छत्रपती संभाजीनगर में बारावी परीक्षा के पहले पेपर में सामूहिक नकल: सीसीटीवी में कैद, 19 कर्मचारियों पर निलंबन।
महाराष्ट्र के छत्रपती संभाजीनगर जिले में बारावी बोर्ड परीक्षा के पहले दिन ही बड़े पैमाने पर नकल का मामला सामने आया है। कन्नड़ तालुका
- जैतापुर परीक्षा केंद्र पर मास कॉपी का भंडाफोड़: CCTV फुटेज वायरल, केंद्र संचालक सहित 19 पर कार्रवाई
- HSC इंग्रजी पेपर में नकल का धक्कादायक मामला: छत्रपती संभाजीनगर में 23 के खिलाफ FIR, 19 निलंबित
महाराष्ट्र के छत्रपती संभाजीनगर जिले में बारावी बोर्ड परीक्षा के पहले दिन ही बड़े पैमाने पर नकल का मामला सामने आया है। कन्नड़ तालुका के जैतापुर स्थित राष्ट्रीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के परीक्षा केंद्र पर इंग्रजी पेपर के दौरान सीसीटीवी फुटेज में सामूहिक नकल कैद हो गई। वीडियो में छात्र एक-दूसरे की उत्तरपुस्तिकाओं से नकल करते और पर्यवेक्षक सहायता करते दिखे। जांच के बाद जिला प्रशासन ने केंद्र संचालक सहित 19 अधिकारियों और कर्मचारियों पर निलंबन और अनुशासनात्मक कार्रवाई की। पुलिस ने 23 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। घटना 10 फरवरी 2026 को हुई जब महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा मंडळ की बारावी परीक्षा का पहला पेपर इंग्रजी का था। छत्रपती संभाजीनगर जिले के कन्नड़ तालुका के जैतापुर स्थित राष्ट्रीय उच्च माध्यमिक विद्यालय परीक्षा केंद्र पर सामूहिक नकल का मामला सामने आया। परीक्षा के दौरान छात्र एक-दूसरे की उत्तरपुस्तिकाओं से नकल कर रहे थे और कुछ छात्रों के पास उत्तरों की फोटोकॉपी थी। पर्यवेक्षक और कर्मचारी भी इसमें शामिल थे जो छात्रों को उत्तर प्रदान कर रहे थे।
परीक्षा केंद्र पर लगे सीसीटीवी कैमरों ने पूरी घटना कैद कर ली। फुटेज में छात्र बेखौफ होकर नकल करते और पर्यवेक्षक सहायता करते दिखे। सतर्कता समिति (Vigilance Committee) ने फुटेज की जांच की और नकल की पुष्टि हुई। फुटेज में शिक्षक और कर्मचारी उत्तरपुस्तिकाओं में उत्तर भरते और चिट्ठियां देते नजर आए। यह फुटेज जांच के मुख्य प्रमाण बने।
जांच के बाद जिला प्रशासन ने केंद्र संचालक सहित 19 अधिकारियों और कर्मचारियों पर निलंबन की कार्रवाई की। इनमें जिला परिषद के 3 शिक्षक, 17 पर्यवेक्षक और अन्य शामिल हैं। देवगांव रंगारी पुलिस थाने में 23 लोगों के खिलाफ महाराष्ट्र परीक्षा (विश्वविद्यालय, बोर्ड और अन्य निर्धारित परीक्षाओं में गैरकानूनी कृत्यों की रोकथाम) अधिनियम 1982 के तहत एफआईआर दर्ज की गई। परीक्षा केंद्र का पूरा स्टाफ बदल दिया गया। घटना के बाद केंद्र के 327 छात्रों की उत्तरपुस्तिकाएं जप्त की गईं। ये उत्तरपुस्तिकाएं कस्टोडियन के माध्यम से बोर्ड को भेजी गईं। बोर्ड की त्रयस्थ समिति (Three Member Committee) इनकी जांच करेगी। जांच के बाद छात्रों पर कार्रवाई होगी जिसमें अंग्रेजी विषय के अंक रद्द कर पूरक परीक्षा देनी पड़ सकती है। माध्यमिक शिक्षा अधिकारी अश्विनी लाठकर ने कार्रवाई की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि निलंबन के प्रस्ताव दाखिल किए गए हैं और आगे की जांच जारी है। बोर्ड के अध्यक्ष अनिल साबळे ने कहा कि परीक्षा निष्पक्ष रखने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। जिला परिषद के कर्मचारियों पर भी निलंबन की कार्रवाई प्रस्तावित है।
बारावी परीक्षा 10 फरवरी 2026 से शुरू हुई। छत्रपती संभाजीनगर विभाग में 454 केंद्रों पर 1 लाख 90 हजार 592 छात्र परीक्षा दे रहे हैं। राज्य स्तर पर कॉपीमुक्त अभियान चलाया जा रहा है लेकिन पहले दिन ही ऐसा मामला सामने आया। अन्य जिलों में भी कुछ मामलों की रिपोर्ट आई लेकिन जैतापुर का मामला सबसे बड़ा है। परीक्षा के पहले दिन राज्य में कुल 42 नकल के मामले सामने आए। अमरावती में 22, पुणे में 10, नाशिक में 4, छत्रपती संभाजीनगर में 3, लातूर में 2 और नागपुर में 1 मामला दर्ज हुआ। मुंबई, कोल्हापुर और कोकण में कोई मामला नहीं आया। जांच जारी है और सभी शामिल लोगों पर कार्रवाई हो रही है। बोर्ड ने कहा कि ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए सीसीटीवी अनिवार्य है और सभी केंद्रों पर निगरानी बढ़ाई गई है। छात्रों और कर्मचारियों पर आगे की कार्रवाई बोर्ड तय करेगा।
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