28 जून 2025 को सोने और चांदी की कीमतें- सोना स्थिर, चांदी में मामूली गिरावट।

भारत में सोने की कीमतें स्थिर रहीं, जबकि चांदी की कीमतों में मामूली कमी देखी गई। दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव 98,930 रुपये...

Jun 28, 2025 - 11:26
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28 जून 2025 को सोने और चांदी की कीमतें- सोना स्थिर, चांदी में मामूली गिरावट।

28 जून 2025 को भारत में सोने की कीमतें स्थिर रहीं, जबकि चांदी की कीमतों में मामूली कमी देखी गई। दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव 98,930 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने का भाव 90,680 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। चांदी की कीमत 1,07,890 रुपये प्रति किलोग्राम से घटकर 1,07,090 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। यह बदलाव वैश्विक बाजार में स्थिरता, भारतीय रुपये की मजबूती और त्योहारी सीजन से पहले मांग में कमी के कारण हुआ। सोने और चांदी की कीमतें वैश्विक रुझानों, मांग-आपूर्ति और भू-राजनीतिक कारकों से प्रभावित होती हैं।

  • प्रमुख शहरों में सोने और चांदी की कीमतें

28 जून 2025 को भारत के प्रमुख शहरों में सोने और चांदी की कीमतें निम्नलिखित थीं (प्रति 10 ग्राम सोने और प्रति किलोग्राम चांदी के लिए):

नई दिल्ली:
24 कैरेट सोना: 98,930 रुपये
22 कैरेट सोना: 90,680 रुपये
18 कैरेट सोना: 74,190 रुपये
चांदी: 1,07,090 रुपये
मुंबई:
24 कैरेट सोना: 98,870 रुपये
22 कैरेट सोना: 90,650 रुपये
चांदी: 1,07,090 रुपये
चेन्नई:
24 कैरेट सोना: 99,210 रुपये
22 कैरेट सोना: 90,940 रुपये
चांदी: 1,17,900 रुपये
कोलकाता:
24 कैरेट सोना: 98,870 रुपये
22 कैरेट सोना: 90,650 रुपये
चांदी: 1,07,090 रुपये
बेंगलुरु:
24 कैरेट सोना: 98,930 रुपये
22 कैरेट सोना: 90,680 रुपये
चांदी: 1,07,090 रुपये
हैदराबाद:
24 कैरेट सोना: 99,210 रुपये
22 कैरेट सोना: 90,940 रुपये
चांदी: 1,17,900 रुपये
लखनऊ:
24 कैरेट सोना: 98,930 रुपये
22 कैरेट सोना: 90,680 रुपये
चांदी: 1,07,090 रुपये

ये कीमतें गुडरिटर्न्स, इकोनॉमिक टाइम्स और न्यूज18 जैसे विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त की गई हैं। चेन्नई और हैदराबाद में कीमतें अन्य शहरों की तुलना में अधिक थीं, जो स्थानीय मांग, परिवहन लागत और वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) में अंतर के कारण है। नोट: इन कीमतों में जीएसटी, टीसीएस और मेकिंग चार्ज शामिल नहीं हैं। सटीक कीमतों के लिए स्थानीय जौहरी से संपर्क करें।

  • कीमतों में बदलाव के कारण

28 जून 2025 को सोने और चांदी की कीमतों में स्थिरता और मामूली गिरावट के पीछे निम्नलिखित कारक हैं:

वैश्विक बाजार की स्थिति: वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतें स्थिर रहीं, क्योंकि ईरान-इजरायल तनाव जैसे भू-राजनीतिक कारकों का प्रभाव कम हुआ। अप्रैल 2025 में सोना 1,00,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंचा था, लेकिन जून में कीमतें 99,000 रुपये से नीचे आईं। 27 जून को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना 98,361 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 1,05,520 रुपये प्रति किलोग्राम पर थी।
रुपये-डॉलर विनिमय दर: भारतीय रुपये का अमेरिकी डॉलर के मुकाबले स्थिर रहना (लगभग 83-84 रुपये प्रति डॉलर) ने आयात लागत को नियंत्रित रखा। भारत 88% सोना और चांदी आयात करता है, और रुपये की मजबूती से कीमतें कम होती हैं।
मांग और आपूर्ति: जून 2025 में शादी-विवाह का सीजन समाप्त होने और रक्षा बंधन, दीवाली जैसे त्योहारों से पहले मांग में कमी आई, जिससे कीमतों पर दबाव कम हुआ। ग्रामीण क्षेत्रों में मॉनसून की स्थिति भी मांग को प्रभावित करती है।
ब्याज दरें और आर्थिक स्थिरता: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की नीतियों और ब्याज दरों में स्थिरता ने निवेशकों को सोने की बजाय सावधि जमा जैसे विकल्पों की ओर आकर्षित किया, जिससे मांग कम हुई।
चांदी की औद्योगिक मांग: चांदी की कीमतें सौर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे औद्योगिक उपयोगों से प्रभावित होती हैं। 2025 में भारत ने 4,172 मीट्रिक टन चांदी आयात की, जो सौर ऊर्जा क्षेत्र की बढ़ती मांग को दर्शाता है।
जून 2025 में कीमतों का रुझान

