28 जून 2025 को भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें- दिल्ली में स्थिर, अन्य शहरों में मामूली बदलाव।
28 जून 2025 को भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें ज्यादातर स्थिर रहीं, हालांकि कुछ शहरों में मामूली उतार-चढ़ाव देखा गया। दिल्ली में पेट्रोल...
28 जून 2025 को भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें ज्यादातर स्थिर रहीं, हालांकि कुछ शहरों में मामूली उतार-चढ़ाव देखा गया। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 87.62 रुपये प्रति लीटर रही, जो पिछले दिन की तुलना में अपरिवर्तित है। यह स्थिरता वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी और भारतीय रुपये के अमेरिकी डॉलर के मुकाबले स्थिर विनिमय दर के कारण देखी गई। तेल विपणन कंपनियां (ओएमसी) जैसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम हर दिन सुबह 6 बजे डायनामिक फ्यूल प्राइसिंग सिस्टम के तहत कीमतों को संशोधित करती हैं।
- प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें
28 जून 2025 को भारत के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें निम्नलिखित थीं:
नई दिल्ली: पेट्रोल - 94.77 रुपये प्रति लीटर, डीजल - 87.62 रुपये प्रति लीटर
मुंबई: पेट्रोल - 103.50 रुपये प्रति लीटर, डीजल - 92.15 रुपये प्रति लीटर
चेन्नई: पेट्रोल - 100.80 रुपये प्रति लीटर, डीजल - 92.43 रुपये प्रति लीटर
कोलकाता: पेट्रोल - 105.41 रुपये प्रति लीटर, डीजल - 90.76 रुपये प्रति लीटर
बेंगलुरु: पेट्रोल - 102.92 रुपये प्रति लीटर, डीजल - 90.99 रुपये प्रति लीटर
हैदराबाद: पेट्रोल - 107.46 रुपये प्रति लीटर, डीजल - 95.65 रुपये प्रति लीटर
लखनऊ: पेट्रोल - 94.61 रुपये प्रति लीटर, डीजल - 87.76 रुपये प्रति लीटर
ये कीमतें कारदेखो, एनडीटीवी और फाइनेंशियल एक्सप्रेस जैसे विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त की गई हैं। दिल्ली में कीमतें सबसे कम रहीं, जबकि हैदराबाद में पेट्रोल और डीजल की कीमतें सबसे अधिक थीं। यह अंतर मुख्य रूप से राज्य सरकारों द्वारा लगाए गए वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) और परिवहन लागत के कारण है। उदाहरण के लिए, दिल्ली में VAT 19.40% है, जबकि मुंबई में यह 26% तक है, जिसके कारण मुंबई में कीमतें अधिक हैं।
- कीमतों में स्थिरता के कारण
28 जून 2025 को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में स्थिरता के पीछे कई कारक हैं:
वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें: 19 मई 2025 को भारतीय क्रूड बास्केट की कीमत 64.63 डॉलर प्रति बैरल थी, जो अप्रैल और मई में स्थिर रही। जून में मामूली बढ़ोतरी के बावजूद, यह कीमतें उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंचीं, क्योंकि तेल कंपनियों ने इसे अवशोषित कर लिया। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि अगर वैश्विक कीमतें कम रहती हैं, तो तेल कंपनियां कीमतें कम करने की स्थिति में होंगी।
रुपये-डॉलर विनिमय दर: भारत 80% से अधिक कच्चा तेल आयात करता है, और रुपये की स्थिरता (लगभग 83-84 रुपये प्रति डॉलर) ने कीमतों को स्थिर रखने में मदद की। रुपये के कमजोर होने पर आयात महंगा हो जाता है, जिसका असर पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ता है।
केंद्र और राज्य कर: पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 57% से अधिक हिस्सा केंद्रीय उत्पाद शुल्क, VAT और डीलर कमीशन का होता है। अप्रैल 2025 में केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की, लेकिन तेल कंपनियों ने इसे उपभोक्ताओं पर नहीं डाला। दिल्ली में उत्पाद शुल्क 21 रुपये प्रति लीटर है, जबकि VAT राज्य-विशिष्ट है।
डायनामिक फ्यूल प्राइसिंग: जून 2017 से भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें हर दिन सुबह 6 बजे संशोधित होती हैं। यह प्रणाली वैश्विक तेल कीमतों और बाजार की स्थिति के आधार पर पारदर्शिता सुनिश्चित करती है। जून 2025 में कीमतें स्थिर रहीं, क्योंकि कोई बड़ा भू-राजनीतिक संकट या आपूर्ति व्यवधान नहीं हुआ।
