बिहार चुनाव: मुजफ्फरपुर रैली में पीएम मोदी का आरजेडी-कांग्रेस पर हमला, पांच 'के' से बताई जंगलराज की पहचान।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच मुजफ्फरपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। 30 अक्टूबर को सुबह करीब 11 बजे हुई इस विशाल जनसभा में पीएम
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच मुजफ्फरपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। 30 अक्टूबर को सुबह करीब 11 बजे हुई इस विशाल जनसभा में पीएम ने विपक्षी महागठबंधन खासकर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि आरजेडी-कांग्रेस की पहचान पांच चीजों से है- कट्टा, क्रूरता, कटुता, कुशासन और करप्शन। पीएम ने इन्हें जंगलराज का प्रतीक बताते हुए कहा कि ये पांच 'के' बिहार के अतीत की कड़वी यादें ताजा कर देते हैं। रैली छठ महापर्व के ठीक बाद हुई, जिसका जिक्र पीएम ने बार-बार किया। उन्होंने विपक्ष पर छठी मइया का अपमान करने का आरोप लगाया और कहा कि केंद्र सरकार छठ को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूची में शामिल कराने के प्रयास कर रही है। यह बयान न केवल चुनावी रणनीति का हिस्सा था बल्कि बिहार की सांस्कृतिक पहचान को राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश भी। सभा में हजारों लोग जुटे थे, जिनमें महिलाएं और युवा प्रमुख थे।
पीएम मोदी की मुजफ्फरपुर यात्रा बिहार चुनाव प्रचार का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बिहार में 243 सीटों पर दो चरणों में मतदान होना है- पहले चरण में 10 नवंबर को 94 सीटें और दूसरे में 20 नवंबर को 149 सीटें। नतीजे 25 नवंबर को आएंगे। एनडीए गठबंधन में भाजपा, जनता दल यूनाइटेड, हम और वीआईपी जैसे दल शामिल हैं, जबकि महागठबंधन में आरजेडी, कांग्रेस और वामपंथी दल हैं। रैली स्थल पर बारिश के बावजूद भारी भीड़ जुटी। पीएम ने कहा कि यह उत्साह छठ पूजा के बाद एनडीए के पक्ष में लहर का संकेत है। मंच पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौहान और अन्य नेता मौजूद थे। पीएम ने भाषण की शुरुआत छठ से की। उन्होंने बताया कि छठ बिहार की बेटियों-बहनों की आस्था का प्रतीक है। व्रतधारी महिलाएं परिवार की सुख-समृद्धि के लिए उपवास रखती हैं। केंद्र सरकार इस पर्व को वैश्विक मंच पर ले जाने के लिए यूनेस्को से मान्यता दिलाने की दिशा में काम कर रही है।
पीएम ने विपक्ष के बयानों पर सीधा निशाना साधा। 29 अक्टूबर को मुजफ्फरपुर में ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने छठ पूजा को ड्रामा बताया था। राहुल ने कहा था कि पीएम मोदी वोट के लिए स्टेज पर नाच भी सकते हैं। यमुना सफाई का वादा झूठा था। इस पर पीएम ने पलटवार किया। कहा कि बिहार का बेटा दुनिया में छठी मइया की जयकार करा रहा है, लेकिन कांग्रेस-आरजेडी वाले वोट के लिए आस्था का अपमान कर रहे हैं। क्या बिहार की जनता यह बर्दाश्त करेगी। पीएम ने कहा कि छठ गीतों से युवा पीढ़ी परंपरा सीखती है। इसलिए केंद्र छठ गीतों पर राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित करेगा। नए कलाकारों को प्रोत्साहन मिलेगा। यह कदम बिहार की संस्कृति को मजबूत करेगा।
