पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का दावा, भारत-पाक संघर्ष के बाद पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों की मांग में भारी इजाफा। 

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने हाल ही में एक बयान दिया है जिसमें उन्होंने कहा कि भारत के साथ हुए सैन्य संघर्ष के बाद उनके देश के

Jan 8, 2026 - 12:36
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पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का दावा, भारत-पाक संघर्ष के बाद पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों की मांग में भारी इजाफा। 
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का दावा, भारत-पाक संघर्ष के बाद पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों की मांग में भारी इजाफा। 

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने हाल ही में एक बयान दिया है जिसमें उन्होंने कहा कि भारत के साथ हुए सैन्य संघर्ष के बाद उनके देश के लड़ाकू विमानों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग काफी बढ़ गई है। यह संघर्ष मई 2025 में चार दिनों तक चला था, जिसे ऑपरेशन सिंदूर के नाम से जाना जाता है। ख्वाजा आसिफ ने यह दावा किया कि इस संघर्ष में पाकिस्तानी विमानों के प्रदर्शन और युद्ध में परीक्षण होने के कारण अब कई देशों से लड़ाकू विमानों के ऑर्डर आ रहे हैं। विशेष रूप से JF-17 थंडर लड़ाकू विमान की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो पाकिस्तान और चीन का संयुक्त उत्पादन है। रक्षा मंत्री ने कहा कि इन विमानों का युद्ध में उपयोग और परीक्षण हो चुका है, जिससे उनकी विश्वसनीयता साबित हुई और बाजार में उनकी मांग बढ़ी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि रक्षा निर्यात से प्राप्त होने वाली आय इतनी अधिक हो सकती है कि पाकिस्तान को अगले छह महीनों में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से सहायता की जरूरत नहीं पड़ेगी। ख्वाजा आसिफ ने एक साक्षात्कार में बताया कि पाकिस्तान को रक्षा उपकरणों, खासकर विमानों के लिए रिकॉर्ड ऑर्डर मिल रहे हैं। इस संघर्ष के बाद JF-17 की बाजार में अपील बढ़ गई है क्योंकि यह कम लागत वाला और युद्ध-परीक्षित विमान माना जा रहा है।

रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि कई देशों से ऑर्डर आने से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। JF-17 विमान पहले से ही कुछ देशों को निर्यात किया जा चुका है, और अब नए ऑर्डर आने की जानकारी सामने आई है। ख्वाजा आसिफ ने अपने बयान में इस बात पर जोर दिया कि युद्ध के दौरान विमानों का प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देखा गया, जिससे उनकी मांग में इजाफा हुआ। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के रक्षा उत्पाद अब अधिक आकर्षक हो गए हैं। संघर्ष मई 2025 में हुआ था, जिसमें दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव देखा गया। इस टकराव के बाद पाकिस्तान ने अपने विमानों की क्षमता को प्रमोट करने का मौका देखा। रक्षा मंत्री ने बताया कि JF-17 जैसे विमानों के ऑर्डर बढ़ने से देश की विदेशी मुद्रा भंडार में सुधार होगा। ख्वाजा आसिफ का यह बयान हाल ही में दिया गया, जिसमें उन्होंने रक्षा निर्यात की बढ़ती मांग का जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि विमानों का युद्ध में उपयोग होने से उनकी मार्केट वैल्यू बढ़ गई है। पाकिस्तान JF-17 को विभिन्न देशों को बेचने की कोशिश कर रहा है, और अब नए ऑर्डर की बात सामने आई है। रक्षा मंत्री ने यह भी दावा किया कि इतने ऑर्डर आ रहे हैं कि आईएमएफ की निर्भरता कम हो सकती है। यह बयान एक टीवी चैनल को दिए गए साक्षात्कार में आया। ख्वाजा आसिफ ने संघर्ष को विमानों की मार्केटिंग के लिए उपयोगी बताया। JF-17 ब्लॉक III संस्करण में उन्नत तकनीक है, जिसकी मांग बढ़ रही है। पाकिस्तान के रक्षा उत्पादन में JF-17 प्रमुख है। रक्षा मंत्री ने कहा कि चार दिनों के संघर्ष ने विमानों को युद्ध-परीक्षित साबित किया। इससे कई देशों का ध्यान आकर्षित हुआ। ऑर्डर की यह वृद्धि पाकिस्तान के लिए आर्थिक लाभ लेकर आएगी। ख्वाजा आसिफ ने अपने बयान में रक्षा निर्यात को अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि विमानों की मांग बढ़ने से पाकिस्तान आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। संघर्ष के बाद यह पहला बड़ा बयान है जिसमें रक्षा निर्यात की बात की गई।

JF-17 को कम कीमत पर प्रभावी विमान माना जाता है। रक्षा मंत्री ने ऑर्डर की संख्या को रिकॉर्ड बताया। यह मांग विभिन्न देशों से आ रही है। ख्वाजा आसिफ ने कहा कि युद्ध परीक्षण ने विमानों की विश्वसनीयता बढ़ाई। इससे बाजार में पाकिस्तानी उत्पादों की मांग बढ़ी। रक्षा निर्यात से आय बढ़ने की उम्मीद है। उन्होंने आईएमएफ सहायता की जरूरत कम होने का अनुमान लगाया। यह बयान जनवरी 2026 में आया। संघर्ष मई 2025 का था। JF-17 पाकिस्तान का प्रमुख निर्यात उत्पाद है। रक्षा मंत्री ने विमानों के युद्ध उपयोग का जिक्र किया। मांग बढ़ने से आर्थिक लाभ होगा। ख्वाजा आसिफ ने साक्षात्कार में यह दावा दोहराया। पाकिस्तान रक्षा उपकरण बेचकर अर्थव्यवस्था मजबूत करना चाहता है। JF-17 की नई ब्लॉक में उन्नत रडार है। ऑर्डर विभिन्न देशों से हैं। रक्षा मंत्री ने संघर्ष को सकारात्मक रूप से देखा।

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