Special: इश्क या साजिश? 5 साल में 785 पतियों की हत्या, पत्नियों की बेवफाई और प्रेम ने लिया खौफनाक मोड़। 

पिछले कुछ वर्षों में भारत में एक चौंकाने वाला और परेशान करने वाला रुझान सामने आया है, जहां पत्नियों द्वारा अपने पतियों की हत्या....

Jun 17, 2025 - 12:18
 0  129
Special: इश्क या साजिश? 5 साल में 785 पतियों की हत्या, पत्नियों की बेवफाई और प्रेम ने लिया खौफनाक मोड़। 

पिछले कुछ वर्षों में भारत में एक चौंकाने वाला और परेशान करने वाला रुझान सामने आया है, जहां पत्नियों द्वारा अपने पतियों की हत्या के मामले तेजी से बढ़े हैं। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, 2020 से 2025 तक पांच राज्यों—उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान, और महाराष्ट्र—में कुल 785 पतियों की हत्या के मामले दर्ज किए गए, जिनमें अधिकतर में पत्नियां या तो मुख्य आरोपी थीं या अपने प्रेमियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रचने में शामिल थीं। इस प्रवृत्ति ने न केवल सामाजिक और पारिवारिक मूल्यों पर सवाल उठाए हैं, बल्कि यह भी उजागर किया है कि प्रेम, बेवफाई, और बदले की भावना कैसे रिश्तों को खौफनाक मोड़ दे रही है।

  • NCRB का चौंकाने वाला आंकड़ा

NCRB की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले पांच सालों में पांच राज्यों में 785 पतियों की हत्या के मामले सामने आए हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश सबसे आगे है। उत्तर प्रदेश में 198 मामले दर्ज किए गए, जहां पत्नियों ने अपने पतियों की हत्या की या करवाई। इसके बाद मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान, और महाराष्ट्र जैसे राज्य हैं, जहां इस तरह के अपराधों की संख्या ने समाज को हिलाकर रख दिया। इन मामलों में अधिकतर हत्याएं प्रेम प्रसंग, बेवफाई, या निजी विवादों के कारण हुईं। कुछ मामलों में पत्नियों ने अपने प्रेमियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची, जबकि कुछ ने स्वयं हत्या को अंजाम दिया।

ये आंकड़े केवल अपराध की गंभीरता को ही नहीं दर्शाते, बल्कि यह भी बताते हैं कि भारतीय समाज में विवाह जैसे पवित्र रिश्ते में विश्वास और प्रेम की नींव कमजोर हो रही है। ये मामले समाज के लिए एक चेतावनी हैं, जो भावनात्मक अस्थिरता, सामाजिक दबाव, और नैतिकता के पतन को उजागर करते हैं।

  • प्रमुख मामले: सोनम रघुवंशी और मुस्कान रस्तोगी
    इंदौर का सोनम रघुवंशी मामला

मध्य प्रदेश के इंदौर की सोनम रघुवंशी का मामला इस प्रवृत्ति का सबसे चर्चित उदाहरण है। 11 मई 2025 को सोनम ने राजा रघुवंशी से शादी की और 20 मई को दोनों हनीमून के लिए मेघालय के सोहरा (चेरापूंजी) गए। 23 मई को दोनों लापता हो गए, और 2 जून को राजा का शव एक गहरी खाई में मिला। शुरुआत में यह एक दुर्घटना लग रही थी, लेकिन मेघालय पुलिस की जांच में सनसनीखेज खुलासा हुआ कि सोनम ने अपने प्रेमी राज कुशवाह और तीन अन्य सहयोगियों—विशाल चौहान, आनंद कुर्मी, और आकाश राजपूत—के साथ मिलकर राजा की हत्या की साजिश रची थी।

