Google का नया इमरजेंसी फीचर- अब एंड्रॉइड पर लाइव वीडियो और लोकेशन कर सकेंगे शेयर, जानें फुल प्रोसेस।

Google ने एंड्रॉइड डिवाइसेज के लिए एक नया सुरक्षा फीचर लॉन्च किया है, जिसका नाम इमरजेंसी लाइव वीडियो है। यह फीचर उपयोगकर्ताओं

Dec 12, 2025 - 12:27
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Google का नया इमरजेंसी फीचर- अब एंड्रॉइड पर लाइव वीडियो और लोकेशन कर सकेंगे शेयर, जानें फुल प्रोसेस।
Google का नया इमरजेंसी फीचर- अब एंड्रॉइड पर लाइव वीडियो और लोकेशन कर सकेंगे शेयर, जानें फुल प्रोसेस।

Google ने एंड्रॉइड डिवाइसेज के लिए एक नया सुरक्षा फीचर लॉन्च किया है, जिसका नाम इमरजेंसी लाइव वीडियो है। यह फीचर उपयोगकर्ताओं को आपातकालीन स्थिति में लाइव वीडियो और सटीक लोकेशन को इमरजेंसी सेवाओं के साथ शेयर करने की सुविधा प्रदान करता है। इमरजेंसी कॉल या टेक्स्ट के दौरान डिस्पैचर उपयोगकर्ता के फोन पर वीडियो रिक्वेस्ट भेज सकता है, जिससे स्थिति का तेजी से आकलन संभव हो जाता है। यह फीचर एंड्रॉइड 8 या इससे ऊपर के वर्जन वाले डिवाइसेज पर उपलब्ध है, जिसमें Google प्ले सर्विसेज इंस्टॉल हो। वर्तमान में यह संयुक्त राज्य अमेरिका, जर्मनी के चुनिंदा क्षेत्रों और मैक्सिको में रोलआउट हो रहा है। फीचर एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड है, और उपयोगकर्ता हमेशा नियंत्रण में रहते हैं, क्योंकि वे शेयरिंग को तुरंत रोक सकते हैं। यह Google की मौजूदा सुरक्षा तकनीकों जैसे इमरजेंसी लोकेशन सर्विस, कार क्रैश डिटेक्शन, फॉल डिटेक्शन और सैटेलाइट एसओएस पर आधारित है। इमरजेंसी लाइव वीडियो फीचर का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन सेवाओं को दृश्य जानकारी प्रदान करना है, ताकि वे सही प्रकार की सहायता भेज सकें। उदाहरण के लिए, कार दुर्घटना, चिकित्सा संकट या जंगल की आग जैसी स्थितियों में वीडियो फीड से डिस्पैचर स्थिति की गंभीरता समझ सकते हैं। यदि डिस्पैचर को लगता है कि दृश्य जानकारी सहायक होगी और शेयरिंग सुरक्षित है, तो वे उपयोगकर्ता के डिवाइस पर रिक्वेस्ट भेजते हैं। उपयोगकर्ता को स्क्रीन पर एक प्रॉम्प्ट दिखाई देता है, जिसमें शेयर या नो थैंक्स विकल्प होते हैं। यदि उपयोगकर्ता सहमत होते हैं, तो कैमरा लाइव स्ट्रीमिंग शुरू हो जाती है। यह प्रक्रिया बिना किसी पूर्व सेटअप के काम करती है, जो इसे सरल बनाती है। वीडियो पिक्चर-इन-पिक्चर विंडो में खुलता है, जिसे उपयोगकर्ता बड़ा कर सकते हैं। इसके अलावा, फ्लैशलाइट चालू करने, फ्रंट और बैक कैमरा स्विच करने या स्टॉप शेयरिंग बटन दबाने की सुविधा उपलब्ध है।

