प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नीदरलैंड्स में भारतीय हॉकी के विकास में डच प्रशिक्षकों के अभूतपूर्व योगदान को सराहा

अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री ने भारतीय खेल इतिहास में, विशेष रूप से राष्ट्रीय खेल हॉकी के पुनरुत्थान में नीदरलैंड्स के रणनीतिक और तकनीकी योगदान की गहराई से चर्चा की। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार वैश्विक स्तर पर क्रिकेट के खेल और उसकी लोकप्रियता को ब

May 17, 2026 - 10:34
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नीदरलैंड्स में भारतीय हॉकी के विकास में डच प्रशिक्षकों के अभूतपूर्व योगदान को सराहा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नीदरलैंड्स में भारतीय हॉकी के विकास में डच प्रशिक्षकों के अभूतपूर्व योगदान को सराहा

  • महिला हॉकी टीम के मुख्य कोच शोर्ड मारिन की प्रधानमंत्री ने की विशेष प्रशंसा, वैश्विक मंच पर बढ़ते तालमेल को सराहा
  • हॉकी विश्व कप में भारतीय प्रवासियों से टीम का हौसला बढ़ाने का किया आह्वान, खेल को बताया दोनों देशों की अटूट दोस्ती का माध्यम

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी नीदरलैंड्स यात्रा के दौरान भारतीय और डच संबंधों के एक बेहद महत्वपूर्ण और जीवंत आयाम को वैश्विक पटल पर रखा है। नीदरलैंड्स में रह रहे प्रवासी भारतीय समुदाय के एक विशाल और भव्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच खेल के क्षेत्र में बढ़ते सहयोग पर विस्तार से प्रकाश डाला। अपने संबोधन में उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि भारत और नीदरलैंड्स के बीच सांस्कृतिक और व्यापारिक रिश्तों के अलावा खेल एक ऐसा मजबूत सेतु है, जो दोनों देशों के नागरिकों को एक-दूसरे के बेहद करीब लाता है। खेल कूटनीति के इस पहलू को उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को एक नई गति देने वाला सबसे प्रभावी माध्यम बताया।

अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री ने भारतीय खेल इतिहास में, विशेष रूप से राष्ट्रीय खेल हॉकी के पुनरुत्थान में नीदरलैंड्स के रणनीतिक और तकनीकी योगदान की गहराई से चर्चा की। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार वैश्विक स्तर पर क्रिकेट के खेल और उसकी लोकप्रियता को बढ़ाने में भारतीय खिलाड़ियों और प्रशंसकों का एक बहुत बड़ा ऐतिहासिक योगदान रहा है, ठीक उसी प्रकार भारत में हॉकी के स्तर को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप निखारने और उसे आधुनिक बनाने में नीदरलैंड्स के अनुभवी प्रशिक्षकों ने एक अत्यंत सराहनीय और अनुकरणीय भूमिका निभाई है। डच शैली की रणनीतियों और भारतीय खिलाड़ियों के स्वाभाविक कौशल के इस अनूठे समन्वय ने भारतीय हॉकी को एक नया जीवन और वैश्विक पहचान दी है।

इस अवसर पर देश के प्रधान सेवक ने भारतीय महिला हॉकी टीम के तत्कालीन मुख्य कोच शोर्ड मारिन की खेल के प्रति उनके समर्पण, दूरदर्शिता और कड़े परिश्रम के लिए मंच से विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय महिला हॉकी टीम ने हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में जो अभूतपूर्व और ऐतिहासिक जुझारूपन दिखाया है, उसके पीछे कोच मारिन की वैज्ञानिक प्रशिक्षण पद्धति और रणनीतिक सूझबूझ की एक बहुत बड़ी भूमिका रही है। इस सार्वजनिक सराहना के बाद कोच शोर्ड मारिन ने भी अपनी त्वरित प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे अपने और पूरी टीम के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण बताया, जिससे टीम को आगामी विश्व कप और एशियाई खेलों जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में अपना सर्वोत्कृष्ट प्रदर्शन करने की एक नई और अदम्य प्रेरणा मिलेगी। शोर्ड मारिन के रणनीतिक मार्गदर्शन में भारतीय महिला हॉकी टीम ने टोक्यो ओलंपिक खेलों में इतिहास रचते हुए अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था और अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद चौथा स्थान हासिल किया था। इस ऐतिहासिक सफर के बाद टीम का मनोबल काफी ऊंचा हुआ है और वर्तमान समय में भी यह टीम डच प्रशिक्षण पद्धतियों के सहारे आगामी विश्व कप और अन्य महाद्वीपीय चैंपियनशिपों के लिए खुद को शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार करने में पूरी मुस्तैदी के साथ जुटी हुई है।

प्रधानमंत्री ने खेल जगत के पुराने पन्नों को पलटते हुए इस बात का भी विशेष स्मरण कराया कि शोर्ड मारिन से पहले भी नीदरलैंड्स के कई दिग्गज रणनीतिकारों ने भारतीय हॉकी को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाने का काम किया है। उन्होंने नीदरलैंड्स के ही रोलेंट ओल्टमेंस का विशेष रूप से उल्लेख किया, जो अतीत में भारतीय पुरुष हॉकी टीम के मुख्य कोच के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं और जिनके कार्यकाल में भारतीय टीम ने अपनी रक्षात्मक और आक्रामक तकनीकों में व्यापक सुधार किए थे। यह निरंतरता इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि भारत ने हमेशा से ही डच हॉकी संस्कृति की श्रेष्ठता को स्वीकार किया है और उसे अपने खेल तंत्र में शामिल करने का लगातार प्रयास किया है।

आगामी खेल आयोजनों को देखते हुए प्रधानमंत्री ने नीदरलैंड्स की सह-मेजबानी में आयोजित होने वाले हॉकी विश्व कप के महत्व को रेखांकित किया और वहां रह रहे भारतीय प्रवासियों से एक विशेष भावुक अपील की। उन्होंने प्रवासी भारतीयों से आग्रह किया कि वे स्टेडियमों में भारी संख्या में पहुँचकर तिरंगे झंडे के साथ भारतीय टीम की हौसलाअफजाई करें और खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाएं। उन्होंने खेल की भावना को सर्वोपरि रखते हुए एक अत्यंत सुंदर संदेश दिया कि आगामी विश्व कप के मुकाबलों में मैदान पर चाहे जो भी टीम विजयी होकर उभरे, लेकिन इस खेल महाकुंभ के आयोजन से भारत और नीदरलैंड्स के बीच की ऐतिहासिक और प्रगाढ़ दोस्ती की जीत हर हाल में सुनिश्चित होगी।

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