रैली का मुख्य हमला आरजेडी के जंगलराज पर था। पीएम ने पांच 'के' गिनाए- कट्टा, क्रूरता, कटुता, कुशासन और करप्शन। उन्होंने कहा कि जहां कट्टा हो, वहां कानून खत्म हो जाता है। क्रूरता का मतलब अपराधियों का बोलबाला। कटुता समाज में नफरत फैलाती है। कुशासन विकास रोकता है और करप्शन खजाना लूटता है। पीएम ने मुजफ्फरपुर के गोलू अपहरण कांड का जिक्र किया। 2001 में आरजेडी शासन में एक स्कूल जाने वाले बच्चे का दिनदहाड़े अपहरण हुआ। फिरौती न मिलने पर अपराधियों ने बच्चे को टुकड़ों में काट दिया। पीएम ने कहा कि ऐसे कांड बिहार की जनता कभी नहीं भूलेगी। उस समय गाड़ी शोरूम लूटे जाते थे। रेलवे का चारा घोटाले में खजाना खाली हो गया। 35 से 40 हजार अपहरण के मामले दर्ज हुए। महिलाओं पर अत्याचार आम थे। पीएम ने सवाल किया कि जो रेलवे लूटे, वे कनेक्टिविटी कैसे सुधारेंगे। आरजेडी-कांग्रेस दशकों तक बिहार पर राज कर चुके, लेकिन सिर्फ धोखा और झूठे वादे दिए।
पीएम ने एनडीए के सुशासन की तारीफ की। कहा कि एनडीए का मतलब सेवा, विकास और गारंटी है। आज अपराध दर घटी है। बरौनी और बेगूसराय में बड़े कारखाने लग रहे हैं। प्रवासी बिहारी अब बाहर नहीं जाएंगे। बिहार में ही रोजगार मिलेगा। डबल इंजन सरकार ने सड़क, रेल और हवाई अड्डों का जाल बिछा दिया। बिहार कोकिला शारदा सिन्हा के छठ गीतों का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि ये गीत दुनिया में बिहार की पहचान हैं। एनडीए बिहार का गौरव बढ़ा रहा है। भाषा और संस्कृति को वैश्विक मंच दे रहा है। विकसित भारत के लिए बिहार का विकास जरूरी है। पीएम ने घोषणा पत्र का जिक्र किया। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई और रोजगार पर फोकस है। महिलाओं को 50 प्रतिशत टिकट का वादा है।
यह रैली विपक्ष के हमलों का जवाब थी। तेजस्वी यादव ने कहा कि मोदी गुजरात में फैक्टरियां खोलना चाहते हैं, लेकिन बिहार में सिर्फ जीत। तेजस्वी ने 500 रुपये में गैस सिलेंडर, बेरोजगारी भत्ता और महंगाई रोकने का वादा किया। राबड़ी देवी ने कहा कि मोदी-शाह सिर्फ हमला बोलते हैं, काम नहीं करते। अमित शाह ने पलटवार किया। कहा कि लालू बेटे को सीएम बनाना चाहते हैं, सोनिया बेटे को पीएम। लेकिन दोनों पद खाली नहीं। शाह ने कहा कि लालू चारा, बिटुमेन और जॉब फॉर लैंड घोटालों में फंसे हैं। कांग्रेस पर 12 लाख करोड़ के भ्रष्टाचार का आरोप। भाजपा प्रवक्ता ने राहुल को स्थानीय गुंडा कहा।
बिहार में जातिगत समीकरण अहम हैं। यादव, मुस्लिम, कोइरी वोट आरजेडी के हैं। एनडीए ने ईबीसी और महिलाओं पर जोर दिया। चुनाव आयोग ने मॉडल कोड लागू किया है। प्रचार चरम पर है। मुजफ्फरपुर जैसे जिलों में विकास मुद्दा है। प्रवासन, बेरोजगारी और महंगाई चिंताएं हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि पीएम का पांच 'के' वाला बयान विपक्ष को कमजोर करेगा। यह जंगलराज की यादें ताजा करता है। सोशल मीडिया पर बयान वायरल हो गया। एनडीए कार्यकर्ता उत्साहित हैं।
रैली के बाद पीएम छपरा गए। वहां दोपहर 12:45 बजे सभा हुई। यहां भी विकास और छठ पर बात की। कहा कि एनडीए ने बिहार को 100 नए एयरपोर्ट दिए। सड़कों का नेटवर्क बढ़ा। महिलाओं को सम्मान मिला। उज्ज्वला से गैस कनेक्शन हुए। यह रैली बिहार राजनीति में नया मोड़ लाई। विपक्ष ने जवाब दिया। तेजस्वी ने कहा कि 20 साल नीतीश और 11 साल मोदी के राज में बिहार सबसे गरीब बना। हम वादे निभाएंगे। राहुल ने कहा कि भाजपा नीतीश को रिमोट से चला रही है। लेकिन पीएम का कहना है कि सत्ता का लालच गठबंधन तोड़ देगा।
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