इस फीचर की तकनीकी संरचना एंड्रॉइड की इमरजेंसी लोकेशन सर्विस (ईएलएस) पर आधारित है, जो सटीक लोकेशन फिक्स प्रदान करती है। ईएलएस एंड्रॉइड फ्यूज्ड लोकेशन प्रोवाइडर का उपयोग करती है, जो जीपीएस, मोबाइल नेटवर्क, वाई-फाई और अन्य सेंसर सिग्नलों को जोड़कर ऑन-डिवाइस लोकेशन कैलकुलेशन करती है। इससे इमरजेंसी कॉल के दौरान अतिरिक्त जानकारी जैसे मेडिकल डिटेल्स या संपर्क डेटा भी शेयर हो सकती है। वीडियो शेयरिंग केवल सक्रिय इमरजेंसी सेशन के लिए सीमित है, और इमरजेंसी सेवाएं इसे रिकॉर्ड कर सकती हैं। Google ने सार्वजनिक सुरक्षा संगठनों के साथ सहयोग करके इस फीचर को विकसित किया है, ताकि नेक्स्ट जेनरेशन 911 (एनजी911) जैसी सिस्टम्स के साथ एकीकरण हो सके। अमेरिका में 911 डिस्पैच सेंटर्स को वीडियो क्षमता प्रदान करने के लिए Google ने विशेष रूप से काम किया है। उपयोगकर्ता के लिए इमरजेंसी लाइव वीडियो का उपयोग करना अत्यंत सरल है। सबसे पहले, उपयोगकर्ता को इमरजेंसी नंबर पर कॉल या टेक्स्ट करना होता है। डिस्पैचर रिक्वेस्ट भेजने का निर्णय लेते हैं, यदि वे मानते हैं कि वीडियो से स्थिति बेहतर समझ आएगी। फोन पर प्रॉम्प्ट आने पर उपयोगकर्ता शेयर बटन दबाकर स्ट्रीमिंग शुरू कर सकते हैं। वीडियो एन्क्रिप्टेड तरीके से ट्रांसमिट होता है, जो गोपनीयता सुनिश्चित करता है। उपयोगकर्ता स्ट्रीम को तुरंत रोक सकते हैं, और फीचर स्वचालित रूप से शेयर नहीं होता। यह नियंत्रण उपयोगकर्ता को पूर्ण स्वतंत्रता देता है। Google ने जोर दिया है कि फीचर की डिजाइन सरलता और सुरक्षा पर आधारित है, ताकि तनावपूर्ण स्थितियों में भी आसानी से काम करे। रोलआउट के दौरान, एंड्रॉइड 8 से ऊपर के सभी डिवाइसेज पर Google प्ले सर्विसेज अपडेट के माध्यम से उपलब्ध हो जाएगा।

Google की पर्सनल सेफ्टी ऐप में पहले से मौजूद इमरजेंसी शेयरिंग फीचर इस नए लाइव वीडियो विकल्प को पूरक बनाता है। पर्सनल सेफ्टी ऐप मुख्य रूप से पिक्सल डिवाइसेज के लिए डिजाइन की गई है, लेकिन नया फीचर सभी एंड्रॉइड फोन्स पर विस्तारित है। ऐप में इमरजेंसी शेयरिंग के तहत रीयल-टाइम लोकेशन और क्रिटिकल इंफो को इमरजेंसी कॉन्टैक्ट्स के साथ शेयर किया जा सकता है। यह Google असिस्टेंट के माध्यम से भी सक्रिय होता है। सेफ्टी चेक फीचर एक टाइमर सेट करने की अनुमति देता है, यदि उपयोगकर्ता समय पर रिस्पॉन्स न दें तो स्वचालित रूप से इमरजेंसी शेयरिंग शुरू हो जाती है। इमरजेंसी एसओएस के लिए पावर बटन को पांच बार तेजी से दबाना पड़ता है, जो कॉल, लोकेशन शेयरिंग और वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू करता है। पिक्सल वॉच पर फॉल डिटेक्शन और इमरजेंसी एसओएस भी उपलब्ध हैं। इमरजेंसी लाइव वीडियो फीचर मौजूदा सुरक्षा उपकरणों का विस्तार है। इमरजेंसी लोकेशन सर्विस कॉल के दौरान सटीक लोकेशन प्रदान करती है, जो कई सिग्नलों से संचालित होती है। कार क्रैश डिटेक्शन पिक्सल फोन्स पर दुर्घटना का पता लगाकर स्वचालित कॉल शुरू करता है। फॉल डिटेक्शन कठोर गिरावट का पता लगाता है और सहायता बुलाता है। सैटेलाइट एसओएस ऑफ-ग्रिड क्षेत्रों में संपर्क बनाए रखता है। ये सभी फीचर्स मिलकर उपयोगकर्ताओं को संपूर्ण सुरक्षा कवर प्रदान करते हैं। नया फीचर इनमें दृश्य तत्व जोड़ता है, जो स्थिति के आकलन को तेज करता है। उदाहरणस्वरूप, वीडियो से डिस्पैचर सीपीआर जैसे जीवनरक्षक कदमों का मार्गदर्शन कर सकते हैं। Google ने वैश्विक सार्वजनिक सुरक्षा संगठनों के साथ विस्तार पर काम कर रहा है, ताकि अधिक क्षेत्रों में उपलब्धता बढ़े।

