प्रेमानंद महाराज कोई पाप धोने वाली मशीन नहीं, खेसारी लाल यादव की टिप्पणी से विवाद शुरू, सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग, भक्तों में नाराजगी। 

Trending News: वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद गोविंद शरण महाराज, जिन्हें उनके भक्त प्रेमानंद बाबा के नाम से जानते हैं, इन दिनों देश और दुनिया में अपनी आध्यात्मिक शिक्षाओं और सत्संग के कारण

Aug 22, 2025 - 18:24
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प्रेमानंद महाराज कोई पाप धोने वाली मशीन नहीं, खेसारी लाल यादव की टिप्पणी से विवाद शुरू, सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग, भक्तों में नाराजगी। 
प्रेमानंद महाराज कोई पाप धोने वाली मशीन नहीं, खेसारी लाल यादव की टिप्पणी से विवाद शुरू, सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग, भक्तों में नाराजगी। 

वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद गोविंद शरण महाराज, जिन्हें उनके भक्त प्रेमानंद बाबा के नाम से जानते हैं, इन दिनों देश और दुनिया में अपनी आध्यात्मिक शिक्षाओं और सत्संग के कारण चर्चा में हैं। उनके लाखों भक्त भारत और विदेशों में फैले हैं, और बॉलीवुड, क्रिकेट, राजनीति और अन्य क्षेत्रों की कई जानी-मानी हस्तियां उनके आशीर्वाद लेने वृंदावन पहुंच चुकी हैं। हाल ही में भोजपुरी सुपरस्टार और गायक खेसारी लाल यादव ने प्रेमानंद महाराज को लेकर एक टिप्पणी की, जिसने सोशल मीडिया पर तीखी बहस छेड़ दी। खेसारी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि प्रेमानंद महाराज कोई "पाप धोने वाली मशीन" नहीं हैं। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने खेसारी को जमकर ट्रोल किया, जबकि कुछ ने उनके बयान का समर्थन भी किया।

प्रेमानंद महाराज का जन्म 30 मार्च 1969 को उत्तर प्रदेश के कानपुर के पास अखरी गांव में अनिरुद्ध कुमार पांडे के रूप में हुआ था। उनके पिता का नाम शंभू पांडे और माता का नाम रमा देवी है। 13 साल की उम्र में उन्होंने सन्यास ले लिया और बनारस में गंगा के तट पर साधना शुरू की। बाद में वह वृंदावन आए और राधावल्लभ संप्रदाय से जुड़ गए। वह श्री हित राधा केलिकुंज ट्रस्ट के संस्थापक हैं और राधा रानी की भक्ति में लीन रहते हैं। उनके सत्संग और प्रवचन यूट्यूब चैनल 'भजन मार्ग' पर लाखों लोगों तक पहुंचते हैं, जहां वह भक्तों के सवालों के जवाब सरल भाषा में देते हैं। उनके भक्तों में क्रिकेटर विराट कोहली, अभिनेत्री अनुष्का शर्मा, सांसद हेमा मालिनी, रवि किशन, अनुराग ठाकुर, और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत जैसे बड़े नाम शामिल हैं। खेसारी लाल यादव ने 18 अगस्त 2025 को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक क्रिप्टिक पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने लिखा, "प्रेमानंद महाराज कोई पाप धोने वाली मशीन नहीं हैं।" इस पोस्ट को कई लोगों ने बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति और बिजनेसमैन राज कुंद्रा से जोड़ा। कुछ समय पहले शिल्पा और राज कुंद्रा प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए वृंदावन गए थे, जहां राज ने मजाक में कहा था, "मैं अगर आपके काम आता हूं तो मेरी एक किडनी आपके नाम महाराज जी।" इस बयान के बाद राज कुंद्रा को सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था। खेसारी के पोस्ट को कुछ यूजर्स ने राज कुंद्रा की टिप्पणी से जोड़कर देखा, जबकि कुछ ने इसे प्रेमानंद महाराज की आलोचना माना।

