बिहार चुनाव 2025: महागठबंधन आज 'तेजस्वी प्रण पत्र' जारी करेगा, रोजगार और महिलाओं पर जोर; राहुल गांधी 29 अक्टूबर से प्रचार शुरू करेंगे।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। विपक्षी महागठबंधन, जिसे इंडिया गठबंधन के नाम से भी जाना जाता है, आज 28 अक्टूबर को पटना में अपना संयुक्त घोषणापत्र जारी
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। विपक्षी महागठबंधन, जिसे इंडिया गठबंधन के नाम से भी जाना जाता है, आज 28 अक्टूबर को पटना में अपना संयुक्त घोषणापत्र जारी करेगा। इसका नाम 'तेजस्वी प्रण पत्र' रखा गया है। राष्ट्रीय जनता दल के नेता और महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी प्रसाद यादव ने सोमवार को इसकी घोषणा की। घोषणापत्र में युवाओं, किसानों, मजदूरों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की जरूरतों पर फोकस होगा। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था में सुधार के वादे शामिल हैं। एक तरफ जहां महागठबंधन विकास और सामाजिक न्याय की बात कर रहा है, वहीं राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन ने इसे अवास्तविक बताकर निशाना साधा है। चुनाव आयोग ने बिहार में दो चरणों में मतदान की घोषणा की है। पहला चरण 6 नवंबर को 121 सीटों पर होगा, जबकि दूसरा चरण 11 नवंबर को 122 सीटों पर। वोटों की गिनती 14 नवंबर को होगी। यह चुनाव बिहार की राजनीति के लिए निर्णायक साबित होगा, जहां जाति, रोजगार और पलायन जैसे मुद्दे प्रमुख हैं।
घोषणापत्र जारी करने का फैसला महागठबंधन ने हाल ही में तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित करने के बाद लिया। इसके अलावा, विकासशील इंसान पार्टी के मुखिया मुकेश साहनी को उपमुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाया गया। यह कदम गठबंधन की एकजुटता दिखाने के लिए उठाया गया, जो सीट बंटवारे को लेकर कुछ हफ्तों पहले विवाद का शिकार था। तेजस्वी ने कहा कि घोषणापत्र झूठ या जुमलों पर आधारित नहीं है। उन्होंने वादा किया कि सत्ता में आने के 20 दिनों के अंदर हर घर में एक सरकारी नौकरी का प्रावधान होगा। इसके लिए नया कानून बनाया जाएगा। महिलाओं के लिए स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को 30 हजार रुपये मासिक वेतन देने का वचन दिया गया है। इसके अलावा, आरक्षण की सीमा को 50 प्रतिशत से ऊपर ले जाने और पंचायत प्रमुखों के लिए पेंशन व 50 लाख रुपये का बीमा कवर देने जैसे वादे हैं। कांग्रेस की ओर से मुफ्त बिजली (200 यूनिट) और 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की बात कही गई है। तेजस्वी ने चहच पूजा के बाद छठ मनाने वाले हर परिवार को साथ रखने का वादा किया। घोषणापत्र जारी करने के बाद महागठबंधन के नेता पटना में एक सभा भी करेंगे।
महागठबंधन में राष्ट्रीय जनता दल, कांग्रेस, वामपंथी दल, विकासशील इंसान पार्टी और अन्य छोटे दल शामिल हैं। राष्ट्रीय जनता दल 143 सीटों पर लड़ेगा, जबकि कांग्रेस 61 सीटों पर। बाकी सीटें सहयोगी दलों को मिलेंगी। तेजस्वी ने कहा कि यह घोषणापत्र बिहार के विकास का रोडमैप है। उन्होंने राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन पर हमला बोला कि वे जुमलों से काम चलाते हैं, जबकि महागठबंधन काम करने का इरादा रखता है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी 29 अक्टूबर से बिहार में प्रचार अभियान शुरू करेंगे। वे मुजफ्फरपुर और दरभंगा में तेजस्वी के साथ संयुक्त सभाएं करेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा भी चहच पूजा के बाद प्रचार में उतरेंगी। राहुल ने कहा कि बिहार के युवाओं को रोजगार देकर पलायन रोकना उनकी प्राथमिकता है। महागठबंधन का दावा है कि बिहार के 75 लाख प्रवासी मजदूरों की समस्या का समाधान वे करेंगे। घोषणापत्र में स्वास्थ्य के लिए बेहतर अस्पताल, शिक्षा के लिए नई यूनिवर्सिटीज और कानून व्यवस्था के लिए सख्त कदमों का जिक्र होगा।
