बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री की युगांडा यात्रा, प्रधानमंत्री से मुलाकात, मठ बनाने का न्योता।
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हाल ही में पूर्वी अफ्रीका के देश युगांडा की पांच दिवसीय यात्रा की
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हाल ही में पूर्वी अफ्रीका के देश युगांडा की पांच दिवसीय यात्रा की। इस दौरान उन्होंने युगांडा की प्रधानमंत्री रोबिनाह नब्बांजा से मुलाकात की और अपने सेवा कार्यों की जानकारी साझा की। धीरेंद्र शास्त्री ने युगांडा में प्रवासी भारतीयों और सनातन धर्म के अनुयायियों के लिए हनुमंत कथा का आयोजन किया, जिसे सुनने के लिए हजारों लोग पहुंचे। उनकी कथा और बागेश्वर धाम के सामाजिक कार्यों की तारीफ करते हुए प्रधानमंत्री नब्बांजा ने युगांडा में बागेश्वर धाम मठ स्थापित करने का प्रस्ताव दिया।
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री 15 अगस्त 2025 को युगांडा पहुंचे। उनकी यह यात्रा भारत के उच्चायुक्त उपेंद्र सिंह रावत के निमंत्रण पर थी। वे युगांडा में भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय समुदाय के साथ राष्ट्रीय गान गाया और देशभक्ति पर अपने विचार व्यक्त किए। इसके अलावा, उन्होंने 15 से 17 अगस्त तक युगांडा की राजधानी कंपाला में हनुमंत कथा का आयोजन किया। यह कथा युगांडा में रहने वाले प्रवासी भारतीयों और सनातन धर्म के अनुयायियों के लिए थी, जिन्होंने भारी संख्या में इसमें भाग लिया। कथा में धीरेंद्र शास्त्री ने हनुमान चरित्र और सनातन धर्म के मूल्यों पर प्रकाश डाला।
यात्रा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री की युगांडा की प्रधानमंत्री रोबिनाह नब्बांजा से मुलाकात 16 अगस्त 2025 को हुई। इस मुलाकात में उन्होंने बागेश्वर धाम के विभिन्न सेवा प्रकल्पों, जैसे अन्नपूर्णा रसोई, गरीब कन्याओं के विवाह, और वैदिक गुरुकुल की स्थापना, के बारे में बताया। उन्होंने यह भी साझा किया कि बागेश्वर धाम में हर मंगलवार और शनिवार को आयोजित होने वाला दिव्य दरबार लोगों की समस्याओं का समाधान करने का एक माध्यम है। उनकी बातों से प्रभावित होकर नब्बांजा ने बागेश्वर धाम के कार्यों की सराहना की। उन्होंने सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और सामाजिक कार्यों में धीरेंद्र शास्त्री के योगदान को प्रेरणादायक बताया।
प्रधानमंत्री नब्बांजा ने धीरेंद्र शास्त्री को युगांडा में बागेश्वर धाम मठ स्थापित करने का न्योता दिया। उनका कहना था कि ऐसा मठ युगांडा में सनातन धर्म के अनुयायियों को एकजुट करने और भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने में मदद करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि युगांडा सरकार इस तरह के धार्मिक और सामाजिक पहल का स्वागत करती है। इस प्रस्ताव पर धीरेंद्र शास्त्री ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और इसे भविष्य में विचार करने का आश्वासन दिया।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, जिन्हें बागेश्वर धाम सरकार के नाम से भी जाना जाता है, मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के गड़ा गांव में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर हैं। यह धाम हनुमान जी को समर्पित एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जिसे उनके परदादा सन्यासी बाबा ने स्थापित किया था। धीरेंद्र शास्त्री अपने कथा वाचन और दिव्य दरबार के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध हैं। उनके कथा आयोजनों में लाखों लोग शामिल होते हैं, और वे अपनी पर्ची विधि के माध्यम से भक्तों की समस्याओं का समाधान करते हैं। वे रामचरितमानस और शिव पुराण की कथाएं सुनाने के लिए भी जाने जाते हैं।
धीरेंद्र शास्त्री का जन्म 4 जुलाई 1996 को एक साधारण ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके बचपन में परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी, और वे कच्चे मकान में रहते थे। उनके पिता रामकृपाल गर्ग एक पुजारी थे। धीरेंद्र शास्त्री ने अपने गांव गंज में स्कूली पढ़ाई पूरी की और स्वामी रामभद्राचार्य के शिष्य बने। उनकी लोकप्रियता का कारण उनकी सादगी, सनातन धर्म के प्रति समर्पण और सामाजिक कार्यों में योगदान है। बागेश्वर धाम में अन्नपूर्णा रसोई के माध्यम से जरूरतमंदों को मुफ्त भोजन, गरीब कन्याओं के विवाह का आयोजन, और वैदिक गुरुकुल की स्थापना जैसे कार्य किए जाते हैं।
