बलिया के बांसडीह में करंट से युवक की मौत, सड़क जाम, पुलिस के साथ टकराव मामले में डीएसपी के वायरल वीडियो में ‘नेस्तनाबूद’ शब्द पर विवाद शुरू।
Ballia News: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के बांसडीह कस्बे में 29 जुलाई 2025 को एक दुखद घटना में करंट लगने से एक युवक की मौत हो गई। इस घटना....
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के बांसडीह कस्बे में 29 जुलाई 2025 को एक दुखद घटना में करंट लगने से एक युवक की मौत हो गई। इस घटना के बाद गुस्साए स्थानीय लोगों और मृतक के परिजनों ने मुआवजे और दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर बांसडीह-मनियार हाईवे पर सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ गया, जिसके चलते पथराव और लाठीचार्ज की नौबत आ गई। इस बीच, पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) द्वारा प्रदर्शनकारियों को शांत करने के दौरान ‘नेस्तनाबूद’ जैसे आपत्तिजनक शब्द के इस्तेमाल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसने विवाद को और हवा दी। पुलिस ने दोषी के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, और प्रशासन ने मृतक के परिवार को मुआवजा देने का आश्वासन दिया है।
घटना बांसडीह कस्बे के गुदरी बाजार में मंगलवार शाम करीब 6:30 बजे हुई। मृतक, संजीव पांडेय (उम्र 22 वर्ष), एक बिजली मिस्त्री था और स्थानीय निवासी रमेश ठाकुर के घर में बिजली का काम कर रहा था। संजीव एक विद्युत तार जोड़ रहा था, तभी उसे करंट का तेज झटका लगा, और वह गंभीर रूप से झुलस गया। स्थानीय लोगों ने उसे तुरंत बांसडीह के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। संजीव के परिवार में उसकी मां, पिता और दो छोटे भाई-बहन हैं, जो उसकी कमाई पर निर्भर थे।
संजीव की मौत की खबर फैलते ही गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने बांसडीह-मनियार हाईवे पर सड़क जाम कर दी। प्रदर्शनकारियों ने मृतक के परिवार के लिए 20 लाख रुपये के मुआवजे और रमेश ठाकुर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उनका आरोप था कि रमेश ने अवैध बिजली कनेक्शन का काम करवाया, जिसके कारण यह हादसा हुआ। सड़क जाम के कारण हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई, और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रदर्शन में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे, जो सड़क पर बैठकर नारेबाजी कर रहे थे।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बांसडीह पुलिस और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया, जिसके जवाब में पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस दौरान कुछ महिलाओं को भी चोटें आईं, जिससे लोगों का गुस्सा और भड़क गया। इस टकराव में चार लोग घायल हुए, जिनमें दो प्रदर्शनकारी और दो पुलिसकर्मी शामिल थे। घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए सीएचसी में भर्ती कराया गया।
इस बीच, बांसडीह के डीएसपी प्रभात कुमार प्रदर्शनकारियों को शांत करने के लिए मौके पर पहुंचे। उनकी बातचीत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें वे प्रदर्शनकारियों को आश्वासन देते हुए कह रहे हैं, “हम दोषी को नेस्तनाबूद कर देंगे, आप लोग शांत हो जाइए।” इस शब्द के इस्तेमाल ने लोगों में नाराजगी पैदा की। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इसे असंवेदनशील और अशोभनीय बताया। एक यूजर ने लिखा, “एक पुलिस अधिकारी को ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। यह जनता के प्रति असम्मान है।” वहीं, कुछ लोगों ने डीएसपी का समर्थन करते हुए कहा कि वे स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे थे।
बांसडीह थाना प्रभारी रमेश चंद्र ने बताया कि मृतक के भाई रवि पांडेय की तहरीर पर रमेश ठाकुर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 304ए (लापरवाही से मृत्यु) और विद्युत अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। रमेश ठाकुर को हिरासत में ले लिया गया है, और उनके बिजली कनेक्शन की जांच की जा रही है। पुलिस ने यह भी बताया कि हादसे के समय संजीव ने कोई सुरक्षा उपकरण, जैसे दस्ताने या रबर के जूते, नहीं पहने थे, जो हादसे का एक कारण हो सकता है।
प्रदर्शनकारियों की मांग पर जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया। बलिया की जिला मजिस्ट्रेट सौम्या अग्रवाल ने कहा कि मृतक के परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि बांसडीह में बिजली कनेक्शनों की जांच की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। बिजली विभाग को भी अवैध कनेक्शनों पर कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। स्थानीय विधायक केतकी सिंह ने इस घटना पर दुख जताया और मृतक के परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया।
यह घटना बांसडीह में बिजली विभाग की लापरवाही और अवैध कनेक्शनों की समस्या को फिर से सामने लाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गुदरी बाजार जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में बिजली के तार और खंभे जर्जर हालत में हैं, जिससे आए दिन हादसे होते हैं। पिछले एक साल में बांसडीह और आसपास के क्षेत्रों में करंट से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। मार्च 2025 में, होली के दौरान एक बच्चे की करंट से मौत हो गई थी, जिसके बाद लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया था।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने इस घटना को और चर्चा में ला दिया। कई यूजर्स ने डीएसपी के शब्दों की निंदा की, जबकि कुछ ने पुलिस पर लाठीचार्ज को गलत ठहराया। एक यूजर ने लिखा, “महिलाओं पर लाठीचार्ज करना शर्मनाक है। पुलिस को संयम बरतना चाहिए था।” एक अन्य यूजर ने कहा, “यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि प्रशासन और बिजली विभाग की नाकामी है।” इस घटना ने बांसडीह में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं।
बांसडीह में अवैध बिजली कनेक्शनों की समस्या लंबे समय से चली आ रही है। सामाजिक कार्यकर्ता अनिल वर्मा ने बताया कि कई लोग बिना लाइसेंस के बिजली का काम करते हैं, और बिजली विभाग इस पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं करता। उन्होंने सुझाव दिया कि बिजली मिस्त्रियों के लिए लाइसेंस प्रणाली को अनिवार्य किया जाए और सुरक्षा उपकरणों का उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि गुदरी बाजार जैसे क्षेत्रों में बिजली के खंभों और तारों का नियमित निरीक्षण जरूरी है।
पुलिस ने पथराव के मामले में सात नामजद और पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 147 (दंगा), 336 (जान को खतरे में डालना), और 353 (लोक सेवक पर हमला) के तहत एक और प्राथमिकी दर्ज की है। डीएसपी प्रभात कुमार ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि उनका इरादा किसी को ठेस पहुंचाना नहीं था, और वे स्थिति को शांत करने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
बलिया के बांसडीह में करंट से युवक संजीव पांडेय की मौत ने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया। सड़क जाम और पुलिस के साथ टकराव ने स्थिति को और जटिल बना दिया। डीएसपी के वायरल वीडियो ने विवाद को बढ़ाया, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने मुआवजे और कार्रवाई का भरोसा दिया है।
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बलिया जनपद के बांसडीह कस्बे में करंट लगने से एक युवक की मौत के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। मृतक युवक, संजीव पांडे के घर में बिजली का कार्य कर रहा था, जब उसे करंट लगा और मौके पर ही उसकी मृत्यु हो गई। परिजनों ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और उचित… pic.twitter.com/XgDsn8sYC4 — AajTak (@aajtak) July 31, 2025
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