं। इनमें दिखाया गया है कि आतंकियों के शवों को पाकिस्तानी राष्ट्रीय ध्वज में लपेटा गया और उनके जनाजे में पाकिस्तानी सेना के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस और स्थानीय प्रशासन के लोग शामिल हुए। खास तौर पर, लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष कमांडर हाफिज अब्दुर रऊफ के नेतृत्व में मुरिदके में हुए एक जनाजे में पंजाब पुलिस के इंस्पेक्टर जनरल सहित कई अधिकारी मौजूद थे।
सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो में नारे भी सुने गए, जैसे “भारत तेरी मौत आई, जैश आया, जैश आया,” जो जैश-ए-मोहम्मद के समर्थन में लगाए गए। ये दृश्य पाकिस्तान के आतंकवादी संगठनों के साथ खुले समर्थन को उजागर करते हैं।
- पाकिस्तान का दोहरा चेहरा उजागर
यह घटना उस समय सामने आई है, जब पाकिस्तान लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर यह दावा करता रहा है कि वह आतंकवाद का समर्थन नहीं करता। हालांकि, ऑपरेशन सिंदूर के बाद आतंकियों को ‘शहीद’ का दर्जा देना और उनके जनाजे में सैन्य अधिकारियों की मौजूदगी ने पाकिस्तान के इस दावे की पोल खोल दी है। भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा, “पाकिस्तान आतंकवादियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह बना हुआ है। पहलगाम हमले में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े रेजिस्टेंस फ्रंट का हाथ था, और यह साफ है कि पाकिस्तान इन संगठनों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करता।”
- भारत और वैश्विक प्रतिक्रिया
भारत ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाया है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने चीनी विदेश मंत्री वांग यी से बातचीत में स्पष्ट किया कि यदि पाकिस्तान तनाव बढ़ाने की कोशिश करता है, तो भारत दृढ़ता से जवाब देगा। अमेरिकी दूतावास ने भी भारत की कार्रवाई को सटीक और केंद्रित बताते हुए कहा कि इसमें किसी नागरिक या सैन्य ठिकाने को नुकसान नहीं पहुंचा।
भारत में इस घटना ने व्यापक आक्रोश पैदा किया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने पाकिस्तान को ‘आतंकवाद का पालक’ करार देते हुए निंदा की। बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला ने एक्स पर लिखा, “पाकिस्तानी सेना आतंकियों के जनाजे में शामिल हो रही है, यह दुनिया के लिए सबूत है कि पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देता है।”
- पाकिस्तान की प्रतिक्रिया और सीजफायर उल्लंघन
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा (LoC) पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसे भारत ने मुंहतोड़ जवाब दिया। पाकिस्तानी सेना ने पुंछ, राजौरी, बारामूला और कुपवाड़ा में गोलाबारी की, जिसमें 12 लोग मारे गए और 50 से अधिक घायल हुए। भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई में 10 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ऑपरेशन सिंदूर को ‘कायराना’ करार देते हुए जवाबी कार्रवाई की धमकी दी, जबकि विदेश मंत्री अताउल्लाह तरार ने इसे ‘अनुचित हमला’ बताया। हालांकि, पाकिस्तान के इन बयानों को अंतरराष्ट्रीय समुदाय में ज्यादा समर्थन नहीं मिला।
पाकिस्तानी सेना और अधिकारियों द्वारा आतंकियों के जनाजे में शामिल होना और उन्हें सम्मान देना न केवल शर्मनाक है, बल्कि यह भी साबित करता है कि पाकिस्तान आतंकवाद को सरकारी संरक्षण देता है। ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाया है, और इस घटना ने पाकिस्तान के दोहरे चरित्र को पूरी दुनिया के सामने उजागर कर दिया है। भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह आतंकवाद के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज करेगा, और यदि पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आता, तो उसे और कड़े जवाब के लिए तैयार रहना होगा।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की 'ऑपरेशन सिंदूर' और पीड़ित परिवारों की प्रतिक्रिया: पीएम मोदी को मिला धन्यवाद