युगांडा पहुंचने पर धीरेंद्र शास्त्री का भव्य स्वागत हुआ। भारतीय उच्चायुक्त उपेंद्र सिंह रावत और उनके परिवार ने उनका स्वागत किया। भारतीय सेना के तीनों अंगों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस आयोजन में हिस्सा लिया और भारत-युगांडा संबंधों पर चर्चा की। धीरेंद्र शास्त्री ने अपने भाषण में युगांडा में रहने वाले भारतीय समुदाय की देशभक्ति की तारीफ की और सनातन धर्म के वैश्विक प्रचार पर जोर दिया।
यह उनकी इस साल की सातवीं विदेश यात्रा थी। इससे पहले वे इंग्लैंड, दुबई, ओमान, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और फिजी जा चुके हैं। जून 2025 में उन्होंने फिजी में विश्व सनातन संस्था और वहां के सनातन अनुयायियों के अनुरोध पर बागेश्वर धाम सनातन मठ की आधारशिला रखी थी। युगांडा में उनकी कथा और मुलाकात ने भारतीय संस्कृति को वैश्विक मंच पर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
रोबिनाह नब्बांजा युगांडा की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं, जिन्हें 21 जून 2021 को संसद ने इस पद के लिए मंजूरी दी थी। उनका जन्म 17 दिसंबर 1969 को काकुमिरो जिले में हुआ था। उन्होंने नूकू प्राइमरी स्कूल और सेंट एडवर्ड्स सेकेंडरी स्कूल, बुकूमी से पढ़ाई की। उन्होंने युगांडा मार्टियर्स यूनिवर्सिटी से डेमोक्रेसी एंड डेवलपमेंट स्टडीज में स्नातक और मास्टर डिग्री हासिल की। इसके अलावा, अक्टूबर 2023 में उन्होंने नकुंबा यूनिवर्सिटी से मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की। 1993 से 1996 तक वे शिक्षिका रहीं और 1998 से 2001 तक किबाले जिले में जिला पार्षद के रूप में कार्य किया।
धीरेंद्र शास्त्री की युगांडा यात्रा और प्रधानमंत्री से मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। कई यूजर्स ने उनकी कथा और सामाजिक कार्यों की तारीफ की। एक यूजर ने लिखा, "बागेश्वर बाबा ने सनातन धर्म को वैश्विक मंच पर पहुंचाया, यह गर्व की बात है।" एक अन्य यूजर ने कहा, "युगांडा की प्रधानमंत्री का मठ बनाने का प्रस्ताव सनातन धर्म की ताकत को दर्शाता है।" हालांकि, कुछ लोगों ने इसे धार्मिक प्रचार का हिस्सा बताते हुए आलोचना भी की। फिर भी, अधिकांश प्रतिक्रियाएं सकारात्मक रहीं।
धीरेंद्र शास्त्री की युगांडा यात्रा ने सनातन धर्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी कथा ने प्रवासी भारतीयों को अपनी जड़ों से जोड़े रखने का काम किया। युगांडा में बागेश्वर धाम मठ की स्थापना का प्रस्ताव भारत और युगांडा के बीच सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों को और मजबूत कर सकता है। बागेश्वर धाम के सेवा कार्य, जैसे मुफ्त भोजन और शिक्षा, युगांडा में भी लागू किए जा सकते हैं, जिससे स्थानीय समुदाय को लाभ होगा।
धीरेंद्र शास्त्री पहले भी कई बार विवादों में रहे हैं। कुछ लोग उनके दिव्य दरबार और पर्ची विधि को अंधविश्वास से जोड़ते हैं। 2023 में नागपुर पुलिस ने अखिल भारतीय अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति की शिकायत पर उनकी जांच की थी, लेकिन कोई ठोस सबूत नहीं मिला। इसके बावजूद, धीरेंद्र शास्त्री के समर्थकों का कहना है कि वे केवल सनातन धर्म का प्रचार कर रहे हैं और लोगों की मदद के लिए काम करते हैं। युगांडा यात्रा के दौरान भी कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने उनकी यात्रा को धार्मिक प्रचार का हिस्सा बताया, लेकिन यह आलोचना उनके समर्थकों की उत्साह के सामने कमजोर रही।
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की युगांडा यात्रा और प्रधानमंत्री रोबिनाह नब्बांजा से मुलाकात ने न केवल सनातन धर्म को वैश्विक मंच पर ले जाने का काम किया, बल्कि भारत और युगांडा के बीच सांस्कृतिक संबंधों को भी मजबूत किया। उनकी हनुमंत कथा और बागेश्वर धाम के सेवा कार्यों ने युगांडा में रहने वाले भारतीय समुदाय को प्रेरित किया। प्रधानमंत्री नब्बांजा का मठ स्थापित करने का प्रस्ताव सनातन धर्म के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है।
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