स्विगी ने बढ़ाया प्लेटफॉर्म शुल्क? ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा अब और अधिक बोझ।

ऑनलाइन फूड डिलीवरी के क्षेत्र में अपनी धाक जमाने वाली कंपनी स्विगी ने एक बार फिर अपने प्लेटफॉर्म शुल्क में वृद्धि करने का निर्णय लिया है। ताजा

Mar 27, 2026 - 15:10
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स्विगी ने बढ़ाया प्लेटफॉर्म शुल्क? ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा अब और अधिक बोझ।
स्विगी ने बढ़ाया प्लेटफॉर्म शुल्क? ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा अब और अधिक बोझ।
  • एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी और एनएक्सट्रा डेटा के बीच समझौता: डिजिटल इंडिया को मिलेगी हरित ऊर्जा की रफ्तार
  • आज के चर्चित शेयर: इंफोसिस, ब्रिगेड एंटरप्राइजेज और ओएमसी शेयरों में मची हलचल

ऑनलाइन फूड डिलीवरी के क्षेत्र में अपनी धाक जमाने वाली कंपनी स्विगी ने एक बार फिर अपने प्लेटफॉर्म शुल्क में वृद्धि करने का निर्णय लिया है। ताजा जानकारी के अनुसार, कंपनी ने अपने प्लेटफॉर्म शुल्क को लगभग 17 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है, जिसके बाद अब प्रति ऑर्डर ग्राहकों को 17.58 रुपये (जीएसटी सहित) का भुगतान करना होगा। इससे पहले यह शुल्क 14.99 रुपये के आसपास था। दिलचस्प बात यह है कि यह बदलाव ठीक उसी समय आया है जब इसकी मुख्य प्रतिद्वंद्वी कंपनी जोमैटो ने भी अपने शुल्कों में बढ़ोतरी की थी। इस कदम का सीधा उद्देश्य कंपनी की यूनिट इकोनॉमिक्स में सुधार करना और मुनाफे की राह को और अधिक सुदृढ़ बनाना है। हालांकि, बार-बार होने वाली इस बढ़ोतरी से उन लाखों उपभोक्ताओं के लिए बाहर से खाना मंगवाना महंगा हो गया है जो अपनी दैनिक जरूरतों के लिए इन ऐप्स पर निर्भर हैं।

देश की सबसे बड़ी बिजली उत्पादक कंपनी की सहायक इकाई, एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (NGEL) ने भारती एयरटेल के स्वामित्व वाली एनएक्सट्रा डेटा के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य एनएक्सट्रा के देशभर में फैले डेटा सेंटरों को चौबीसों घंटे (RTC) अक्षय ऊर्जा की आपूर्ति करना है। चूंकि डेटा सेंटर बहुत अधिक बिजली की खपत करते हैं, इसलिए उन्हें पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा स्रोतों पर स्थानांतरित करना एक बड़ी चुनौती रही है। इस गठबंधन के माध्यम से, दोनों कंपनियां भारत के डिजिटल बुनियादी ढांचे को अधिक टिकाऊ और कार्बन-मुक्त बनाने की दिशा में काम करेंगी। यह कदम एनटीपीसी के उस व्यापक लक्ष्य का भी हिस्सा है, जिसमें कंपनी 2032 तक 60 गीगावाट अक्षय ऊर्जा क्षमता हासिल करने की योजना बना रही है।

