जियो ने शुरू की CNAP सर्विस, अब अंजान नंबर से कॉल आते ही स्क्रीन पर दिखेगा KYC वाला असली नाम।
रिलायंस जियो ने भारत के कई राज्यों में Caller Name Presentation (CNAP) सर्विस को लाइव कर दिया है। इस सुविधा के जरिए अब किसी
रिलायंस जियो ने भारत के कई राज्यों में Caller Name Presentation (CNAP) सर्विस को लाइव कर दिया है। इस सुविधा के जरिए अब किसी अंजान नंबर से कॉल आने पर मोबाइल स्क्रीन पर कॉलर का वही नाम दिखाई देगा, जो उसने सिम कार्ड लेते समय आधार या अन्य KYC दस्तावेजों में दर्ज कराया था। यह सर्विस मुख्य रूप से जियो यूजर्स के लिए उपलब्ध है और शुरुआती चरण में कई क्षेत्रों में लागू की गई है।
जियो ने इस सर्विस को बिहार, उत्तर प्रदेश ईस्ट, वेस्ट बंगाल, राजस्थान, पंजाब, केरल, असम, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, झारखंड और ओडिशा जैसे राज्यों में शुरू किया है। इस सुविधा से यूजर्स को अज्ञात कॉल्स की पहचान करने में आसानी होगी, क्योंकि नाम KYC डेटा से लिया जाएगा। यह थर्ड-पार्टी ऐप्स से अलग है, क्योंकि यहां क्राउड-सोर्स्ड डेटा की बजाय आधिकारिक टेलीकॉम रिकॉर्ड का इस्तेमाल होता है। CNAP सर्विस टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) के निर्देशों के तहत लागू की जा रही है। अन्य टेलीकॉम कंपनियां जैसे एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया और बीएसएनएल भी अलग-अलग चरणों में इस सुविधा को रोलआउट कर रही हैं। एयरटेल ने वेस्ट बंगाल, गुजरात, मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में सर्विस शुरू की है, जबकि वोडाफोन-आइडिया ने महाराष्ट्र में और तमिलनाडु में आंशिक रूप से लागू किया है। बीएसएनएल में वेस्ट बंगाल में ट्रायल चल रहा है।
यह सर्विस मुख्य रूप से 4जी और 5जी नेटवर्क पर काम करती है, क्योंकि पुराने 2जी नेटवर्क में तकनीकी सीमाओं के कारण इसे लागू करना मुश्किल है। जियो जैसे ऑपरेटर, जो पूरी तरह 4जी/5जी पर आधारित हैं, इस सुविधा को तेजी से लागू कर रहे हैं। CNAP का उद्देश्य अनचाही और फ्रॉड कॉल्स को कम करना है, क्योंकि यूजर्स कॉल उठाने से पहले कॉलर की पहचान कर सकेंगे। CNAP की शुरुआत हरियाणा और अन्य सर्किलों में पायलट ट्रायल्स से हुई थी, जहां इंटर-ऑपरेटर टेस्टिंग की गई। अब यह कई राज्यों में लाइव हो चुकी है। सर्विस में कॉलर का नाम रीयल-टाइम में डिस्प्ले होता है, जो टेलीकॉम डेटाबेस से लिया जाता है। शुरुआत में यह मुख्य रूप से समान नेटवर्क के कॉल्स में काम करती है, लेकिन आगे चलकर क्रॉस-ऑपरेटर सपोर्ट भी आएगा। यह सुविधा स्मार्टफोन यूजर्स के लिए उपलब्ध है और फोन के नेटिव कॉलर स्क्रीन पर नाम दिखाई देता है। CNAP से पहले यूजर्स थर्ड-पार्टी ऐप्स पर निर्भर थे, लेकिन अब आधिकारिक और सटीक नाम दिखेगा। सरकार और TRAI का लक्ष्य मार्च 2026 तक पूरे देश में इस सुविधा को लागू करना है, लेकिन जियो ने कई क्षेत्रों में इसे पहले ही शुरू कर दिया है।
CNAP का कार्यप्रणाली यह है कि जब कॉल आती है, तो रिसीवर का नेटवर्क कॉलर के नंबर से जुड़े KYC नाम को डेटाबेस से प्राप्त करता है और स्क्रीन पर दिखाता है। यह प्रक्रिया सुरक्षित और तेज है। कुछ मामलों में अगर नाम परिवार के सदस्य या अन्य के नाम पर रजिस्टर्ड है, तो वही नाम दिखेगा। जियो यूजर्स अब इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं और कई राज्यों में यह पूरी तरह सक्रिय है। अन्य ऑपरेटर्स भी तेजी से इसे लागू कर रहे हैं। यह सर्विस टेलीकॉम सिक्योरिटी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पूरे देश में रोलआउट चरणबद्ध तरीके से हो रहा है, और आने वाले महीनों में अधिक क्षेत्रों में उपलब्ध होगी। CNAP से यूजर्स को अज्ञात कॉल्स से बचने में मदद मिलेगी, क्योंकि नाम देखकर वे तय कर सकेंगे कि कॉल उठानी है या नहीं। यह सुविधा डिफॉल्ट रूप से ऑन रहती है, लेकिन कुछ मामलों में प्राइवेसी के लिए ऑप्शन उपलब्ध हो सकते हैं। जियो ने अपनी इन-हाउस तकनीक से इसे विकसित किया है, जो इसे तेज और विश्वसनीय बनाता है।
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