- पीड़ित परिवारों की भावनात्मक प्रतिक्रिया
पहलगाम हमले में मारे गए लोगों के परिवारों ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को न केवल अपने प्रियजनों की मौत का बदला, बल्कि देश की एकता और आतंकवाद के खिलाफ मजबूत इच्छाशक्ति का प्रतीक बताया। कई परिवारों ने भावुक बयानों में कहा कि इस कार्रवाई ने उनके दर्द को कुछ हद तक कम किया और उन्हें न्याय की उम्मीद दी।
- शुभम द्विवेदी के परिवार का बयान (कानपुर, उत्तर प्रदेश)
कानपुर के व्यवसायी शुभम द्विवेदी उन 26 लोगों में शामिल थे, जिन्होंने पहलगाम हमले में अपनी जान गंवाई। शुभम के पिता, संजय द्विवेदी ने कहा,"पाकिस्तान और PoK में आतंकी ठिकानों पर सेना की कार्रवाई ने देश की सरकार और प्रधानमंत्री मोदी के प्रति हमारे विश्वास को और मजबूत किया है। मैं टीवी पर समाचार देखते हुए भारतीय सेना को सलाम करता हूं। इस सैन्य कार्रवाई के लिए मैं प्रधानमंत्री मोदी और सेना को धन्यवाद देता हूं। उन्होंने पहलगाम हमले के पीड़ितों और पूरे देश के दर्द को सुना और हमें न्याय दिलाने की दिशा में कदम उठाया।"
शुभम की पत्नी, ऐशान्या ने भावुक शब्दों में कहा, "मैं अपने पति की मौत का बदला लेने के लिए प्रधानमंत्री मोदी, मंत्रियों और सशस्त्र बलों के प्रमुखों को धन्यवाद देना चाहती हूं। हमें और हमारे पूरे परिवार को पीएम मोदी और भारतीय सेना पर पूरा भरोसा था। जिस तरह से उन्होंने आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया, उससे हमारा विश्वास और दृढ़ हुआ है। यह मेरे पति की सच्ची श्रद्धांजलि है।"
- संतोष जगदाले की पत्नी और बेटी का आभार
महाराष्ट्र के संतोष जगदाले भी इस हमले का शिकार हुए। उनकी पत्नी ने कहा,"आतंकवादियों ने जिस तरह से हमारी बेटियों के सिंदूर मिटाए, उसके बाद 'ऑपरेशन सिंदूर' एक करारा जवाब है। मैं और मेरी बेटी प्रधानमंत्री मोदी को दिल से धन्यवाद देते हैं। यह कार्रवाई हमारे लिए गर्व का क्षण है और हमारे दुख को कम करने का एक तरीका है।"
अन्य पीड़ितों के परिजनों की प्रतिक्रिया एक अन्य पीड़ित की मां ने बातचीत में कहा, "मुझे पीएम मोदी पर पूरा भरोसा है। उन्होंने हमारे बच्चों और परिवार के दर्द को समझा और आतंकियों को करारा जवाब दिया। यह हमारे लिए सच्ची श्रद्धांजलि है।" कई परिजनों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। एक यूज़र ने लिखा, "पहलगाम में धर्म पूछकर मारे गए शुभम की पत्नी ने पाकिस्तान पर हमले के लिए मोदी जी को धन्यवाद बोला। #OperationSindoor" अन्य पोस्ट्स में भी लोगों ने लिखा, "पहलगाम हमले के पीड़ितों के रिश्तेदारों ने पाक आतंकी ठिकानों पर भारत के हमले की सराहना की, 'सेना को सैल्यूट, पीएम मोदी को धन्यवाद'
- 'ऑपरेशन सिंदूर' और भारत की रणनीति
'ऑपरेशन सिंदूर' को पहलगाम हमले के जवाब में भारत की सख्त और त्वरित कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। इस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने पाकिस्तान और PoK में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई 2019 के बालाकोट एयर स्ट्राइक की तर्ज पर थी, जिसमें भारतीय वायुसेना ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों को नष्ट किया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमले के बाद कई उच्च-स्तरीय बैठकों में हिस्सा लिया। 23 अप्रैल को सऊदी अरब की अपनी यात्रा बीच में छोड़कर भारत लौटने के बाद, उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA), विदेश सचिव, और विदेश मंत्री के साथ बैठक की। इसके अलावा, उन्होंने सेना, नौसेना, और वायुसेना के प्रमुखों के साथ भी चर्चा की और सेना को खुली छूट दी।