शेयर बाजार के मोर्चे पर आज कई कंपनियां अपने विशेष घोषणाओं के कारण चर्चा के केंद्र में रहीं। सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी इंफोसिस के शेयरों में निवेशकों की काफी दिलचस्पी देखी गई, क्योंकि कंपनी ने स्वास्थ्य सेवा और बीमा तकनीक क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए दो बड़ी अमेरिकी कंपनियों, ऑप्टिमम हेल्थकेयर आईटी और स्ट्रैटस ग्लोबल के अधिग्रहण की घोषणा की है। इस रणनीतिक विस्तार का उद्देश्य डिजिटल परिवर्तन सेवाओं में अपनी विशेषज्ञता को बढ़ाना है। वहीं, रियल एस्टेट क्षेत्र की कंपनी ब्रिगेड एंटरप्राइजेज के शेयरों में भी तेजी का रुख देखा गया, क्योंकि कंपनी ने बेंगलुरु में दो नई आवासीय परियोजनाओं के शुभारंभ की घोषणा की है, जिनसे 1,800 करोड़ रुपये से अधिक की राजस्व क्षमता होने का अनुमान है।

ऊर्जा सुरक्षा और सरकारी नीतियां

बाजार में आज सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (OMCs) जैसे इंडियन ऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल पर भी विशेष ध्यान रहा। केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती की खबरों ने इन शेयरों को रडार पर ला दिया है। इससे कंपनियों के विपणन मार्जिन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है, जो पिछले कुछ समय से कच्चे तेल की अस्थिर कीमतों के कारण दबाव में थे।

खाद्य वितरण और त्वरित वाणिज्य (क्विक कॉमर्स) के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ती जा रही है। स्विगी द्वारा शुल्क बढ़ाए जाने के पीछे एक बड़ा कारण यह भी माना जा रहा है कि कंपनियां अब केवल बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने के बजाय वित्तीय स्थिरता पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि खाद्य वितरण व्यवसाय अब परिपक्वता की ओर बढ़ रहा है, जहां विकास की दर मध्यम हो सकती है। ऐसे में कंपनियां अपने राजस्व के नए स्रोत खोजने और परिचालन लागत को नियंत्रित करने के लिए इस तरह के निश्चित शुल्कों का सहारा ले रही हैं। पिछले तीन वर्षों के इतिहास पर नजर डालें तो प्लेटफॉर्म शुल्क जो महज 2 रुपये से शुरू हुआ था, वह अब लगभग नौ गुना बढ़ चुका है, जो इस क्षेत्र में बदलती रणनीतियों को दर्शाता है।

अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी की सक्रियता निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखी जा रही है। एनएक्सट्रा डेटा के साथ हुआ यह समझौता न केवल व्यापारिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारत के 'नेट जीरो' उत्सर्जन के लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। डेटा सेंटर उद्योग भारत में तेजी से बढ़ रहा है और अनुमान है कि 2026 तक इसकी क्षमता दोगुनी हो जाएगी। इतनी विशाल ऊर्जा मांग को पूरा करने के लिए सौर और पवन ऊर्जा जैसे स्रोतों का उपयोग करना अनिवार्य हो गया है। एनटीपीसी का लक्ष्य इस बढ़ती मांग का लाभ उठाना और औद्योगिक ग्राहकों को विश्वसनीय हरित ऊर्जा प्रदान करना है, जिससे आने वाले समय में कंपनी की आय में स्थिरता आने की संभावना है।

आज के सत्र में कुछ अन्य शेयरों ने भी अपने प्रदर्शन से ध्यान खींचा। भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) अपने मजबूत ऑर्डर बुक और तेलंगाना तथा उत्तर प्रदेश में नई विनिर्माण इकाइयां स्थापित करने की योजना के कारण चर्चा में रहा। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर सरकार के जोर का सीधा लाभ ऐसी कंपनियों को मिल रहा है। इसके अतिरिक्त, सुला वाइनयार्ड्स द्वारा नासिक में एक प्रीमियम वाइनरी के अधिग्रहण के समझौते ने भी निवेशकों को उत्साहित किया है। बाजार की इस हलचल के बीच, विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा समय में स्टॉक-विशिष्ट दृष्टिकोण अपनाना अधिक फायदेमंद हो सकता है, विशेषकर उन कंपनियों में जहां स्पष्ट कॉर्पोरेट विकास या रणनीतिक बदलाव देखे जा रहे हैं।

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