राघोपुर में महागठबंधन को बड़ा झटका, तेज प्रताप की पार्टी के उम्मीदवार प्रेम यादव ने नामांकन वापस लेकर तेजस्वी को दिया समर्थन।
बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में राघोपुर सीट पर उस वक्त सभी हैरान रह गए जब लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव की अगुवाई वाली राष्ट्रीय लोक जनता मोर्चा पार्टी
बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में राघोपुर सीट पर उस वक्त सभी हैरान रह गए जब लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव की अगुवाई वाली राष्ट्रीय लोक जनता मोर्चा पार्टी के उम्मीदवार प्रेम यादव ने अपना नामांकन वापस ले लिया और छोटे भाई तेजस्वी यादव को खुला समर्थन दे दिया। यह घटना 5 नवंबर 2025 को नामांकन वापसी के आखिरी दिन हुई। प्रेम यादव ने वैशाली जिला मुख्यालय में मीडिया के सामने घोषणा की कि वे महागठबंधन की जीत के लिए तेजस्वी यादव के पक्ष में खड़े हैं। उन्होंने कहा कि परिवार एक है और बिहार में बदलाव के लिए सबको एकजुट होना होगा।
राघोपुर सीट लालू परिवार की परंपरागत सीट मानी जाती है। 2010 और 2015 में राबड़ी देवी यहां से जीतीं। 2020 में तेजस्वी यादव ने भाजपा के रमेश्वर चौरसिया को हराकर कब्जा जमाया। इस बार तेजस्वी फिर राघोपुर से महागठबंधन के उम्मीदवार हैं। उनका मुकाबला भाजपा के सतीश कुमार यादव और जन सुराज पार्टी के चंचल कुमार से है। तेज प्रताप यादव ने जब अपनी अलग पार्टी बनाई तो उन्होंने राघोपुर से प्रेम यादव को टिकट दिया था। प्रेम यादव ने 28 अक्टूबर को नामांकन किया और तेजस्वी के खिलाफ बिगुल फूंक दिया। इससे महागठबंधन में खलबली मच गई क्योंकि यादव वोटों के बंटवारे का डर था।
लेकिन नामांकन वापसी के आखिरी दिन प्रेम यादव अचानक पलट गए। वे सुबह वैशाली डीएम ऑफिस पहुंचे और अपना पर्चा वापस ले लिया। इसके बाद तेजस्वी यादव के साथ मंच पर खड़े होकर बोले कि तेज प्रताप जी ने मुझे निर्देश दिया है कि तेजस्वी भाई को जिताओ। परिवार में कोई मतभेद नहीं है। हम सब महागठबंधन के साथ हैं। तेजस्वी यादव ने प्रेम यादव को गले लगाया और कहा कि परिवार एकजुट है। लालू जी का आशीर्वाद सबके साथ है। यह देखकर वहां मौजूद कार्यकर्ता नारे लगाने लगे।
तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर साफ किया कि उन्होंने प्रेम यादव को खुद फोन करके नामांकन वापस लेने को कहा। तेज प्रताप ने कहा कि भाई तेजस्वी को मजबूत करना है। राघोपुर हमारा गढ़ है और रहेगा। कोई बंटवारा नहीं होगा। तेज प्रताप ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी पूरे बिहार में चुनाव लड़ रही है लेकिन जहां महागठबंधन मजबूत है वहां समर्थन करेंगे। तेज प्रताप हसनपुर से खुद चुनाव लड़ रहे हैं। वहां उनका मुकाबला जदयू के राज कुमार राय से है।
यह फैसला लालू परिवार के लिए बड़ी राहत लेकर आया। पहले तेज प्रताप की बगावत से लग रहा था कि यादव वोट बंट जाएंगे। राघोपुर में यादव मतदाता करीब पैंतालीस प्रतिशत हैं। अगर दस पंद्रह हजार वोट भी बंटते तो भाजपा को फायदा हो जाता। अब प्रेम यादव के समर्थन से तेजस्वी की राह आसान हो गई। राजद के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने कहा कि परिवार में सब ठीक हो गया। लालू जी की सेहत को देखते हुए बच्चे एकजुट हो गए। यह महागठबंधन की मजबूती का संकेत है।
