उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का अखिलेश यादव पर कड़ा प्रहार: नोएडा की रैली को बताया पूरी तरह 'फ्लॉप शो'

उत्तर प्रदेश की राजनीति में पश्चिमी हिस्से का अपना एक अलग महत्व है, और इसी को साधने के लिए समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश

Mar 30, 2026 - 12:27
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उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का अखिलेश यादव पर कड़ा प्रहार: नोएडा की रैली को बताया पूरी तरह 'फ्लॉप शो'
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का अखिलेश यादव पर कड़ा प्रहार: नोएडा की रैली को बताया पूरी तरह 'फ्लॉप शो'
  • खाली कुर्सियों ने बयां की सच्चाई: ब्रजेश पाठक बोले- जनता ने नकारा, सपा के 'अंधविश्वास' और 'अथॉरिटी' वाली राजनीति का अंत
  • नोएडा के 'मिथक' को तोड़ने की कोशिश नाकाम: उपमुख्यमंत्री ने सपा प्रमुख की जनसभा को बताया केवल फोटो खिंचवाने का जरिया

उत्तर प्रदेश की राजनीति में पश्चिमी हिस्से का अपना एक अलग महत्व है, और इसी को साधने के लिए समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने 29 मार्च, 2026 को नोएडा के दादरी स्थित मिहिर भोज डिग्री कॉलेज के मैदान में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया। इस रैली को समाजवादी पार्टी ने 'मिशन 2027' के शंखनाद के रूप में प्रचारित किया था, जिसमें दावा किया गया था कि पश्चिमांचल के 32 जिलों के कार्यकर्ता हिस्सा लेंगे। हालांकि, इस रैली के संपन्न होते ही भारतीय जनता पार्टी ने इसे घेरे में ले लिया। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस आयोजन को पूरी तरह से असफल करार देते हुए कहा कि जिस उत्साह और भीड़ का दावा समाजवादी पार्टी कर रही थी, वह धरातल पर कहीं नजर नहीं आई। पाठक के अनुसार, नोएडा की जागरूक जनता ने सपा की नकारात्मक और जातिवादी राजनीति को सिरे से खारिज कर दिया है।

ब्रजेश पाठक ने अपने बयान में इस बात पर विशेष जोर दिया कि रैली के दौरान मैदान में बड़ी संख्या में कुर्सियां खाली पड़ी रहीं, जो इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि आम जनमानस अब समाजवादी पार्टी की नीतियों के साथ जुड़ाव महसूस नहीं कर रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में नोएडा और ग्रेटर नोएडा को केवल 'ठेका, पट्टा और वसूली' का केंद्र बना दिया गया था। उस दौर में नोएडा के विकास की चर्चा कम और वहां से होने वाली अवैध उगाही की चर्चा अधिक होती थी। उपमुख्यमंत्री का मानना है कि जनता उन पुराने दिनों के भ्रष्टाचार और गुंडाराज को भूली नहीं है, यही कारण है कि अखिलेश यादव की उपस्थिति के बावजूद लोगों ने इस रैली से दूरी बनाए रखी। उनके अनुसार, यह फ्लॉप रैली सपा के घटते जनाधार की पुष्टि करती है।

उपमुख्यमंत्री ने अखिलेश यादव के नोएडा दौरे के पीछे छिपे 'अंधविश्वास' के पहलू को भी आड़े हाथों लिया। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक लंबे समय से यह मिथक प्रचलित रहा है कि जो भी मुख्यमंत्री नोएडा का दौरा करता है, उसकी सत्ता चली जाती है। ब्रजेश पाठक ने कहा कि जो नेता मुख्यमंत्री रहते हुए केवल अपनी कुर्सी जाने के डर से कभी नोएडा आने की हिम्मत नहीं जुटा सका, वह आज सत्ता की लालसा में उसी जमीन पर आकर वोट मांग रहा है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव का यह दौरा विकास की किसी नई सोच से प्रेरित नहीं है, बल्कि यह उनकी सत्ता पाने की बेचैनी का नतीजा है। जनता समझ चुकी है कि जो नेता अंधविश्वास के कारण विकास कार्यों की समीक्षा करने नोएडा नहीं आ सका, वह प्रदेश का भला कैसे कर सकता है।

ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी की कार्यशैली पर प्रहार करते हुए कहा कि सपा वास्तव में 'समाजवादी' नहीं बल्कि 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी' के रूप में काम करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के पास विकास का कोई ठोस रोडमैप नहीं है और वे केवल भ्रम फैलाकर लोगों को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। नोएडा जैसे आधुनिक और औद्योगिक शहर में सपा की रैली का विफल होना यह दर्शाता है कि वहां का युवा और मध्यम वर्ग अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विकास मॉडल पर भरोसा कर रहा है। पाठक ने दावा किया कि भाजपा सरकार ने नोएडा को एक वैश्विक पहचान दिलाई है, जबकि सपा के समय में यहाँ केवल भू-माफियाओं और भ्रष्ट अधिकारियों का बोलबाला था। अखिलेश यादव की यह रैली नोएडा एयरपोर्ट के लोकार्पण के ठीक अगले दिन आयोजित की गई थी। भाजपा इसे विकास बनाम विनाश की लड़ाई के रूप में पेश कर रही है। उपमुख्यमंत्री का कहना है कि जहां भाजपा हवाई अड्डों और एक्सप्रेसवे का निर्माण कर रही है, वहीं विपक्ष केवल रैलियों के माध्यम से व्यवधान पैदा करने की कोशिश कर रहा है।

विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए ब्रजेश पाठक ने कहा कि अखिलेश यादव रैली में संवैधानिक संकट की बात कर रहे हैं, जबकि वास्तव में संकट उनकी अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता पर है। उन्होंने कहा कि जनता ने 2017, 2019, 2022 और 2024 के चुनावों में बार-बार सपा को आईना दिखाया है, लेकिन इसके बावजूद वे अपनी गलतियों से सीखने को तैयार नहीं हैं। नोएडा की इस रैली में भीड़ जुटाने के लिए कथित तौर पर बाहरी जनपदों से कार्यकर्ताओं को बुलाने और कुछ संस्थाओं के माध्यम से लोगों को लाने के आरोपों पर भी सरकार की नजर है। उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में भीड़ केवल सिरों की गिनती नहीं होती, बल्कि वह जनता के विश्वास का प्रतीक होती है, जो इस रैली में पूरी तरह नदारद था। उत्तर प्रदेश में सुशासन और कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए ब्रजेश पाठक ने कहा कि आज प्रदेश में भयमुक्त वातावरण है, जिससे औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश बढ़ रहा है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा आज निवेश के सबसे बड़े केंद्र बन चुके हैं, और यहां की जनता स्थिरता चाहती है। उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख को यह समझना चाहिए कि रैलियां केवल फोटो खिंचवाने या सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोरने के लिए नहीं होनी चाहिए। अगर जनता का समर्थन नहीं है, तो ऐसी रैलियों का कोई राजनीतिक अर्थ नहीं रह जाता। ब्रजेश पाठक के अनुसार, दादरी की यह जनसभा सपा के लिए एक बड़ी सीख होनी चाहिए कि बिना किसी सकारात्मक एजेंडे के वे जनता के बीच अपनी जगह नहीं बना सकते।

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