दूसरी ओर, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन ने महागठबंधन के वादों पर तीखा प्रहार किया। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि तेजस्वी को पता है कि वे सत्ता में नहीं आएंगे, इसलिए बड़े-बड़े वादे करना आसान है। उन्होंने सवाल उठाया कि हर घर में नौकरी देने के लिए 7 लाख करोड़ रुपये कहां से आएंगे, जबकि बिहार का बजट 3 लाख करोड़ का है। भाजपा नेता और बिहार मंत्री नितिन नबीन ने कहा कि ये वादे अवास्तविक हैं और विकास से कोई लेना-देना नहीं। जनता दल यूनाइटेड के प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि नितीश कुमार खुद एक घोषणापत्र हैं, उनके काम बोलते हैं। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन ने अपना घोषणापत्र पहले ही जारी कर दिया है, जिसमें बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने, सात निश्चय भाग-2 और बुनियादी ढांचे पर जोर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 अक्टूबर को मुजफ्फरपुर और छपरा में सभाएं करेंगे। गठबंधन में भाजपा, जनता दल यूनाइटेड, लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा शामिल हैं। भाजपा बिहार इकाई के अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि विपक्ष के वादे लोगों को भ्रमित करने के लिए हैं।
बिहार चुनाव 2025 की पृष्ठभूमि में कई मुद्दे उभर आए हैं। राज्य में बेरोजगारी दर 12 प्रतिशत से ऊपर है, और हर साल लाखों युवा दूसरे राज्यों में पलायन करते हैं। जातिगत जनगणना और आरक्षण का मुद्दा भी गरमाया हुआ है। महागठबंधन ने जातिगत जनगणना के नाम पर वोट बैंक बनाने का आरोप झेला है। जन सुराज पार्टी के प्रतीक किशोर ने त्रिकोणीय मुकाबले की बात कही है। उन्होंने सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया। प्रतीक किशोर ने बिहार बदलाव यात्रा की, जिसमें 5000 किलोमीटर पैदल चलकर 5500 गांवों का दौरा किया। उनका फोकस शिक्षा, शासन और स्वच्छ राजनीति पर है। चुनाव आयोग ने 6 अक्टूबर को तारीखों की घोषणा की। मतदाता सूची के विशेष संशोधन पर विपक्ष ने आपत्ति जताई, कहा कि यह प्रवासियों को वंचित करेगा। बिहार की 243 सीटों पर कुल 7 करोड़ से ज्यादा मतदाता वोट देंगे। महिलाओं का मतदान प्रतिशत पुरुषों से ज्यादा रहने की उम्मीद है।
सोशल मीडिया पर घोषणापत्र को लेकर बहस छिड़ गई है। ट्विटर पर BiharElection2025 और TejashwiPranPatra जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा कि महागठबंधन के वादे अगर पूरे हुए तो बिहार बदल जाएगा। वहीं, दूसरे ने कहा कि ये सिर्फ चुनावी जुमले हैं। मीडिया चैनलों ने इसे प्रमुखता से दिखाया। द हिंदू, एबीपी न्यूज, इंडिया टीवी और फाइनेंशियल एक्सप्रेस जैसे अखबारों ने विस्तार से कवर किया। विशेषज्ञों का कहना है कि घोषणापत्र से महागठबंधन को फायदा होगा, लेकिन अमल पर सवाल हैं। तेजस्वी ने कहा कि वे बिहार को नई दिशा देंगे। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन का दावा है कि विकास के रास्ते पर बिहार अग्रसर है। चहच पूजा के बाद प्रचार तेज होगा। प्रियंका गांधी की अनुपस्थिति पर सवाल उठे, लेकिन कांग्रेस ने कहा कि वे बाद में आएंगी।
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