फीचर की गोपनीयता और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। वीडियो केवल उपयोगकर्ता की सहमति पर शेयर होता है, और एन्क्रिप्शन डिफॉल्ट रूप से सक्रिय रहता है। इमरजेंसी सेवाएं वीडियो को केवल वर्तमान सेशन के लिए एक्सेस कर सकती हैं, और उपयोगकर्ता इसे रिकॉर्डिंग से रोक सकते हैं। Google ने स्पष्ट किया है कि फीचर डेटा को सुरक्षित रखने के लिए डिजाइन किया गया है। उपयोगकर्ता को किसी भी समय स्टॉप शेयरिंग विकल्प उपलब्ध होता है, जो स्क्रीन पर प्रमुख स्थान पर होता है। यह डिजाइन उपयोगकर्ता की स्वायत्तता को प्राथमिकता देता है। रोलआउट अमेरिका में पूर्ण रूप से शुरू हो चुका है, जबकि जर्मनी और मैक्सिको के चुनिंदा भागों में चरणबद्ध तरीके से विस्तार हो रहा है। एंड्रॉइड 8 से ऊपर के डिवाइसेज पर कोई अतिरिक्त हार्डवेयर आवश्यक नहीं है। इमरजेंसी लाइव वीडियो का उपयोग विभिन्न परिदृश्यों में लाभदायक सिद्ध हो सकता है। चिकित्सा आपातकाल में, डिस्पैचर लक्षणों का दृश्य मूल्यांकन कर सकते हैं। दुर्घटना में, क्षति का आकलन तेजी से हो जाता है। प्राकृतिक आपदाओं में, स्थिति की वास्तविक तस्वीर मिलती है। फीचर इमरजेंसी कॉल के दौरान टेक्स्ट-बेस्ड सहायता के साथ भी एकीकृत है। Google ने पाया है कि दृश्य जानकारी से प्रतिक्रिया समय कम होता है। पर्सनल सेफ्टी ऐप में इंटीग्रेशन से पिक्सल उपयोगकर्ताओं को अतिरिक्त विकल्प मिलते हैं, जैसे वीडियो बैकअप और शेयरिंग। ऐप को Google प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है, और सेटअप सरल है। इमरजेंसी कॉन्टैक्ट्स जोड़ने, मेडिकल इंफो अपलोड करने और सेफ्टी चेक सेट करने की प्रक्रिया ऐप के माध्यम से पूरी होती है। Google की यह पहल एंड्रॉइड इकोसिस्टम को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में एक कदम है। फीचर वैश्विक स्तर पर विस्तार की योजना के साथ लॉन्च हुआ है, जहां सार्वजनिक सुरक्षा एजेंसियों के साथ सहयोग प्रमुख भूमिका निभा रहा है। अमेरिका में एनजी911 सिस्टम्स को वीडियो सपोर्ट प्रदान करने से फीचर की प्रभावशीलता बढ़ेगी। जर्मनी और मैक्सिको में शुरुआती रोलआउट स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप अनुकूलित है। उपयोगकर्ताओं को फोन सेटिंग्स में Google प्ले सर्विसेज अपडेट रखने की सलाह दी जाती है। फीचर की उपलब्धता क्षेत्रीय रूप से भिन्न हो सकती है, लेकिन Google निरंतर विस्तार पर काम कर रहा है। पर्सनल सेफ्टी ऐप के अपडेट्स में नए फीचर्स जैसे एड टाइम ऑप्शन शामिल हैं, जो सेफ्टी चेक को लचीला बनाते हैं।

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