भारतीय डाकघर की मंथली इनकम स्कीम में पति-पत्नी संयुक्त खाता खोलकर हर महीने Rs.9250 की गारंटीड कमाई का मौका।
भारतीय डाकघर द्वारा संचालित मंथली इनकम स्कीम (पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम या POMIS) एक ऐसी बचत योजना है जो निवेशकों को
- पोस्ट ऑफिस एमआईएस योजना: पति-पत्नी मिलकर 15 लाख निवेश पर 7.4% ब्याज से मासिक Rs.9250 की निश्चित आय
- डाकघर की सुरक्षित स्कीम में जॉइंट अकाउंट से पांच साल तक हर महीने Rs.9250 ब्याज, मूलधन वापस भी मिलेगा
भारतीय डाकघर द्वारा संचालित मंथली इनकम स्कीम (पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम या POMIS) एक ऐसी बचत योजना है जो निवेशकों को नियमित मासिक आय प्रदान करती है। यह योजना सरकारी गारंटी वाली है और इसमें एकमुश्त निवेश करके हर महीने फिक्स्ड ब्याज प्राप्त किया जा सकता है। वर्तमान में इस स्कीम पर 7.4 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर लागू है, जो हर महीने भुगतान किया जाता है।
यह स्कीम विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी है जो नियमित आय चाहते हैं, जैसे रिटायरमेंट के बाद खर्चों के लिए स्थिर इनकम की जरूरत वाले व्यक्ति। योजना में सिंगल अकाउंट के अलावा जॉइंट अकाउंट भी खोला जा सकता है, जिसमें पति-पत्नी मिलकर अधिक राशि निवेश कर सकते हैं।
- निवेश की सीमा और ब्याज की गणना
स्कीम में न्यूनतम निवेश राशि 1000 रुपये है, जो 1000 रुपये के गुणकों में बढ़ाई जा सकती है। सिंगल अकाउंट में अधिकतम 9 लाख रुपये तक निवेश किया जा सकता है। वहीं जॉइंट अकाउंट में अधिकतम 15 लाख रुपये तक की जमा की अनुमति है। जॉइंट अकाउंट में अधिकतम तीन व्यक्ति शामिल हो सकते हैं, लेकिन पति-पत्नी के मामले में यह सीमा 15 लाख तक बढ़ जाती है।
यदि पति-पत्नी मिलकर जॉइंट अकाउंट में अधिकतम 15 लाख रुपये जमा करते हैं, तो 7.4 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर के अनुसार सालाना कुल ब्याज 1,11,000 रुपये होता है। इस राशि को 12 महीनों में विभाजित करने पर हर महीने 9250 रुपये का ब्याज मिलता है। यह ब्याज मूलधन पर ही गणना किया जाता है और हर महीने पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट में जमा कर दिया जाता है।
- स्कीम की अवधि और मैच्योरिटी
यह योजना 5 साल की अवधि के लिए है। मैच्योरिटी पूरी होने पर मूलधन राशि पूरी तरह वापस मिल जाती है। मैच्योरिटी के बाद निवेशक इसे आगे बढ़ा सकते हैं, जहां हर 5 साल के बाद नवीनीकरण का विकल्प उपलब्ध है। ब्याज का भुगतान मासिक आधार पर होता है और यदि ब्याज को नहीं निकाला जाता है तो वह पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट में जमा रहता है, हालांकि उस पर अतिरिक्त ब्याज नहीं मिलता।
- जॉइंट अकाउंट के नियम
जॉइंट अकाउंट खोलने पर निवेश की राशि सभी धारकों में बराबर मानी जाती है। पति-पत्नी के जॉइंट अकाउंट में दोनों को बराबर हिस्सा मिलता है। अकाउंट को सिंगल में बदलने या सिंगल को जॉइंट में बदलने की सुविधा भी है। यह सुविधा परिवार के सदस्यों के बीच निवेश को आसान बनाती है।
- ब्याज दर की स्थिति
वर्तमान में अक्टूबर से दिसंबर 2025-26 की तिमाही के लिए ब्याज दर 7.4 प्रतिशत है और इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। सरकार छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की तिमाही समीक्षा करती है। यह दर अन्य कई बचत योजनाओं की तुलना में प्रतिस्पर्धी है और मासिक भुगतान की सुविधा इसे आकर्षक बनाती है।
- प्रारंभिक निकासी के नियम
यदि मैच्योरिटी से पहले निकासी की जाती है तो पेनल्टी लागू होती है। पहले 1 से 3 साल के बीच निकासी पर 2 प्रतिशत पेनल्टी और 3 से 5 साल के बीच 1 प्रतिशत पेनल्टी काटी जाती है। इसलिए योजना को लंबी अवधि के लिए उपयुक्त माना जाता है।
- खाता खोलने की प्रक्रिया
खाता किसी भी पोस्ट ऑफिस में खोला जा सकता है। आवश्यक दस्तावेजों में पहचान प्रमाण, पता प्रमाण और फोटो शामिल हैं। न्यूनतम जमा 1000 रुपये से शुरू होती है। ब्याज सीधे सेविंग्स अकाउंट में ट्रांसफर होता है।
- टैक्स संबंधी जानकारी
इस स्कीम से प्राप्त ब्याज पर टैक्स लागू होता है और यह आयकर के दायरे में आता है। सेक्शन 80सी के तहत छूट नहीं मिलती है। कोई टीडीएस नहीं कटता है, लेकिन निवेशक को अपनी आयकर रिटर्न में इसे दिखाना होता है।
- अन्य महत्वपूर्ण बिंदु
स्कीम में नाबालिग भी अभिभावक के माध्यम से खाता खोल सकते हैं।
ब्याज मासिक आधार पर मिलता है, जो घरेलू खर्चों के लिए स्थिर आय प्रदान करता है।
मूलधन पर कोई जोखिम नहीं है क्योंकि यह सरकारी योजना है।
मैच्योरिटी पर मूल राशि पूरी वापस मिलती है और नवीनीकरण संभव है।
यह योजना सुरक्षित निवेश और नियमित आय का संयोजन प्रदान करती है, खासकर पति-पत्नी के लिए जॉइंट अकाउंट के माध्यम से अधिक लाभ मिलता है।
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