जून 2025 में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया। महीने की शुरुआत में 24 कैरेट सोना 97,300 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो 17 जून को 1,00,740 रुपये तक पहुंचा। 27 जून को यह 98,930 रुपये पर स्थिर हो गया। चांदी की कीमतें 99,800 रुपये प्रति किलोग्राम (2 जून) से बढ़कर 1,09,550 रुपये (18 जून) तक पहुंचीं, लेकिन 27 जून को 1,07,090 रुपये पर आ गईं।

27 जून को न्यूज18 ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में सोने की कीमतों में मामूली गिरावट आई, जबकि चांदी स्थिर रही। ये रुझान सर्राफा बाजार के आंकड़ों से मेल खाते हैं, जहां 26-27 जून के बीच सोने में 10 रुपये और चांदी में 800 रुपये प्रति किलोग्राम की कमी दर्ज की गई।

उपभोक्ताओं और निवेशकों पर प्रभाव
उपभोक्ता: सोने की कीमतें 1,00,000 रुपये से नीचे आने से मध्यम वर्ग को राहत मिली है। हालांकि, चेन्नई और हैदराबाद में चांदी की ऊंची कीमतें (1,17,900 रुपये प्रति किलोग्राम) उपभोक्ताओं के लिए चुनौती हैं। त्योहारी सीजन से पहले कीमतों में और कमी की उम्मीद है।
निवेशक: सोना और चांदी सुरक्षित निवेश हैं, क्योंकि ये मुद्रास्फीति और आर्थिक अनिश्चितता के खिलाफ बचाव करते हैं। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड, गोल्ड ईटीएफ और डिजिटल गोल्ड लोकप्रिय हैं। चांदी की औद्योगिक मांग और तरलता इसे आकर्षक बनाती है।
आर्थिक प्रभाव: सोने और चांदी की कीमतें आयात बिल और व्यापार घाटे को प्रभावित करती हैं। 2025 में चांदी आयात में रिकॉर्ड वृद्धि ने रुपये पर दबाव डाला, लेकिन स्थिर कीमतों ने अर्थव्यवस्था को राहत दी।
हॉलमार्किंग और शुद्धता

भारत में सोने की शुद्धता ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) द्वारा हॉलमार्किंग के जरिए सुनिश्चित की जाती है। 24 कैरेट सोना 99.9% शुद्ध होता है और सिक्कों या बार के लिए उपयुक्त है, जबकि 22 कैरेट सोना (91.67% शुद्ध) आभूषणों के लिए बेहतर है। चांदी की हॉलमार्किंग अनिवार्य नहीं है, लेकिन BIS मार्क शुद्धता का भरोसा देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जुलाई 2025 में त्योहारी सीजन शुरू होने से मांग बढ़ सकती है, जिससे सोना 1,00,000 रुपये और चांदी 1,10,000 रुपये प्रति किलोग्राम के पार जा सकती है। वैश्विक स्तर पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति और भू-राजनीतिक स्थिरता कीमतों को प्रभावित करेगी। रुपये की मजबूती और आयात शुल्क में कमी से कीमतें नियंत्रित रह सकती हैं।

  • उपभोक्ताओं के लिए सुझाव

कीमतें जांचें: सोने और चांदी की कीमतें गुडरिटर्न्स (hindi.goodreturns.in), इकोनॉमिक टाइम्स (hindi.economictimes.com) या स्थानीय जौहरी से जांचें।
हॉलमार्किंग: हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सोना और चांदी खरीदें।
निवेश विकल्प: फिजिकल गोल्ड के अलावा गोल्ड ईटीएफ, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड या डिजिटल गोल्ड में निवेश पर विचार करें।
स्थानीय जौहरी: सटीक कीमतों और मेकिंग चार्ज के लिए स्थानीय जौहरी से संपर्क करें।

28 जून 2025 को भारत में सोने की कीमतें स्थिर रहीं, जबकि चांदी में मामूली कमी आई। दिल्ली में 24 कैरेट सोना 98,930 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 1,07,090 रुपये प्रति किलोग्राम रही। वैश्विक बाजार की स्थिरता, रुपये की मजबूती और कम मांग ने कीमतों को नियंत्रित रखा। त्योहारी सीजन से पहले यह खरीदारी का अच्छा अवसर हो सकता है, लेकिन उपभोक्ताओं को हॉलमार्किंग और स्थानीय कीमतों की जांच करनी चाहिए।

Also REad- भारत में सोने-चांदी के दाम स्थिर, दिल्ली-लखनऊ में सबसे कम, चेन्नई-हैदराबाद में सबसे अधिक।

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