मधुबनी में 24 अप्रैल को एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, "पहलगाम में भारत की आत्मा पर हमले का दुस्साहस किया गया है। आतंकियों की बची-खुची जमीन अब मिट्टी में मिला देंगे। 140 करोड़ भारतीयों की इच्छाशक्ति अब आतंक के आकाओं की कमर तोड़कर रहेगी।" उन्होंने यह भी कहा कि आतंकियों और उनकी साजिश रचने वालों को उनकी कल्पना से भी बड़ी सजा मिलेगी।
भारत की 'ऑपरेशन सिंदूर' एयर स्ट्राइक: पक्ष-विपक्ष एकजुट, नेताओं ने की पीएम मोदी और सेना की सराहना
- नेताओं की प्रतिक्रियाएं: एकजुट भारत का संदेश
'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद देश के विभिन्न नेताओं ने इस कार्रवाई को आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश बताया और भारतीय सेना की तारीफ की। पक्ष और विपक्ष के नेताओं ने इस मुद्दे पर राजनीतिक मतभेदों को दरकिनार कर राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता दी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (BJP)
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस ऑपरेशन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन का परिणाम बताया। उन्होंने कहा,"पहलगाम हमले के बाद भारत ने आतंकवादियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि हम चुप नहीं बैठेंगे। यह ऑपरेशन पीएम मोदी के दृढ़ संकल्प और सेना की बहादुरी का प्रतीक है। मैं भारतीय वायुसेना और सशस्त्र बलों को सलाम करता हूं। आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई और मजबूत होगी।"
राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि यह कार्रवाई आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाती है और पाकिस्तान को चेतावनी है कि वह अपनी जमीन से आतंकवाद को बढ़ावा देना बंद करे।
गृह मंत्री अमित शाह (BJP)
गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा,"पहलगाम हमले का जवाब 'ऑपरेशन सिंदूर' के रूप में दिया गया है। यह भारत की ताकत और आतंकवाद के खिलाफ हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ने दिखाया है कि हम अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएंगे। सेना को मेरा सलाम।"
उन्होंने विपक्ष से भी इस मुद्दे पर एकजुट रहने की अपील की, जिसका सकारात्मक जवाब मिला।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (कांग्रेस)
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आतंकी हमले की निंदा करते हुए सरकार के इस कदम का समर्थन किया। उन्होंने कहा,"पहलगाम में हुए कायराना हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया। भारतीय वायुसेना की इस कार्रवाई ने आतंकियों और उनके आकाओं को करारा जवाब दिया है। हम सेना के साथ खड़े हैं और इस मुद्दे पर सरकार को पूरा समर्थन देते हैं।"
खरगे ने यह भी कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में राजनीतिक दलों को एकजुट रहना चाहिए और देश की सुरक्षा को सर्वोपरि रखना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू (BJP)
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सर्वदलीय बैठक के बाद जानकारी साझा करते हुए कहा,"पहलगाम हमले के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में हुई सर्वदलीय बैठक में सभी विपक्षी दलों ने एकजुट होकर सरकार को समर्थन दिया। यह भारत की एकता और आतंकवाद के खिलाफ हमारी संकल्पशक्ति का प्रतीक है। पीएम मोदी और सेना ने देश को गर्व करने का मौका दिया।"
रिजिजू ने यह भी कहा कि यह कार्रवाई भारत की रक्षा तैयारियों और सामरिक क्षमता को दर्शाती है।
- जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (नेशनल कॉन्फ्रेंस)
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पीएम मोदी के साथ अपनी मुलाकात के बाद कहा,"पहलगाम हमले ने हमारे पर्यटन क्षेत्र और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गहरा आघात पहुंचाया। भारतीय सेना की इस कार्रवाई ने आतंकियों को सबक सिखाया है। मैं केंद्र सरकार और पीएम मोदी के साथ आतंकवाद को जड़ से उखाड़ने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर काम करने को तैयार हूं।"
उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर की जनता शांति चाहती है और इस तरह की कार्रवाइयां आतंकियों के हौसले पस्त करने में मदद करेंगी।
- समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने कहा,"आतंकवाद किसी भी देश के लिए अभिशाप है। पहलगाम हमले के बाद भारतीय सेना ने जो जवाब दिया, वह सराहनीय है। हम इस कार्रवाई का समर्थन करते हैं और सेना के साथ खड़े हैं। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में ऐसे हमले न हों।"
- तृणमूल कांग्रेस (TMC)
तृणमूल कांग्रेस की ओर से एक बयान में कहा गया,"पहलगाम हमले की हम कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। भारतीय वायुसेना की कार्रवाई आतंकवाद के खिलाफ एक मजबूत कदम है। हम इस मुद्दे पर सरकार और सेना के साथ हैं।"
- बीजू जनता दल (BJD) और अन्य क्षेत्रीय दल
बीजू जनता दल (BJD) और अन्य क्षेत्रीय दलों ने भी इस कार्रवाई की सराहना की। BJD नेता ने कहा,"यह ऑपरेशन भारत की सैन्य ताकत और आतंकवाद के खिलाफ दृढ़ निश्चय को दर्शाता है। हम पीएम मोदी और सेना के साथ हैं।"
- राहुल गांधी की प्रतिक्रिया: सेना को समर्थन, एकजुटता पर जोर
राहुल गांधी, जो लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं, ने 'ऑपरेशन सिंदूर' की सराहना की और भारतीय वायुसेना के पायलटों की बहादुरी को सलाम किया। उन्होंने इस कार्रवाई को पहलगाम हमले के खिलाफ एक आवश्यक और मजबूत जवाब बताया। 24 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमले पर केंद्र सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में भाग लेने के बाद, राहुल गांधी ने कहा:"पहलगाम आतंकी हमले की सभी ने कड़े शब्दों में निंदा की। विपक्ष ने सरकार को हरसंभव कार्रवाई के लिए पूर्ण समर्थन दिया है। यह समय देश की एकता और सुरक्षा को प्राथमिकता देने का है।" राहुल गांधी ने 7 मई 2025 को एयर स्ट्राइक के बाद ट्वीट किया:"भारतीय वायुसेना के पायलटों को मेरा सलाम। 'ऑपरेशन सिंदूर' आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रतीक है। हमें अपनी सेना पर गर्व है। जय हिंद!"
राहुल गांधी ने यह भी जोर दिया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में राजनीतिक मतभेदों को दरकिनार करना होगा। उन्होंने सरकार से यह सुनिश्चित करने की अपील की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए खुफिया तंत्र और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। उन्होंने पहलगाम हमले के बाद अनंतनाग में घायलों से मुलाकात की और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
हालांकि, कुछ कांग्रेस नेताओं की बयानबाजी पर राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने नाराजगी जताई थी, जब कुछ नेताओं ने पार्टी लाइन से हटकर बयान दिए। न्यूजटक के अनुसार, राहुल गांधी ने ऐसे नेताओं को फटकार लगाई और स्पष्ट किया कि आतंकवाद के मुद्दे पर पार्टी का रुख एकजुट और देशहित में है।
- असदुद्दीन ओवैसी की प्रतिक्रिया: कड़ा रुख, पाकिस्तान पर हमला
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने 'ऑपरेशन सिंदूर' का स्वागत किया और इसे आतंकवाद के खिलाफ एक निर्णायक कदम बताया। उन्होंने पाकिस्तान को "नाकाम मुल्क" करार देते हुए उसकी आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली नीतियों की कड़ी आलोचना की। ओवैसी ने पहलगाम हमले को उरी और पुलवामा हमलों से भी "अधिक खतरनाक और दर्दनाक" बताया और इसे खुफिया विफलता का परिणाम माना।