जून 2025 में कीमतों का रुझान
जून 2025 में दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 94.72 रुपये से 94.77 रुपये प्रति लीटर के बीच रही, जबकि डीजल की कीमत 87.62 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर रही। मई 2025 में पेट्रोल की कीमत 0.05 रुपये प्रति लीटर घटी थी, और डीजल की कीमत 0.06 रुपये प्रति लीटर कम हुई थी। यह स्थिरता मई 2022 के बाद से केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा की गई कर कटौती का परिणाम है, जब पेट्रोल और डीजल की कीमतें क्रमशः 110 रुपये और 100 रुपये प्रति लीटर के उच्चतम स्तर पर थीं।
हालांकि, कुछ सोशल मीडिया पोस्ट्स में दावा किया गया कि 25-27 जून को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 1-5 रुपये की बढ़ोतरी हुई, लेकिन ये दावे गलत साबित हुए। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) और अन्य तेल कंपनियों ने स्पष्ट किया कि दिल्ली और अन्य प्रमुख शहरों में कीमतें अपरिवर्तित हैं। एक पोस्ट में दावा किया गया कि पेट्रोल 82 रुपये और डीजल 78 रुपये प्रति लीटर हो गया, जो पूरी तरह असत्य है।
पेट्रोल और डीजल की कीमतें भारत की अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव डालती हैं, क्योंकि डीजल परिवहन क्षेत्र में 40% और कृषि क्षेत्र में 13% हिस्सेदारी रखता है। कीमतों में बढ़ोतरी से परिवहन लागत बढ़ती है, जिसका असर वस्तुओं की कीमतों पर पड़ता है और मुद्रास्फीति बढ़ती है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) इसे नियंत्रित करने के लिए ब्याज दरों में समायोजन करता है, जिससे उधार की लागत बढ़ सकती है।
दिल्ली में डीजल की कीमत अन्य मेट्रो शहरों की तुलना में सबसे कम है, जो उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात है। हालांकि, हैदराबाद और आंध्र प्रदेश जैसे क्षेत्रों में डीजल की कीमत 95-97 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच रही है, जो परिवहन और कृषि क्षेत्र के लिए चिंता का विषय है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संकेत दिया है कि अगर वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें कम रहती हैं, तो तेल कंपनियां पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम कर सकती हैं। हालांकि, अप्रैल 2025 में भारत के पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात में 12.5% की कमी और रिफाइनरी रखरखाव के कारण आपूर्ति पर दबाव बना हुआ है। इसके बावजूद, तेल कंपनियों ने वित्त वर्ष 2026 में 9,000 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाने का अनुमान लगाया है, जो कीमतों को स्थिर रखने में मदद कर सकता है।
- उपभोक्ताओं के लिए सुझाव
उपभोक्ता अपने शहर में पेट्रोल और डीजल की नवीनतम कीमतें निम्नलिखित तरीकों से जांच सकते हैं:
एसएमएस सेवा: इंडियन ऑयल के लिए “RSP <डीलर कोड>” को 9224992249 पर, भारत पेट्रोलियम के लिए “RSP” को 9223112222 पर, और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के लिए “HP Price” को 9222201122 पर भेजें।
मोबाइल ऐप्स: Fuel@IOC, Smart Drive (BPCL), और My HPCL ऐप्स डाउनलोड करें।
वेबसाइट्स: कारदेखो, एनडीटीवी, और फाइनेंशियल एक्सप्रेस जैसी वेबसाइट्स दैनिक अपडेट प्रदान करती हैं।
28 जून 2025 को भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर रहीं, जिसमें दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये और डीजल 87.62 रुपये प्रति लीटर रहा। वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी और स्थिर विनिमय दर ने कीमतों को नियंत्रित रखा। हालांकि, राज्य-विशिष्ट VAT और परिवहन लागत के कारण कीमतें शहरों में भिन्न रहीं।
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