पुलिस के अनुसार, सोनम ने हत्यारों को 20 लाख रुपये देने का वादा किया था, जिसमें से 15,000 रुपये राजा के बटुए से लिए गए थे। सोनम ने पहले दावा किया कि वह और राजा पर हमला हुआ था, और राजा ने उसे बचाने की कोशिश में अपनी जान गंवाई, लेकिन उसकी कहानी में विरोधाभासों ने पुलिस को संदेह पैदा किया। बाद में, उसने हत्या की साजिश में अपनी भूमिका कबूल कर ली। यह मामला न केवल हनीमून पर हत्या की क्रूरता के लिए चर्चा में रहा, बल्कि यह भी सवाल उठा कि क्या वैवाहिक रिश्तों में विश्वास पूरी तरह खत्म हो रहा है।

  • मेरठ की मुस्कान रस्तोगी

उत्तर प्रदेश के मेरठ की मुस्कान रस्तोगी का मामला भी कम चौंकाने वाला नहीं है। मुस्कान ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या की और उसके शव को काटकर एक सीमेंट के ड्रम में छिपा दिया। इस मामले ने पूरे देश को झकझोर दिया, क्योंकि हत्या की क्रूरता और इसके पीछे की प्रेम कहानी ने समाज में सनसनी फैला दी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर मुस्कान और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले ने यह सवाल उठाया कि क्या प्रेम और बेवफाई अब रिश्तों को खून से रंग रहे हैं।

  • अन्य सनसनीखेज मामले

सिद्धार्थनगर हत्याकांड: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर में संगीता देवी ने अपने प्रेमी अनिल शुक्ला के साथ मिलकर अपने पति कन्नन कुमार की हत्या की। संगीता ने मंदिर दर्शन के बाद कन्नन को जहर दिया और फिर शव को राप्ती नदी में फेंक दिया। बाद में उसने अपने पति के लापता होने की शिकायत दर्ज की, लेकिन पुलिस ने उसकी कहानी में विरोधाभास पकड़ लिया।

सांगली हत्याकांड: महाराष्ट्र के सांगली में 27 वर्षीय एक महिला ने अपनी शादी के तीन सप्ताह बाद ही अपने 54 वर्षीय पति की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। यह हत्या वट पूर्णिमा के दिन हुई, जो पत्नियों द्वारा अपने पति की लंबी उम्र के लिए प्रार्थना करने का अवसर होता है। इस घटना ने पारंपरिक मूल्यों और आधुनिक रिश्तों के बीच टकराव को उजागर किया।

जयपुर का गोपी मामला: राजस्थान के जयपुर में गोपी ने अपने प्रेमी के लिए अपने पति की हत्या की और शव को बाइक पर ले जाकर नदी में फेंक दिया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन इस मामले ने समाज में प्रेम और अपराध के बीच के संबंध को फिर से उजागर किया।
हत्याओं के पीछे के कारण

  • NCRB और अन्य क्राइम डेटा के विश्लेषण से पता चलता है कि इन हत्याओं के पीछे कई कारण हैं:

प्रेम प्रसंग और बेवफाई: अधिकतर मामलों में, पत्नियों का अपने प्रेमियों के साथ संबंध इन हत्याओं का मुख्य कारण रहा। सोनम और मुस्कान जैसे मामलों में, पत्नियों ने अपने प्रेमियों के साथ नया जीवन शुरू करने के लिए अपने पतियों को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
घरेलू हिंसा और मानसिक उत्पीड़न: कुछ मामलों में, पत्नियों ने लंबे समय तक घरेलू हिंसा और मानसिक उत्पीड़न का हवाला दिया। छत्तीसगढ़ के कोरबा में एक महिला ने अपने पति की हत्या की, यह दावा करते हुए कि वह वर्षों से उसका शारीरिक और मानसिक शोषण कर रहा था।
सामाजिक दबाव और भावनात्मक अस्थिरता: मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि भावनात्मक अस्थिरता, सामाजिक दबाव, और कमजोर मैथुन तंत्र (coping mechanisms) भी इन अपराधों का कारण हैं। कई महिलाएं अपने वैवाहिक जीवन में असंतुष्टि और दबाव से निपटने में असमर्थ होती हैं, जिसके परिणामस्वरूप वे हिंसक कदम उठाती हैं।
सोशल मीडिया का प्रभाव: कुछ मामलों में, सोशल मीडिया ने प्रेम प्रसंगों को बढ़ावा दिया। उदाहरण के लिए, कंचन कौर की हत्या के मामले में, उनके सोशल मीडिया कंटेंट ने विवाद को जन्म दिया, जिसके कारण उनकी हत्या हुई। इसी तरह, कुछ पत्नियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने प्रेमियों से संपर्क बनाए रखा, जो हत्या की साजिश का हिस्सा बना।