भाजपा ने इस पर तंज कसा। प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि लालू परिवार का झगड़ा खत्म हो गया लेकिन जनता जानती है कि ये सिर्फ सत्ता के लिए एकता है। पांच साल में फिर बंटवारा हो जाएगा। भाजपा उम्मीदवार सतीश कुमार ने कहा कि जनता अब परिवारवाद से तंग आ चुकी है। विकास और सुशासन के लिए एनडीए को वोट देगी। जन सुराज के चंचल कुमार ने भी कहा कि दोनों भाई मिलकर जनता को बेवकूफ बना रहे हैं। असली मुद्दा शिक्षा रोजगार है।
राघोपुर में मतदान 7 नवंबर को होगा। सुबह से ही तेजस्वी यादव के समर्थक गांव गांव घूमकर प्रचार कर रहे हैं। प्रेम यादव भी तेजस्वी के साथ जनसंपर्क में निकले। दोनों ने साइकिल पर सवार होकर लोगों से वोट मांगे। तेजस्वी ने कहा कि इस बार रिकॉर्ड मतों से जीतेंगे। पांच लाख नौकरियां देंगे। गरीबों का हक दिलाएंगे। प्रेम यादव ने लोगों से अपील की कि तेज प्रताप जी का संदेश है कि तेजस्वी को जिताओ बिहार को नई दिशा दो।
यह घटना बिहार चुनाव में परिवारवाद की राजनीति को फिर उजागर करती है। लालू प्रसाद ने अपने दोनों बेटों को राजनीति में उतारा। तेजस्वी को उपमुख्यमंत्री बनाया लेकिन तेज प्रताप को मंत्री पद नहीं मिला। इससे तेज प्रताप नाराज हो गए और अलग पार्टी बना ली। पहले वे कुशेश्वर स्थान उपचुनाव में भी बागी हो गए थे। लेकिन हर बार चुनाव से पहले समझौता हो जाता है। राजनीतिक विश्लेषक कहते हैं कि लालू परिवार की एकता महागठबंधन की ताकत है। अगर बंटवारा होता तो कई सीटें गंवानी पड़तीं।
राघोपुर विधानसभा क्षेत्र वैशाली जिले में आता है। यहां कुल दो लाख अस्सी हजार मतदाता हैं। यादव मुस्लिम और दलित वोटर निर्णायक हैं। 2020 में तेजस्वी को साठ हजार से ज्यादा वोट मिले थे। इस बार भी सर्वे में वे आगे चल रहे हैं। प्रेम यादव के समर्थन से उनकी जीत पक्की मानी जा रही है। तेजस्वी अगर जीतते हैं तो मुख्यमंत्री पद के दावेदार मजबूत हो जाएंगे।
यह फैसला तेज प्रताप की परिपक्वता भी दिखाता है। उन्होंने परिवार की बड़ी तस्वीर देखी और पीछे हट गए। तेज प्रताप ने कहा कि मैं बड़ा भाई हूं भाई की जीत मेरी जीत है। आने वाले समय में पार्टी को और मजबूत करेंगे। राजद कार्यकर्ता खुश हैं कि अब पूरी ताकत एक उम्मीदवार पर लगेगी।
बिहार में ऐसे कई उदाहरण हैं जहां परिवार के झगड़े से सीटें गईं। लेकिन लालू परिवार ने समय रहते संभल लिया। यह महागठबंधन के लिए अच्छा संकेत है। पहले चरण की 121 सीटों में से कई पर यादव वोट अहम हैं। अगर परिवार एकजुट रहा तो महागठबंधन को फायदा होगा।
राघोपुर की जनता भी खुश है। एक स्थानीय resident रामविनोद यादव ने कहा कि दोनों भाई मिल गए अच्छा हुआ। वोट बंटता तो बाहर वाले जीत जाते। अब तेजस्वी भारी मतों से जीतेंगे। एक अन्य महिला मतदाता ने कहा कि लालू जी की तबीयत ठीक नहीं है बच्चे एक हो गए भगवान करे महागठबंधन जीते।
चुनाव आयोग ने नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी कर ली। अब राघोपुर में तीन मुख्य उम्मीदवार बचे हैं। मतदान के दिन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं। तेजस्वी यादव ने कार्यकर्ताओं से शांतिपूर्ण मतदान की अपील की। प्रेम यादव भी प्रचार में जुट गए हैं। दोनों भाईयों की एकता की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।
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