खेसारी के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। प्रेमानंद महाराज के भक्तों ने इसे अपमानजनक बताते हुए खेसारी की आलोचना शुरू कर दी। एक यूजर ने लिखा, "प्रेमानंद महाराज लाखों लोगों के लिए प्रेरणा हैं। खेसारी को ऐसी टिप्पणी करने से पहले सोचना चाहिए था।" वहीं, कुछ यूजर्स ने खेसारी का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने सच्चाई कही है और संतों को पाप धोने की मशीन की तरह पेश करना गलत है। बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी खेसारी के बयान पर प्रतिक्रिया दी और प्रेमानंद महाराज का समर्थन करते हुए कहा, "जो सनातन को मानते हैं, उन्हें हम ठीक लगते हैं, लेकिन जो नहीं मानते, उनके लिए हम दुश्मन हैं।" यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब प्रेमानंद महाराज के कुछ पुराने प्रवचनों के वीडियो वायरल हुए। 12 जून 2025 को एक सत्संग में एक महिला ने उनसे शादी को लेकर सवाल पूछा था, जिसके जवाब में प्रेमानंद महाराज ने कहा था कि आजकल के युवा-युवतियों का चरित्र पवित्र नहीं है। उन्होंने कहा, "100 में से मुश्किल से दो-चार लड़कियां ऐसी होंगी जो एक पुरुष को समर्पित रहती हैं।" इस बयान पर भी सोशल मीडिया पर विवाद हुआ था, और कई लोगों ने इसे महिलाओं के खिलाफ बताया। इसके बाद एक अन्य वीडियो में प्रेमानंद महाराज ने एक 18 साल की लड़की को डांटते हुए कहा था कि वह शराब और सिगरेट पीती है और अपने बॉयफ्रेंड को घर बुलाती है। उन्होंने लड़की को सुधरने की सलाह दी थी। इन वीडियोज ने प्रेमानंद महाराज को और चर्चा में ला दिया। खेसारी लाल यादव की टिप्पणी को कुछ लोग उनके हाल के बयानों से भी जोड़ रहे हैं, जिसमें उन्होंने सामाजिक मुद्दों पर खुलकर राय रखी थी। खेसारी ने हाल ही में बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से मुलाकात की थी और कहा था कि गलत का विरोध होना चाहिए। उनके इस बयान को कुछ लोगों ने प्रेमानंद महाराज के प्रवचनों से जोड़ा, जिसमें वह युवाओं के आधुनिक जीवनशैली पर सवाल उठाते हैं।

प्रेमानंद महाराज के भक्तों में इस टिप्पणी को लेकर गुस्सा है। हिंदूवादी संगठनों ने भी खेसारी की टिप्पणी की निंदा की। श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलारी ने कहा, "प्रेमानंद महाराज सनातन धर्म के प्रचारक हैं। उनके खिलाफ ऐसी टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।" कुछ भक्तों ने सोशल मीडिया पर लिखा कि प्रेमानंद महाराज बीमारी के बावजूद भक्तों को दर्शन देते हैं और उनकी शिक्षाएं समाज को सही दिशा दिखाती हैं। प्रेमानंद महाराज ने खुद इस विवाद पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन उन्होंने पहले ट्रोलर्स को जवाब देते हुए कहा था, "बुरे आचरण वालों को उपदेश अच्छे नहीं लगते। नाली का कीड़ा नाली में ही अच्छा लगता है।" उनके भक्तों का कहना है कि वह समाज में नैतिकता और सनातन मूल्यों को बढ़ावा देते हैं। हाल ही में उनकी रात की पदयात्रा को स्थानीय लोगों के विरोध के कारण बंद करना पड़ा था, जिसके बाद भी उनके भक्तों ने उनका समर्थन किया। यह विवाद एक बार फिर सोशल मीडिया की ताकत को दिखाता है, जहां एक टिप्पणी पूरे देश में चर्चा का विषय बन गई। खेसारी लाल यादव ने इस मामले पर अभी कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है, लेकिन उनके प्रशंसकों का कहना है कि वह सामाजिक मुद्दों पर खुलकर बोलने वाले व्यक्ति हैं। दूसरी ओर, प्रेमानंद महाराज के भक्त उनकी शिक्षाओं को सनातन धर्म का हिस्सा मानते हैं और उनकी आलोचना को सनातन विरोधी मान रहे हैं।

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