इन हत्याओं ने भारतीय समाज में विवाह की पवित्रता और विश्वास के महत्व पर गंभीर सवाल उठाए हैं। जहां एक ओर महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न के मामले सुर्खियों में रहे हैं, वहीं पतियों की हत्या के इन मामलों ने यह दिखाया कि अपराध अब जेंडर की सीमाओं को पार कर रहा है। सोशल मीडिया पर इस प्रवृत्ति को लेकर तीखी बहस छिड़ी है। @News100_Plus ने लिखा, “प्यार या साजिश? 5 सालों में 785 पतियों को उनकी पत्नी या प्रेमी ने उतारा मौत के घाट।” @Desi_Chora_1111 ने टिप्पणी की, “आपका क्या कहना है? #LoveAndBetrayal #IndianCrime”। इन पोस्ट्स से पता चलता है कि लोग इस प्रवृत्ति को लेकर हैरान और चिंतित हैं। मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि समाज में बढ़ते तनाव, आर्थिक दबाव, और रिश्तों में संवाद की कमी इस तरह के अपराधों को बढ़ा रही है। विशेषज्ञों ने यह भी सुझाव दिया कि रिश्तों में पारदर्शिता, काउंसलिंग, और भावनात्मक समर्थन इस तरह की घटनाओं को कम करने में मदद कर सकता है।

  • कानूनी और सामाजिक उपाय

पुलिस और कानूनी व्यवस्था ने इन मामलों में त्वरित कार्रवाई की है। सोनम रघुवंशी, मुस्कान रस्तोगी, और सिद्धार्थनगर की संगीता जैसे मामलों में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, फोरेंसिक सबूत, और कॉल रिकॉर्ड्स के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार किया। हालांकि, मेघालय मामले में मास्टरमाइंड की फरारी जैसे उदाहरण दर्शाते हैं कि जांच में अभी और सख्ती की जरूरत है। सामाजिक स्तर पर, यह जरूरी है कि रिश्तों में संवाद और विश्वास को बढ़ावा दिया जाए। सरकार और गैर-सरकारी संगठनों को विवाह परामर्श केंद्र और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देना चाहिए। साथ ही, सोशल मीडिया पर प्रेम और रिश्तों को गलत तरीके से महिमामंडित करने वाली सामग्री पर नजर रखने की जरूरत है।

Also Read- Special Articles: मुस्लिम तुष्टिकरण के चक्रव्यूह में फंसता समाजवाद- मृत्युंजय दीक्षित

  • रिश्तों में विश्वास की जरूरत

पिछले पांच सालों में 785 पतियों की हत्या के मामले न केवल एक आपराधिक प्रवृत्ति को दर्शाते हैं, बल्कि यह भी दिखाते हैं कि भारतीय समाज में रिश्तों की नींव कमजोर हो रही है। सोनम रघुवंशी और मुस्कान रस्तोगी जैसे मामले यह सवाल उठाते हैं कि क्या प्रेम और बेवफाई अब रिश्तों को खून से रंग रहे हैं। यह समाज, परिवारों, और नीति-निर्माताओं के लिए एक चेतावनी है कि रिश्तों में विश्वास, संवाद, और भावनात्मक समर्थन को बढ़ावा देना समय की मांग है। ये मामले हमें यह भी सिखाते हैं कि विवाह जैसे पवित्र बंधन को बचाने के लिए हमें व्यक्तिगत और सामाजिक स्तर पर प्रयास करने होंगे। अगर यह प्रवृत्ति जारी रही, तो यह न केवल परिवारों को तोड़ेगी, बल्कि समाज की नींव को भी कमजोर करेगी।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow