मेरठ के बदनाम 'नीला ड्रम कांड' की तर्ज पर मुंबई के मुंब्रा में दोहराई गई खौफनाक वारदात, हरे ड्रम में मिली लापता युवक की लाश।
अवैध संबंधों और जबरन उगाही के चक्कर में रची गई खौफनाक साजिश, महिला ने पति और भाई के साथ मिलकर प्रेमी को उतारा मौत के घाट
- लापता रिपोर्ट से शुरू हुई मुंब्रा पुलिस की तफ्तीश ने खोला अंधे कत्ल का राज, मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स से दबोचे गए हत्यारे
क्राइम की दुनिया से अक्सर ऐसी रूह कंपा देने वाली कहानियां सामने आती हैं जो न केवल कानून व्यवस्था को चुनौती देती हैं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं को भी पूरी तरह झकझोर कर रख देती हैं। कुछ समय पहले उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में एक बेहद बदनाम 'नीला ड्रम कांड' सामने आया था, जिसमें मुस्कान नामक महिला ने अपने नाजायज संबंधों के चलते अपने ही पति की हत्या कर दी थी और सबूत मिटाने के लिए लाश को सीमेंट के साथ एक ड्रम में कंक्रीट की तरह जमा दिया था। अब ठीक उसी क्रूर और खौफनाक ढर्रे पर मुंबई से सटे ठाणे जिले के मुंब्रा इलाके में एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात को अंजाम दिया गया है। इस बार बस फर्क इतना है कि निशाने पर पति नहीं बल्कि महिला का प्रेमी था। एक महिला ने अपने ही पति और सगे भाई के साथ मिलकर एक ऐसी खौफनाक साजिश को अंजाम दिया, जिसने रिश्तों की मर्यादा और मानवीय क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। इस त्रिकोणीय अपराध में पैसे की हवस और अवैध संबंधों के जाल ने एक नौजवान की जिंदगी को हमेशा के लिए खत्म कर दिया।
इस पूरे सनसनीखेज और बेहद पेचीदा मामले की शुरुआत मुंब्रा पुलिस थाने में दर्ज कराई गई एक साधारण गुमशुदगी की शिकायत से हुई थी। मुंब्रा का रहने वाला अरबाज मकसूद अली खान नामक एक युवक सामान्य दिनों की तरह एक सुबह अपने परिवार को यह बताकर घर से निकला था कि वह किसी जरूरी काम के सिलसिले में दादर जा रहा है। जब देर रात तक अरबाज अपने घर वापस नहीं लौटा और उसका मोबाइल फोन भी लगातार बंद आने लगा, तो उसके परिवार वालों की चिंता बहुत ज्यादा बढ़ गई। परिजनों ने अपने स्तर पर दादर और मुंब्रा के तमाम संभावित ठिकानों, रिश्तेदारों, और अरबाज के दोस्तों के यहां उसकी काफी खोजबीन की। हर जगह से निराशा हाथ लगने के बाद और अनहोनी की आशंका से डरे हुए अरबाज के लाचार पिता ने आखिरकार मुंब्रा पुलिस स्टेशन का दरवाजा खटखटाया और अपने जवान बेटे के लापता होने की एक औपचारिक रिपोर्ट दर्ज कराई। महानगरों में इस प्रकार की आपराधिक घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं, जहां पैसे ऐंठने और ब्लैकमेलिंग के चक्कर में अपनों को ही मौत के घाट उतार दिया जाता है। इस मामले में भी हैरान करने वाला पहलू यह रहा कि महिला के अवैध संबंधों की जानकारी उसके पति को पहले से थी, और दोनों ने मिलकर इस कमजोरी को एक खौफनाक उगाही और हत्या की साजिश में बदल दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंब्रा पुलिस ने तुरंत एक विशेष जांच टीम का गठन किया और अरबाज की तलाश तेज कर दी। शुरुआती दौर में पुलिस के पास कोई बड़ा सुराग नहीं था, लेकिन जब तकनीकी जांच के साधनों का उपयोग शुरू किया गया, तो इस अंधे कत्ल की परतें एक-एक कर खुलने लगीं। पुलिस ने सबसे पहले लापता अरबाज के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड को निकाला और उसकी अंतिम मोबाइल टावर लोकेशन को ट्रैक किया। इस तकनीकी विश्लेषण से यह बेहद चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि अरबाज दादर गया ही नहीं था, बल्कि उसकी आखिरी लोकेशन मुंबई के वर्सोवा इलाके में दर्ज की गई थी। इसके बाद जब पुलिस ने उसके फोन पर आने-जाने वाली आखरी कॉल्स की जांच की, तो पता चला कि वह लगातार मेहजबीन शेख नामक एक महिला के संपर्क में था और सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि जिस समय अरबाज का फोन बंद हुआ, ठीक उसी समय मेहजबीन की मोबाइल लोकेशन भी वर्सोवा के उसी विशिष्ट दायरे में मौजूद थी।