7 मई 2025 को एयर स्ट्राइक के बाद, ओवैसी ने हैदराबाद में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा:"पाकिस्तान एक नाकाम मुल्क है। पहलगाम हमले के बाद भारत ने जो जवाब दिया, वह जरूरी था। मैं भारतीय वायुसेना और सरकार के इस कदम का समर्थन करता हूं। लेकिन हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि पाकिस्तान को उसकी हरकतों की पूरी कीमत चुकानी पड़े। PoK पर भारत का दावा है, और हमें वहां तक कार्रवाई करने से नहीं हिचकना चाहिए।" ओवैसी ने पहले सर्वदलीय बैठक में भी हिस्सा लिया था, जहां उन्होंने कई सुझाव दिए। उन्होंने कहा:"केंद्र सरकार को उस देश के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार है जो आतंकी संगठनों को पनाह देता है। अंतरराष्ट्रीय कानून भी आत्मरक्षा में हवाई और नौसैनिक नाकाबंदी की अनुमति देता है। हमें पाकिस्तान के खिलाफ हथियारों की बिक्री पर प्रतिबंध और साइबर हमले जैसे कदम उठाने चाहिए।"
ओवैसी ने पहलगाम हमले में सुरक्षा चूक पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि बाइसरण मीडो जैसे पर्यटक स्थल पर CRPF की तैनाती क्यों नहीं थी और त्वरित प्रतिक्रिया टीम को पहुंचने में एक घंटा क्यों लगा। उन्होंने यह भी कहा कि कश्मीरियों और कश्मीरी छात्रों के खिलाफ "झूठा प्रचार" बंद होना चाहिए।
पाकिस्तान के परमाणु हथियारों की धमकियों पर ओवैसी ने तंज कसते हुए कहा:"पाकिस्तान हमेशा परमाणु शक्ति होने की बात करता है। उन्हें याद रखना चाहिए कि अगर वे हमारे देश में घुसकर मासूम लोगों को मारेंगे, तो भारत चुप नहीं बैठेगा। चाहे कोई भी सरकार हो, हमारे लोगों को उनकी धार्मिक पहचान के आधार पर निशाना बनाने की कीमत चुकानी होगी।" ओवैसी ने यह भी जोर दिया कि पहलगाम हमला हिंदू-मुस्लिम एकता को कमजोर करने की साजिश थी। उन्होंने कहा"पाकिस्तान का आईएसआई और उसका प्रतिष्ठान हिंदुओं और मुसलमानों को हमेशा लड़ते देखना चाहता है। इस समय जो लोग हिंदू-मुस्लिम विभाजन की कोशिश कर रहे हैं, वे भारत को कमजोर कर रहे हैं। हमें एकजुट रहना होगा।"
- सर्वदलीय बैठक में एकजुटता
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में हुई सर्वदलीय बैठक में सभी प्रमुख विपक्षी दलों ने पहलगाम हमले की निंदा की और सरकार को पूर्ण समर्थन देने का आश्वासन दिया। इस बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की प्रतिक्रिया निर्णायक होगी। विपक्षी नेताओं ने यह भी कहा कि इस तरह की कार्रवाइयां देश की एकता और संप्रभुता को मजबूत करती हैं।
- 'ऑपरेशन सिंदूर' का विवरण
'ऑपरेशन सिंदूर' में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और PoK में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए। इनमें लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों के प्रशिक्षण शिविर और कमांड सेंटर शामिल थे। रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि यह कार्रवाई "केंद्रित, नपी-तुली और गैर-उकसावे वाली" थी। सूत्रों के अनुसार, सभी नौ लक्ष्यों पर हमले सफल रहे, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऑपरेशन पर करीबी नजर रखी।
- पाकिस्तान की प्रतिक्रिया और भारत की तैयारी
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इन हमलों को "कायराना" करार दिया और कहा कि उनके देश को जवाब देने का अधिकार है। हालांकि, भारत ने सभी वायु रक्षा यूनिटों को सक्रिय कर दिया है और किसी भी जवाबी कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है। पाकिस्तान ने पुंछ-राजौरी क्षेत्र में सीजफायर उल्लंघन शुरू किया, जिसका भारतीय सेना मुंहतोड़ जवाब दे रही है।
- राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समर्थन
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पीएम मोदी से फोन पर बात कर पहलगाम हमले की निंदा की और आतंकवाद के खिलाफ भारत को समर्थन देने का वादा किया। जापान ने भी भारत के साथ समर्थन व्यक्त किया।
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