सुप्रीम कोर्ट में आवारा कुत्तों की सुनवाई के दौरान महिला ने जजों को कहा 'You Guys', जज बोले- कोई बात नहीं, ठीक है।
सुप्रीम कोर्ट में आवारा कुत्तों से जुड़े गंभीर मुद्दे पर चल रही सुनवाई के दौरान एक दिलचस्प घटना घटी। यह सुनवाई तीन जजों की पीठ के
सुप्रीम कोर्ट में आवारा कुत्तों से जुड़े गंभीर मुद्दे पर चल रही सुनवाई के दौरान एक दिलचस्प घटना घटी। यह सुनवाई तीन जजों की पीठ के सामने हो रही थी, जिसमें जस्टिस विक्रम नाथ पीठ के अध्यक्ष थे। सुनवाई के दौरान विभिन्न हितधारकों ने अपनी बात रखी, जिनमें पशु प्रेमी, पीड़ित और इस विषय के विशेषज्ञ शामिल थे। इनमें से एक महिला ने पीठ का धन्यवाद देते हुए जजों को संबोधित किया। महिला ने जजों के हस्तक्षेप और इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर ध्यान देने के लिए शुक्रिया अदा किया। अपनी बात कहते हुए उन्होंने अनजाने में बेंच को “You Guys” कहकर संबोधित कर दिया, जिससे कोर्ट के सख्त प्रोटोकॉल का उल्लंघन हो गया। कोर्ट में सामान्य रूप से जजों को “Your Lordships” या “My Lords” कहकर संबोधित किया जाता है, और अनौपचारिक शब्दों का उपयोग प्रोटोकॉल के खिलाफ माना जाता है।
हालांकि, इस पर पीठ ने उदार रुख अपनाया। जज ने महिला की इस गलती पर कोई आपत्ति नहीं जताई और कहा कि कोई बात नहीं, यह ठीक है। इस प्रतिक्रिया से सुनवाई का माहौल सामान्य रहा और आगे की बहस जारी रही। आवारा कुत्तों का मुद्दा लंबे समय से कोर्ट में लंबित है, जिसमें सड़कों पर कुत्तों की बढ़ती संख्या, हमलों के मामले और पशु अधिकारों के बीच संतुलन बनाने की बात शामिल है। सुनवाई में कई पक्षकारों ने अपने सुझाव और अनुभव साझा किए। महिला ने अपनी बात रखते हुए पीठ को धन्यवाद कहा और अनजाने में “You Guys” शब्द का उपयोग कर लिया। यह घटना सुनवाई के दौरान हुई, जब महिला अपनी सबमिशन पूरी कर रही थीं। जजों ने इस पर हल्के ढंग से प्रतिक्रिया दी और कहा कि कोई समस्या नहीं है, यह स्वीकार्य है। सुनवाई आगे बढ़ी और अन्य पक्षकारों की बात सुनी गई। आवारा कुत्तों से संबंधित मामले में विभिन्न राज्यों की स्थिति, नगर निगमों की जिम्मेदारी और पशु कल्याण के कानूनों पर चर्चा हो रही है। इस पीठ में जस्टिस विक्रम नाथ के अलावा अन्य जज भी शामिल थे।
महिला की यह टिप्पणी अनौपचारिक थी, लेकिन जजों ने इसे नजरअंदाज कर आगे बढ़ने का फैसला किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कोई बात नहीं और यह ठीक है। इस घटना से सुनवाई में कोई व्यवधान नहीं आया। आवारा कुत्तों का मामला कई याचिकाओं पर आधारित है, जिसमें कुत्तों को मारने के खिलाफ और पीड़ितों की सुरक्षा के लिए दलीलें दी जा रही हैं। सुनवाई के दौरान कई लोग कोर्ट में उपस्थित थे और अपनी राय रख रहे थे। महिला ने धन्यवाद देते समय “You Guys” कहा, जिस पर जज की प्रतिक्रिया उदार रही। जज ने कहा कि यह ठीक है और कोई बात नहीं। सुनवाई कल हुई, जिसमें इस मुद्दे पर विस्तार से बहस चली। पीठ ने सभी पक्षों को सुनने का मौका दिया। महिला की सबमिशन के बाद जजों ने आगे की कार्यवाही जारी रखी। आवारा कुत्तों की समस्या शहरों में बढ़ रही है, और कोर्ट इस पर समाधान तलाश रहा है। सुनवाई में विशेषज्ञों की राय भी ली गई। महिला ने अनजाने में प्रोटोकॉल तोड़ा, लेकिन जजों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। उनकी प्रतिक्रिया थी कि कोई बात नहीं, ठीक है।
यह घटना सुनवाई का हिस्सा बनी। पीठ ने अन्य सबमिशनों पर ध्यान केंद्रित किया। आवारा कुत्तों से जुड़े मामलों में संतुलित 접근 की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है। महिला की टिप्पणी के बाद सुनवाई सामान्य रूप से चली। जजों ने उदारता दिखाई और कहा कि यह स्वीकार्य है। सुनवाई के दौरान कई हितधारक मौजूद थे। महिला ने पीठ का शुक्रिया अदा किया और “You Guys” कह दिया। जज की प्रतिक्रिया सकारात्मक रही। उन्होंने कहा कोई बात नहीं। यह घटना कल की सुनवाई में हुई। आवारा कुत्तों का मुद्दा गंभीर है और कोर्ट में लंबित है। पीठ जस्टिस विक्रम नाथ की अगुवाई में चल रही है। महिला की गलती अनजाने में हुई। जजों ने इसे अनदेखा किया। सुनवाई आगे बढ़ी। विभिन्न पक्षों की दलीलें सुनी गईं। महिला ने धन्यवाद में अनौपचारिक शब्द इस्तेमाल किए। जज बोले ठीक है।
कोई बात नहीं। यह प्रोटोकॉल का छोटा उल्लंघन था। सुनवाई में पशु प्रेमी और पीड़ित दोनों पक्ष रख रहे हैं। महिला की सबमिशन महत्वपूर्ण थी। जजों ने उदार प्रतिक्रिया दी। सुनवाई कल संपन्न हुई भाग में यह घटना घटी। आवारा कुत्तों पर बहस जारी है। पीठ सभी को सुन रही है। महिला ने “You Guys” कहा। जज ने कहा कोई बात नहीं। यह ठीक है। सुनवाई का माहौल सामान्य रहा। अन्य सबमिशन जारी रहे। आवारा कुत्तों की समस्या पर कोर्ट विचार कर रहा है। महिला की टिप्पणी अनजाने में थी। जजों की प्रतिक्रिया हल्की रही। सुनवाई तीन जजों की पीठ में हो रही है। जस्टिस विक्रम नाथ अध्यक्ष हैं। कई हितधारक शामिल हैं। महिला ने शुक्रिया कहा। अनौपचारिक संबोधन किया। जज ने स्वीकार किया। कहा ठीक है। कोई बात नहीं। यह घटना सुनवाई के दौरान हुई। आवारा कुत्तों का मामला गंभीर मुद्दा है। सुनवाई में विशेषज्ञ भी बोल रहे हैं। महिला की बात के बाद जजों ने आगे बढ़ाया। प्रोटोकॉल तोड़ा गया लेकिन अनदेखा किया।
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