इसी पुख्ता तकनीकी शक के आधार पर मुंब्रा पुलिस की टीम ने जाल बिछाकर मेहजबीन शेख को हिरासत में ले लिया और थाने लाकर उससे पूछताछ शुरू कर दी। शुरुआत में तो वह पुलिस को पूरी तरह गुमराह करने की कोशिश करती रही और उसने जांच अधिकारियों के सामने कई झूठी कहानियां गढ़ीं कि उसका अरबाज से कोई लेना-देना नहीं है और वह उस दिन वर्सोवा में किसी और काम से गई थी। लेकिन जब पुलिस ने उसके सामने वैज्ञानिक साक्ष्य और दोनों के मोबाइल फोन की सटीक लोकेशन की कुंडली रखी और कड़ाई से पूछताछ की, तो वह ज्यादा देर तक अपने झूठ को छिपा नहीं सकी। मेहजबीन ने टूटकर पुलिस के आला अधिकारियों के सामने जो खौफनाक सच बयां किया, उसे सुनकर वहां मौजूद अनुभवी पुलिसकर्मियों के भी होश उड़ गए। उसने स्वीकार किया कि अरबाज की मौत कोई हादसा नहीं था, बल्कि एक सोची-समझी और बर्बर तरीके से की गई हत्या थी।
मेहजबीन ने पुलिसिया पूछताछ में कबूल किया कि उसने इस खौफनाक वारदात को अकेले अंजाम नहीं दिया था, बल्कि इसमें उसका पति हसन और उसका सगा भाई तारिक शेख भी बराबर के साझीदार थे। इन तीनों ने मिलकर अरबाज से एक मोटी रकम ऐंठने और फिर उसे हमेशा के लिए अपने रास्ते से हटाने का एक फूलप्रूफ प्लान तैयार किया था। साजिश के तहत मेहजबीन ने अरबाज को पैसों के लेनदेन के बहाने और उससे मिलने की बात कहकर वर्सोवा के एक सुनसान ठिकाने पर बुलाया था। अरबाज बिना किसी खतरे को भांपे अपनी प्रेमिका के बुलावे पर वहां पहुंच गया, जहां पहले से ही घात लगाकर मेहजबीन का पति हसन और भाई तारिक छिपे बैठे थे। जैसे ही अरबाज कमरे के भीतर दाखिल हुआ, इन तीनों आरोपियों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया और उस पर पैसों के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया।
जब अरबाज ने उनके द्वारा मांगी गई मोटी रकम को देने में असमर्थता जताई और वहां से भागने की कोशिश की, तो इन तीनों आरोपियों के सिर पर खून सवार हो गया और उन्होंने क्रूरता की सारी पराकाष्ठा पार कर दी। आरोपियों ने सबसे पहले अरबाज के हाथ और पैर को रस्सी से कसकर बांध दिया ताकि वह खुद का बचाव न कर सके या शोर न मचा सके। इसके बाद हसन और तारिक ने प्लास्टिक के एक बेहद भारी और मोटे पाइप से अरबाज पर ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। वे उसे तब तक बेरहमी से पीटते रहे जब तक कि अत्यधिक आंतरिक रक्तस्राव और चोटों के कारण उसकी सांसें पूरी तरह से नहीं थम गईं। अरबाज की मौत सुनिश्चित करने के बाद, आरोपियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती उसकी लाश को ठिकाने लगाने की थी ताकि वे कानून की नजरों से बच सकें। इसके लिए वे पहले से खरीदकर लाया गया एक बड़ा हरे रंग का प्लास्टिक का ड्रम कमरे में लेकर आए।
हत्याकांड को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपियों ने अरबाज के बेजान शरीर को मोड़कर उस हरे रंग के ड्रम के भीतर बड़ी बेरहमी से ठूंसा और उसका ढक्कन कसकर बंद कर दिया। इस घिनौने कृत्य को छुपाने और पहचान पूरी तरह मिटाने के उद्देश्य से, वे देर रात उस भारी ड्रम को एक वाहन में लादकर मुंब्रा के एक बेहद सुनसान और अंधेरे नाले के पास ले गए और उसे नाले के तेज बहाव वाले गंदे पानी में फेंक दिया ताकि वह कभी किसी को न मिल सके। पुलिस ने महिला की निशानदेही पर तुरंत उस सुनसान नाले से हरे रंग के ड्रम को बरामद कर लिया और जब उसे खोला गया तो उसमें से अरबाज की सड़ी-गली लाश बरामद हुई। पुलिस ने तीनों मुख्य आरोपियों को भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया है और उन्हें सख्त सजा दिलाने के लिए अदालत में रिमांड की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
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